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जानें क्‍यों सिगरेट से भी अधिक नुकसानदेह हैं कैंडल्स | होठों का कालापन दूर करने के प्राकृतिक उपाय

  December 17, 2015 | www.onlymyhealth.com Email to friend | Subscribe Now जानें क्‍यों सिगरेट से भी अधिक नुकसानदेह हैं कैंडल्स हैप्पीनेस क्‍या आप जानते हैं कि कैंडल्‍स की खुशबू में मौजूद केमिकल सांसों के द्वारा शरीर के अंदर जाकर सिगरेट की तुलना में अधिक हानिकारक होते है। और पढ़ें » होठों का कालापन दूर करने के प्राकृतिक उपाय सौंदर्य अगर आप भी अपने होठों के फटने या कालेपन से परेशान हैं तो इस स्‍लाइड शो में बताए गए प्राकृतिक उपायों को अपनाकर अपनी समस्‍या से छुटकारा पा सकते हैं। और पढ़ें » पुरुषों में कैंसर के दस शुरुआती लक्षण कैंसर कैंसर के शुरुआती लक्षणों को अगर पहचान लिया जाये तो इसे खतरनाक स्थिति तक पहुंचने से रोका जा सकता है, इसके शुरुआती लक्षणों को जानने के बाद इसके उपचार में आसानी होती है। और पढ़ें » इतनी बुरी भी नहीं है बीयर खेल और फिटनेस बीयर पीने से पेट निकलता है...

Jahar kha lene par bachav....

परिचय- बहुत से व्यक्ति जानकर या अनजाने में जहर जैसी खतरनाक चीज का सेवन कर लेते हैं जो शरीर में जाकर पेट में दर्द, जलन, दस्त, उल्टी, अनिद्रा, बेहोशी आदि के लक्षण प्रकट कर देता है। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा न मिलने की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है। जहर कई प्रकार के होते हैं- जिनमें से कई ऐसे होते हैं जो हमारे रोजाना की जिंदगी में प्रयोग होते हैं जैसे- बासी भोजन, मिट्टी का तेल, पेट्रोल, फिनाइल, फर्श-पॉलिश, कीटनाशी रसायन, डिटरजेंट, टॉयलेट क्लीनर और एल्कली, तेजाब, दीवारों के रंग तथा बहुत से रसायन। इनके अलावा ऐसी और भी बहुत सी चीजें हैं जिनको अगर सही मात्रा में ले तों वह मनुष्य के लिए खुराक का काम करती हैं लेकिन अगर उनको ज्यादा मात्रा में ले लिया जाए तो वही जहर का काम भी करती है। व्यस्कों की तुलना में बच्चों, खासकर छोटे बच्चों द्वारा अनजाने में घर में मौजूद जहरीली वस्तुओं को खा लेने का खतरा बहुत अधिक होता है। इसलिए जहर के बारे में 'रोक इलाज से बेहतर' नीति का पालन करना ही अच्छा होता है। जहर का सेवन करने की ज्यादातर घटनाएं घरों में ही होती हैं-जैसे- 34 प्रतिशत र...

Our body.....

परिचय- हमारे शरीर की सारी हड्डियां एक-दूसरे से मिलकर जो ढॉचा तैयार करती हैं उसे अस्थिपिंजर कहते हैं। इसी अस्थिपिंजर के द्वारा ही हमारा शरीर खड़ा होता है। एक व्यस्क व्यक्ति के शरीर में कुल मिलाकर 206 हड्डियां होती हैं। हड्डियां तीन प्रकार की होती है- लम्बी छोटी चपटी हड्डियों का मुख्य कार्य- शरीर को आकृति और मजबूती देना। मांसपेशियों को चिपकाकर रखना। अलग-अलग जोड़ों पर पुट्ठों को आपस में जोड़कर रखना। शरीर के जरूरी अंगों की रक्षा करना जैसे- मस्तिष्क, फेफड़े, दिल आदि। मज्जा के रक्त की लाल कोशिकाओं का निर्माण करना। हड्डियों के जोड़- शरीर में जिस स्थान पर दो या उससे अधिक हड्डियां जुड़ती है उसको जोड़ कहते हैं। जोड़ दो प्रकार के होते हैं- अचल जोड़- यह जोड सिर की हड्डियों में पाया जाता है। सचल जोड़- यह गेंद और कटोरी के आकार का जोड़ होता है। इस प्रकार का जोड़ कंधे में पाया जाता है। कम सचल जोड़- रीढ़ की हड्डियों के जोड़ को कम सचल जोड़ कहा जाता है। कब्जेदार जोड़- यह जोड़ कोहनी व घुटने में पाया जाता है। अस्थिबंध- जोड़ों को बांधने तथा सहारे का कार्य अस्थिबंध करते हैं। मांसपेशियां- मांसपेशियां हड्डियों...