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अगस्त 1, 2014 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

घरेलू नुस्खे.......

छोटी-मोटी परेशानियों के लिए घरेलू नुस्खे....! कांच या कंकर खाने में आने पर ईसबगोल भूसी गरम दूध के साथ तीन समय सेवन करें। * घाव न पके, इसलिए गरम मलाई (जितनी गरम सहन कर सकें) बांधें। * तुतलापन दूर करने के लिए रात को सोने से पांच मिनट पूर्व दो ग्राम भुनी फिटकरी मुंह में रखें। * बच्चों का पेट दर्द होने पर अदरक का रस, पांच ग्राम तुलसी पत्र घोटकर, औटाकर बच्चों को तीन बार पिलाएं। * सर्दियों में बच्चों की सेहत के लिए तुलसी के चार पत्ते पीसकर 50 ग्राम पानी में मिलाएं। सुबह पिलाएं। * आमाशय का दर्द तुलसी पत्र को चाय की तरह औटाकर सुबह-सुबह लेना लाभदायक। * सीने में जलन हो तो पावभर ठंडे जल में नीबू निचोड़कर सेवन करें। * शराब ज्यादा पी ली हो तो छह माशा फिटकरी को पानी/दूध में मिलाकर पिला दें या दो सेबों का रस पिला दें। * अरहर के पत्तों का रस पिलाने से अफीम का नशा कम हो जाता है। * आधी छटांक अरहर दाल पानी में उबालकर उसका पानी पिलाने से भांग का नशा कम हो जाता है। * केला हजम करने के लिए दो छोटी इलायची काफी होती है। * आम ज्यादा खा लिए हों तो हजम करने के लिए थोड़ा सा नमक सेवन कीजिए। ...

घरेलू नुस्खे....

गठिया की रामबाण दवा...! एक अछि (अच्छी) दावा है , एक पेड़ होता है उसे हिंदी में हरसिंगार कहते है..! संस्कृत पे पारिजात कहते है, बंगला में शिउली कहते है , उस पेड़ पर छोटे छोटे सफ़ेद फूल आते है, और फूल की डंडी नारंगी रंग की होती है, और उसमे खुसबू बहुत आती है, रात को फूल खिलते है और सुबह जमीन में गिर जाते है। इस पेड़ के पांच पत्ते तोड़ के पत्थर में पिस के चटनी बनाइये और एक ग्लास पानी में इतना गरम करो के पानी आधा हो जाये फिर इसको ठंडा करके पियो तो बीस बीस साल पुराना गठिया का दर्द इससे ठीक हो जाता है। और ये ही पत्ते को पीस के गरम पानी में डाल के पियो तो बुखार ठीक कर देता है और जो बुखार किसी दावा से ठीक नही होता वो इससे ठीक होता है; जैसे चिकनगुनिया का बुखार, डेंगू फीवर, Encephalitis , ब्रेन मलेरिया, ये सभी ठीक होते है।

घरेलू नुस्खे

खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए चंद आयुर्वेदिक नुस्खे....! काम आज दाम्पत्य जीवन की औपचारिकता भर रह गया है, इन्ही कारणों से यौन संबंधों को लेकर असंतुष्ट युगलों की संख्या में निरंतर इजाफा हो रहा है, ऐसी स्थिति में आयुर्वेद एवं आयुर्वेदिक औषधियां मददगार हो सकती है.... असगंध, विधारा, शतावर, सफ़ेद मूसली, तालमखाना के बीज, कौंच बीज प्रत्येक 50-50 ग्राम की मात्रा में लेकर दरदरा कर कपडे से छान लें तथा 350 ग्राम मिश्री मिला लें, इस नुस्खे को 5-10 ग्राम की मात्रा में सुबह शाम ठन्डे दूध से लें, लगातार एक माह तक लेने से यौन सामर्थ्य में वृद्धि अवश्य होगी। -दालचीनी, अकरकरा, मुनक्का और श्वेतगुंजा को एक साथ पीसकर इन्द्रिय पर लेप करें तथा सम्भोग के समय कपडे से पोछ डालें, यह योग इन्द्रियों में रक्त के संचरण को बढाता है। शुद्ध शिलाजीत 500 मिलीग्राम की मात्रा में ठन्डे दूध में घोलकर सुबह शाम पीने से भी लाभ मिलता है। -शीघ्रपतन की शिकायत हो तो धाय के फूल, मुलेठी, नागकेशर, बबूलफली इनको बराबर मात्रा में लेकर, इसमें आधी मात्रा में मिश्री मिलाकर, इस योग को 5-5 ग्राम की मात्रा में सेवन लगातार एक माह तक कर...

