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भारत और अमेरिका ने सैन्य सहयोग समझौता किया

Wed, 13 Apr 2016 भारत और अमेरिका ने 12 अप्रैल 2016 को महत्वपूर्ण सैन्य सहयोग समझौता किया. इसके तहत दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के सामान और सैन्य ठिकानों का प्रयोग मरम्मत और आपूर्ति के लिए कर सकेंगी.

•    समझौता रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और भारत दौरे पर आए अमेरिका के रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर के बीच हुआ.
•    कुछ ही हफ्ते में दोनों देश समझौते पर हस्ताक्षर कर देंगे.
•    इस समझौते से दोनों देशों की सेनाओं को बेहतर तरीके से अभ्यास के साथ अन्य क्षेत्रों में समन्वय स्थापित करने में सहयोग मिलेगा.
•    समझौते के बाद दोनों एक-दूसरे को आसानी से ईंधन बेच सकेंगे या भारत को कलपुर्जे मुहैया कराए जा सकेंगे.

दोनों देशों के बीच के मुख्य बिंदु- •    रक्षा सहयोग प्रगाढ़ होगा.
•    पनडुब्बी रोधी युद्ध और पनडुब्बी सुरक्षा में नौवहन सहयोग पर सहमति
•    पनडुब्बी से संबंधित मुद्दों पर नौसेना स्तर की वार्ता को मजबूत करने का फैसला
•    भविष्य में व्हाइट शिपिंग समझौता कर समुद्री क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ाएंगे
•    सामरिक पहल के तहत सामरिक जैविक अनुसंधान इकाई स्थापित की जाएगी

दोनों देशों के बीच दक्षिण चीन सागर पर चर्चा •    दोनों देशों के साझा बयान में कहा गया कि दक्षिण चीन सागर समेत सभी क्षेत्रों में समुद्री आवागमन और हवाई उड़ानों स्वतंत्रता होनी चाहिए.
•    चीन का इस क्षेत्र में कई पड़ोसी देशों से विवाद चल रहा है.

अमेरिका ने भारत में लड़ाकू विमान बनाने का प्रस्ताव दिया •    अमेरिका ने मेक इन इंडिया के तहत भारत में लड़ाकू विमान का प्रस्ताव भी दिया है. इसमें एफ-16 और एफ-18 लड़ाकू विमान भारत में विनिर्मित करने के प्रस्ताव हैं.

भारत ने पाक को एफ-16 की बिक्री पर आपत्ति व्यक्त की •    भारत ने कार्टर के समक्ष पाकिस्तान को एफ-16 की बिक्री का मुद्दा पर चर्च की और विरोध व्यक्त किया. हालांकि कार्टर ने स्पष्टी किया कि आतंकवाद रोधी अभियान के तहत यह बिक्री की गई है.

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