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मार्च 4, 2015 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

कब्रिस्तान में लगी वो शर्त ...

, पढ़ने वाले इस कहानी को भी मनगढ़ंत मानकर नजरअंदाज कर देंगे लेकिन किसी के मानने या ना मानने से सच तो नहीं बदल सकता और सच यही है कि उस रात एक छोटी सी शर्त लगाकर शायद मैंने अपने जीवन के सबसे भयानक और खौफनाक पल को आमंत्रित किया था. बात आज से 5 साल पहले की है. मैंने अपनी जॉब चेंज की और जिस कंपनी को जॉइन किया उसका हेड क्वार्टर बंगलुरू में था. एक सेमिनार के लिए मुझे अपने ऑफिस की तरफ से बंगलुरू जाना पड़ा जहां अन्य शहरों में स्थित ब्रांचों से भी लोग आए थे. उन्हीं सब लोगों में से तीन अजय, नवीन और अमित से मेरी अच्छी दोस्ती हो गई. हम चारो कंपनी के गेस्ट हाउस में रुके हुए थे. 2 दिन तक चलने वाले इस सेमिनार का टाइम सुबह 9 से 5:30 तक का था इसीलिए हम तीनों के पास काफी समय बच जाता था. अजय, नवीन और अमित के स्वभाव एक-दूसरे से पूरी तरह अलग थे. अजय बहुत बातूनी और मजाकिया था वहीं नवीन बहुत कम बोलता था. नवीन की ही तरह अमित भी थोड़ा रिजर्व था लेकिन उसका सेंस ऑफ ह्यूमर बहुत मजेदार था. एक बार हम सभी साथ बैठे हुए थे तभी अजय ने कहा मैंने देखा है होटल के पीछे एक कब्रिस्तान है, अगर टाइम मिला तो वहां जरूर जाएंगे. अ...

शिव को ब्रह्मा का नाम क्यों चाहिए था ? जानिए अद्भुत अध्यात्मिक सच्चाई

हिंदू धर्म में 18 पुराण हैं. सभी पुराण हिंदू भगवानों की कहानियां बताते हैं. कुछ समान बातों के अलावे सभी कुछ हद तक अलग-अलग कहानियां बयां करते हैं. इसमें त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) के जन्म के साथ ही देवताओं की भी कहानियां सम्मिलित हैं. वेदों में भगवान को निराकार रूप बताया है जबकि पुराणों में त्रिदेव सहित सभी देवों के रूप का उल्लेख होने के साथ ही उनके जन्म की कहानियां भी हैं. भगवान शिव को 'संहारक' और 'नव का निर्माण' कारक माना गया है. अलग-अलग पुराणों में भगवान शिव और विष्णु के जन्म के विषय में कई कथाएं प्रचलित हैं. शिव पुराण के अनुसार भगवान शिव को स्वयंभू (सेल्फ बॉर्न) माना गया है जबकि विष्णु पुराण के अनुसार भगवान विष्णु स्वयंभू हैं. शिव पुराण के अनुसार एक बार जब भगवान शिव अपने टखने पर अमृत मल रहे थे तब उससे भगवान विष्णु पैदा हुए जबकि विष्णु पुराण के अनुसार ब्रह्मा भगवान विष्णु की नाभि कमल से पैदा हुए जबकि शिव भगवान विष्णु के माथे के तेज से उत्पन्न हुए बताए गए हैं. विष्णु पुराण के अनुसार माथे के तेज से उत्पन्न होने के कारण ही शिव हमेशा योगमुद्रा में रहते हैं. शिव के ज...

मृत्यु से कुछ मिनट पहले क्या सोचता है इंसान? पढ़िए एक हैरान करने वाला खुलासा

मृत्यु से कुछ मिनट पहले क्या सोचता है इंसान? पढ़िए एक हैरान करने वाला खुलासा अकसर हमारे दिमाग में मृत्यु को लेकर अनेक तरह की धारणाएं हैं जैसे: मौत के बाद क्या होता है, मरने के बाद इंसान की आत्मा कहां जाती है, पुनर्जन्म किन परिस्थितियों में होता है इत्यादि! कई तरह के वैज्ञानिक और पौराणिक शोधों के बावजूद आज भी इंसान उपरोक्त सवालों को लेकर असमंजस में है. खैर, यह तो मृत्यु के बाद की स्थिति है, लेकिन मृत्यु से चंद मिनट पहले भी हर किसी के अंदर यह जिज्ञासा बनी रहती है कि मरने वाला इंसान उस दौरान सोचता क्या है? विशेषज्ञों की मानें तो स्वर्गवासी होने से पहले व्यक्ति जीवन के उन पलों को याद करता है जिसका संबंध उसके अच्छे और बुरे होने से है. ज्यादातर वह व्यक्ति अपने उन बुरे कर्मों को याद करता है जब उसने जीवन जीने के दौरान दूसरे पर किए. वहीं अगर हॉस्पिटल में काम करने वाली नर्सों की बात करें जो अकसर मृत्यु के दौरान अपने मरीजों के पास होती हैं तो व्यक्ति स्वर्गवासी होने से पहले बहुत ही शांत रहने की कोशिश करता है. उस दौरान उसका दिल बहुत ही बड़ा हो जाता है और उन सभी बातों की पोल खोलता है जिनके बारे मे...