घरेलू नुस्खे

रहे आप आजीवन स्वस्थ....! (१)खड़े -खड़े पानी पीने से घुटनों में दर्द की बीमारी होती है इसलिए खाना पीना बैठ कर करना चाहिए . (२)नक्क्सीर आने पर तुरंत नाक में देशी घी लगाना चाहिए ,नाक से खून आना तुरंत बंद हो जाता है (३)बच्चों को पेशाब ना उतारे तो स्नान घर में ले जाकर टूटी खोल दें पानी गिराने की आवाज़ सुनकर बच्चे का पेशाब उतर जायेगा (४)बस में उलटी आती हो तो सीट पर अखबार रखकर बैठने से ,उलटी नहीं आती (५)कद बढ़ाने के लिए अश्वगंधा व मिश्री बराबर मात्र में चूरन बना कर १ चम्मच भोजन के बाद लें (६)बाल गिरने लगें हों तो १००ग्राम नारियल तेल में १०ग्राम देशी कपूर मिलाकर जड़ों में लगायें (७)सर में खोरा हो ,शरीर पर सूखी खुजली हो तो भी इसी तेल को लगाने से लाभ मिलता है (८)दिन में दो बार खाना ,तो दो बार शौच भी जाना चाहिए ,क्योंकि "रुकावट" ही रोग होता है (९)आधा सर दर्द होने पर,दर्द होने वाली साईड की नाक में २-३ बूँद सरसों का तेल जोर से सूंघ लें (१०)जुकाम होने पर सुहागे का फूला १ चम्मच ,गर्म पानी में घोल कर पी लें १५ मिनट में जुकाम गायब (११)चहरे को सुन्दर बनाने के लिए १चम्म्...

घरेलू नुस्खे......

हल्दी वाला दूध क्यों पीना है...? रात को सोते समय देशी गाय के गर्म दूध में एक चम्मच देशी गाय का घी और चुटकी भर हल्दी डालें . चम्मच से खूब मिलाकर कर खड़े खड़े पियें. - इससे त्रिदोष शांत होते है. - संधिवात यानी अर्थ्राईटिस में बहुत लाभकारी है. - किसी भी प्रकार के ज्वर की स्थिति में , सर्दी खांसी में लाभकारी है. - हल्दी एंटी माइक्रोबियल है इसलिए इसे गर्म दूध के साथ लेने से दमा, ब्रोंकाइटिस, फेफड़ों में कफ और साइनस जैसी समस्याओं में आराम होता है. यह बैक्टीरियल और वायरल संक्रमणों से लड़ने में मदद करती है. - वजन घटाने में फायदेमंद गर्म दूध के साथ हल्दी के सेवन से शरीर में जमा चर्बी घटती है. इसमें मौजूद कैल्शियम और मिनिरल्स सेहतमंद तरीके से वजन घटाने में सहायक हैं। - अच्छी नींद के लिए हल्दी में अमीनो एसिड है इसलिए दूध के साथ इसके सेवन के बाद नींद गहरी आती है.अनिद्रा की दिक्कत हो तो सोने से आधे घंटे पहले गर्म दूध के साथ हल्दी का सेवन करें. - दर्द से आराम हल्दी वाले दूध के सेवन से गठिया से लेकर कान दर्द जैसी कई समस्याओं में आराम मिलता है. इससे शरीर का रक्त संचार बढ़ जाता है जिससे दर्...

घरेलू नुस्खे.....

नाक से बहता खून...नकसीर को तत्काल रोक देगा यह देशी उपाय....! अक्सर देखा जाता है कि कुछ लोगों को चाहे जब नकसीर की समस्या से जूझना पड़ता है। कुछ गर्म खा लेने या बाहर की गर्मी लग जाने से नकसीर की समस्या कुछ लोगों को ज्यादा ही परेशान करती है। कुछ लोग अपनी नाजुक प्रकृति के कारण नाक पर जरा सी चोट लगते ही नाक से खून बहने की परेशानी से घिर जाते है। किसी किसी को तो यह समस्या हर एक परमानेंट बीमारी की तरह होती जा रही है। लेकिन अब घबराइए नहीं कुछ देशी नुस्खों को अपना कर आप पुरानी से पुरानी नकसीर से छुटकारा पा सकते हैं। गांवों और देहातों में आज भी इन 100 फीसदी कारगर नुस्खों को प्रयोग में लाया जाता है..! तुरन्त नकसीर बन्द करने के लिए -1. थोड़ा सा सुहागा पानी में घोलकर नथूनों पर लगाऐं नकसीर तुरन्त बन्द हो जाएगी। 2. जिस व्यक्ति को नकसीर चल रही है उसे बिठाकर सिर पर ठण्डे पानी की धार डालते हुए सिर भिगों दें। बाद में थोड़ी पीली मिट्टी को भिगोकर सुंघाने से नकसीर तुरन्त बन्द हो जाएगी। 3) प्याज को काटकर नाक के पास रखें और सूंघें। 4) काली मिट्टी पर पानी छिड़ककर इसकी खुशबू सूंघें। 5) रुई...

घरेलू नुस्खे

पुरानी नकसीर की बीमारी को हमेशा के लिए बन्द करने के लिए...! करीब 20 ग्राम मुल्तानी मिट्टी को कूट कर रात के समय मिट्टी के बर्तन में करीब एक गिलासपानी में डालकर भिगो दें। सुबह पानी को निथारकर छान लें। इस साफ पानी को दो तीन दिन पिलाने से वर्षों का पुराना रोग हमेशा के लिए खत्म हो जाता है। विशेष- बच्चों को इस पानी में मिश्री या बताशा मिलाकर पिलाने से किसी भी तरह की नकसीर हमेशा के लिए बन्द हो जाती है। अनुलोम- विलोम प्राणायाम प्रतिदिन सवेरे शाम खाली पेट करते रहने से, नकसीर की समस्या, हो ही नहीं सकती . नकसीर की बीमारी से बचने के लिए गर्म चीज़ न खाएं . बैंगन इत्यादि कुछ सब्जियां भी गर्म होती हैं ; इनके सेवन से बचें .

घरेलू नुस्खे

हार्ट अटैक: 99 प्रतिशत ब्लॉकेज को भी रिमूव कर देता है पीपल का पत्ता....! पीपल के 15 पत्ते लें जो कोमल गुलाबी कोंपलें न हों, बल्कि पत्ते हरे, कोमल व भली प्रकार विकसित हों। प्रत्येक का ऊपर व नीचे का कुछ भाग कैंची से काटकर अलग कर दें। पत्ते का बीच का भाग पानी से साफ कर लें। इन्हें एक गिलास पानी में धीमी आँच पर पकने दें। जब पानी उबलकर एक तिहाई रह जाए तब ठंडा होने पर साफ कपड़े से छान लें और उसे ठंडे स्थान पर रख दें, दवा तैयार। इस काढ़े की तीन खुराकें बनाकर प्रत्येक तीन घंटे बाद प्रातः लें। हार्ट अटैक के बाद कुछ समय हो जाने के पश्चात लगातार पंद्रह दिन तक इसे लेने से हृदय पुनः स्वस्थ हो जाता है और फिर दिल का दौरा पड़ने की संभावना नहीं रहती। दिल के रोगी इस नुस्खे का एक बार प्रयोग अवश्य करें। * पीपल के पत्ते में दिल को बल और शांति देने की अद्भुत क्षमता है। * इस पीपल के काढ़े की तीन खुराकें सवेरे 8 बजे, 11 बजे व 2 बजे ली जा सकती हैं। * खुराक लेने से पहले पेट एक दम खाली नहीं होना चाहिए, बल्कि सुपाच्य व हल्का नाश्ता करने के बाद ही लें। * प्रयोगकाल में तली चीजें, चावल आदि न लें। मां...