रात के अंधेरे में भटकती रूहों की दर्दनाक कहानी

भूत-प्रेत, पिशाच, आत्माएं इंसानी दुनिया से अलग-थलग संसार बसाकर ऐसी ही कुछ पारलौकिक ताकतें बिना किसी परेशानी के विचरण करती हैं. जिस तरह जीवित लोगों की दुनिया में इनका प्रवेश वर्जित माना जाता है उसी प्रकार अगर आप और हम किसी भी तरह से उनकी अंधेरों से घिरी दुनिया में कदम रखने की कोशिश करते हैं तो उन्हें यह बात बिल्कुल सहन नहीं होती और वह हमारे इस दुस्साहस का बदला लेने के लिए अपनी सीमाएं तोड़कर इंसानी दुनिया में दखल देने लगते हैं. हजारों वर्षों पहले लगे एक तांत्रिक के श्राप से आज भी भानगढ़ का किला जूझ रहा है. पुरातत्व वैज्ञानिकों और राज्य सरकार द्वारा वहां लिखित तौर पर यह चेतावनी दी गई है कि सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद कोई भी व्यक्ति वहां ना तो ठहरेगा और ना ही जाएगा. वहां कुछ तो जरूर होगा. अब हम आपको भारत के ऐसे दूसरे स्थान के बारे में बताने जा रहे हैं जहां ऐसी ही कुछ भटकती रूहों ने अपना आशियाना बना लिया है. गुजरात की चर्चित दुमास बीच ऐसी ही एक जगह है जहां हर समय मरे हुए लोग विचरण करते …. हिंदू धर्म में मरने के बाद मृत शरीर का दाह संस्कार किए जाने के बाद ही उसे मुक्ति या मो...

भानगढ़ - सूरज ढलते ही दिखाई देता है खौफनाक मंजर

भूत-प्रेत की कहानियां पढ़ने और सुनने में तो बहुत रोमांचक लगती हैं लेकिन जरा सोचिए अगर ऐसे ही कुछ वास्तव में आपके साथ घटित हो जाए तो क्या फिर भी आप उतने रोमांचित रहेंगे या डर के मारे थर-थर कांपने लगेंगे? किसी पारलौकिक शक्ति या प्रेत आत्मा का आसपास होने का अहसास भी शरीर में एक अजब सी सिरहन पैदा कर देता है तो ऐसे में जाहिर सी बात है जब आपका सामना ऐसी किसी ताकत से हो जाएगा तो आपका रोमांच भी वहीं दम तोड़ देग वैसे तो कहने को बहुत सी ऐसी जगह हैं जहां यह माना जाता है कि यहां आत्माओं का वास है. कोई वीरान और अकेला घर हो या एक लंबे समय से खाली पड़ी इमारत, इसके अलावा वह स्थान जहां किसी दुर्घटना की वजह से किसी की जान चली गई हो उसे भी रहने योग्य नहीं माना जाता क्योंकि लोगों का मानना है कि जिन लोगों की जान दुर्घटना में जाती है उनकी आत्मा को मुक्ति नहीं मिलती और वे भटकते रहते हैं. कहने को तो बहुत सी जगहों को हॉंटेड या भूतहा कहा जा सकता है लेकिन भारत में एक स्थान ऐसा है जहां प्रमाणिक तौर पर यह कहा जा सकता है कि उस स्थान में कुछ ना कुछ गड़बड़ तो जरूर है और वह स्थान है राजस्थान स्थित भानगढ़ किला. यह...

Take small profits and do multiple trades

The successful strategy for day trading is to "take small profits and do multiple trades". Basically it has been observed that many times traders especially day traders loose money due lack of knowledge. For example - Suppose if day trader's buying price is at Rs.200 then he waits till the price goes to minimum Rs.204 or Rs.205 and then they will plan to book profit, which is highly impossible on very frequent basis in single trade or in single move. If you are expecting Rs.4 to Rs.5 as profit on share price of Rs.200 in single move then you are expecting 2% profit in single trade. So do you think it is convincing you? We feel this doesn't sound practical and this is the reason why traders loose money after waiting for long time. Your intention is to earn money in a day, so just concentrate on small profits and do multiple trades instead of wishing to get huge profit in just single trade. Markets are always right so to avoid the further risk it is always...

Avoid Over trading

Day Trading Practice Don't do day trading unless you do paper trading practice precisely if you are new comer. Avoid Over trading Be Practical Don't guess the market and stock direction but rather be practical and analyze the situation and then trade. Don't assume anything because market can move in any direction and at any time. Everyday is not Trading Day Every day is not trading day so if you don't understand or not able to analyze the market or stock direction for any day then close the trading session for a day or for some time.How to avoid losses in day trading?Welcome to Indian Share MarketYour Desire to Earnin day trading it is not possible to get profit for every trade you do in a day. You may have to even incur some losses. So the bottom line is how to reduce these losses. Have a look on following few important precautions which will help to reduce losses in day trading.Take Small Profits and Do Multiple Trades Remember you are doing day tr...