घरेलू नुस्खे

स्वस्थ दिल के लिए घरेलू उपचार...! भागदौड़ भरी जिंदगी और बेपरवाह जीवनशैली हमारे दिल को तेजी से बीमार बना रही है। दिल के मरीजों की इस तादाद में युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बीमार दिल अपने साथ कई बीमारियां लेकर आता है। जरा सा काम करने के बाद सांस फूलना, सीढियां चढते वक्त दम भरना और अक्सर छोटे-छोटे काम में पसीना आना बीमार होते दिल की ओर इशारा करते हैं। लेकिन, दिल को दुरुस्त रखने के लिए हमें कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं। इसके लिए कई घरेलू उपाय ही अपनाए जा सकते हैं। आइए जानते हैं उन्हीं उपायों के बारे में- शहद दिल को मजबूत बनाता है। कमजोर दिल वाले एक चम्मच शहद का सेवन रोज करें तो उन्हें फायदा होगा। आप लोग भी शहद का एक चम्मच रोज ले सकते हैं, इससे वे दिल की बीमारियों से बचे रहेंगे। छोटी इलायची और पीपरामूल का चूर्ण घी के साथ सेवन करने से दिल मजबूत और स्वस्थ रहता है। दिल को मजबूत बनाने के लिए गुड को देसी घी में मिलाकर खाने से भी फायदा होता है। लौकी उबालकर उसमें धनिया, जीरा व हल्दी का चूर्ण तथा हरा धनिया डालकर कुछ देर पकाकर खाइए। इससे दिल को शक्ति मिलती है। अलसी के पत्ते और ...

घरेलू नुस्खे

दरक से करे 110 बीमारियो का ईलाज....! विभिन्न रोगों में अदरक से उपचार: 1 हिचकी :- *सभी प्रकार की हिचकियों में अदरक की साफ की हुई छोटी डली चूसनी चाहिए। *अदरक के बारीक टुकड़े को चूसने से हिचकी जल्द बंद हो जाती है। घी या पानी में सेंधानमक पीसकर मिलाकर सूंघने से हिचकी बंद हो जाती है। *एक चम्मच अदरक का रस लेकर गाय के 250 मिलीलीटर ताजे दूध में मिलाकर पीने से हिचकी में फायदा होता है। *एक कप दूध को उबालकर उसमें आधा चम्मच सोंठ का चूर्ण डाल दें और ठंडा करके पिलाएं। *ताजे अदरक के छोटे-छोटे टुकड़े करके चूसने से पुरानी एवं नई तथा लगातार उठने वाली हिचकियां बंद हो जाती हैं। समस्त प्रकार की असाध्य हिचकियां दूर करने का यह एक प्राकृतिक उपाय है।" 2 पेट दर्द :- *अदरक और लहसुन को बराबर की मात्रा में पीसकर एक चम्मच की मात्रा में पानी से सेवन कराएं। *पिसी हुई सोंठ एक ग्राम और जरा-सी हींग और सेंधानमक की फंकी गर्म पानी से लेने से पेट दर्द ठीक हो जाता है। एक चम्मच पिसी हुई सोंठ और सेंधानमक एक गिलास पानी में गर्म करके पीने से पेट दर्द, कब्ज, अपच ठीक हो जाते हैं। *अदरक और पुदीना का रस आधा-आध...

घरेलू नुस्खे..

बालों को झडऩे से रोकने के लिए कुछ खास नुस्खे...! बालों का झडऩा ऐसी समस्या है, जो किसी को भी तनाव में डाल सकती है। आज हर दूसरे व्यक्ति को बालों की समस्या से जूझना पड़ता है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो नीचे दिए आयुर्वेदिक फंडे एक बार जरूर अपनाएं:- - नारियल के तेल में कपूर मिलाएं और यह तेल अच्छी तरह बालों में तथा सिर पर लगाएं। कुछ ही दिनों डेंड्रफ की समस्या से राहत मिलेगी। सामान्यत: सभी के यहां शहद आसानी से मिल जाता है। शहद के औषधीय गुण सभी जानते हैं। शहद की तासीर ठंडी होती है और यह कई बीमारियों को दूर करने में सक्षम है। शहद से बालों का झडऩा भी रोका जा सकता है। बाल झड़ते हैं तो गरम जैतून के तेल में एक चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनी पाउडर का पेस्ट बनाएं। नहाने से पहले इस पेस्ट को सिर पर लगा लें। 15 मिनट बाद बाल गरम पानी से सिर को धोएं। ऐसा करने पर कुछ ही दिनों बालों के झडऩे की समस्या दूर हो जाएगी। -दालचीनी और शहद के मिश्रण काफी कारगर रहता है। आयुर्वेद के अनुसार इनके मिश्रण से कई बीमारियों का इलाज किया जा सकता है। त्वचा और शरीर को चमकदार और स्वस्थ बनाए रखने के लिए इनका उ...

घरेलू नुस्खे.....

घुटने का मांस फटना या ऑस्टियोपोरोसिस....! ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसे खामोश बीमारी है जो कि धीरे-धीरे शरीर की हड्डियों को कमजोर करने लगती है। इसमें हड्डियों का मास घटने लगता है और हड्डियों में मौजूद छोटे-छोटे उत्तक फटने लगते हैं। इस प्रकार हड्डियों में फ्रैक्चर होने का खतरा लगातार बना रहता है। वैसे अधिकतर ये उम्रदराज महिलाओं में पाया जाता है। हालांकि बहुत ही कम लोगों को पता होगा कि ऑस्टियोपोरोसिस की शुरुआत जीवन में बहुत पहले ही हो जाती है, लेकिन परिणाम देर से दिखते हैं। इसीलिए यह सुझाया जाता है कि हमें शुरुआत से ही अपने आहार का ध्यान रखते हुए कैल्शियम व विटामिन डी का सेवन अधिक करना चाहिए। मॉडन जमानें में हर किसी को मॉडन दिखने की चाहत बनी रहती है। जिसका असर अधिकांश महिलाओं पर देखा जा रहा है चूंकि वे हर तरह के फैशन को अपनाती है जैसे हाई हील्स। इसका उपयोग वे अपने दैनिक जीवन में करती रहती है। जिससे महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या दोगुनी तेजी से बढ़ती जा रही है। हील्स जितनी ऊंची होती है उतना ही पैर के अंदर प्रेशर बढ़ता है। करीबन 3 इंच की हील्स पहनने से पंजे पर पड़ने वाला दवाब 76 फीसदी ...

घरेलू नुस्खे

मूत्राशय की जलन....! शुष्क धनिया (दाना) को मोटा-मोटा कूट कर इसका छिलका अलग करें और बीजों के अन्दर की गिरी निकालकर 300ग्राम धनिया की गिरी तथा 300ग्राम मिश्री या चीनी लें । दोनो को अलग-अलग पीसकर आपस मिला लें । बस दवा तैयार है । सेवन विधी - प्रात: सायं छ:-छ: ग्राम की मात्रा से यह चूर्ण बासी पानी के साथ दिन दो बार लें । प्रात: बिना कुछ खायें पींये रात को बासी पानी से छ: ग्राम फाँक लें और तत्पश्चात एक-दो घंटे तक और कुछ न खाएँ। इसी प्रकार छ: ग्राम दवा शाम 4 बजे लगभग प्रात: के रखे पाने के साथ फाँक लें। रात का भोजन इसके दो घंटे पश्चात करें। यह मूत्राशय की जलन दूर करने में अदिव्तीय हैं। आवश्यकतानुसार तीन दिन से इक्कीस दिन तक लें। विशेष - मूत्राशय की जलन के अतिरिक्त वीर्य की उत्तेजना दूर करने में यह प्रयोग अचूक हैं। स्वप्नदोष की बीमारी में इसकी पहली दो खुराकों से ही लाभ प्रतीत होगा। इसे इस बीमारी में तीन दिन से सात दिन तक लेना चाहिए। इस औषधि के सेवन से जहाँ प्रमेह नष्ट होता है, वहाँ प्रमेह, स्वप्न दोष या यौन अव्यवस्थाओं के परिणामस्वरुप होने वाले रोगों जैसे नजर की कमजोरी, धुंधलाहट, सिर ...
गर्भवती की देखभाल...! घरेलू नुस्खे....... गर्भाधान के दिन से ही चावल की खीर, दूध, भात, शतावरी का चूर्ण दूध के साथ रात को सोते समय, प्रातः मक्खन-मिश्री, जरा सी पिसी काली मिर्च मिलाकर ऊपर से कच्चा नारियल व सौंफ खाते रहना चाहिए, यह पूरे नौ माह तक करना चाहिए, इससे होने वाली संतान गौरवर्ण, स्वस्थ, सुडौल होती है। गोराचन 30 ग्राम, गंजपीपल 10 ग्राम, असगंध 10 ग्राम, तीनों को बारीक पीसें, चौथे दिन स्नान के बाद पांच दिनों तक प्रयोग में लाएं, गर्भधारण के साथ ही पुत्र अवश्य पैदा होगा। शक्तिशाली व गोरे पुत्र प्राप्ति के लिए— गर्भिणी स्त्री ढाक (पलाश) का एक कोमल पत्ता घोंटकर गौदुग्ध के साथ रोज़ सेवन करे | इससे बालक शक्तिशाली और गोरा होता है | माता-पीता भले काले हों, फिर भी बालक गोरा होगा | इसके साथ सुवर्णप्राश की २-२ गोलियां लेने से संतान तेजस्वी होगी | पुत्र प्राप्ति हेतु गर्भाधान का तरीका—– पुराने आयुर्वेद ग्रंथों में पुत्र-पुत्री प्राप्ति हेतु दिन-रात, शुक्ल पक्ष-कृष्ण पक्ष तथा माहवारी के दिन से सोलहवें दिन तक का महत्व बताया गया है। धर्म ग्रंथों में भी इस बारे में जानकारी मिलती है। यदि आप पुत्र प्...

घरेलू नुस्खे........

दही का प्रयोग हर घर में होता है। लेकिन क्या आपको पता है दही में कई प्रकार के पौष्टिक तत्व मौजूद होते हैं जिनको खाने से शरीर को फायदा होता है। दही में कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन पाया जाता है। दूध के मुकाबले दही सेहत के लिए ज्यादा फायदा करता है। दही में दूध की अपेक्षा ज्यादा मात्रा में कैल्शियम होता है। इसके अलावा दही में प्रोटीन, लैक्टोज, आयरन, फास्फोरस पाया जाता है। आइए हम आपको बताते हैं कि दही आपके शरीर के लिए कितना फायदेमंद है। दही के फायदे दही कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो कि हड्डियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। दही खाने से दांत भी मजबूत होते हैं। दही ऑस्टियोपोरोसिस (जोडों की बीमारी) जैसी बीमारी से लड़ने में भी मददगार है। दही पेट के लिए बहुत फायदेमंद होता है। दही में अजवाइन मिलाकर पीने से कब्ज (की शिकायत समाप्त होती है। लू से बचने के लिए दही का प्रयोग किया जाता है। लू लगने पर दही पीना चाहिए। दही पीने से पाचन क्षमता बढती है और भूख भी अच्छे से लगती है। सर्दी और खांसी के कारण सांस की नली में इन्फेक्शन हो जाता है। इस इंफेक्शन से बचने के लिए दही का प्रयो...

.:: गायत्री का अर्थ चिन्तन-

12 गायत्री का अर्थ चिन्तन- गायत्री मन्त्र का अर्थ निम्न प्रकार है- ॐ (परमात्मा) भूः (प्राण स्वरूप) भुवः (दुःख नाशक) स्वः (सुख स्वरूप) तत् (उस) सवितुः (तेजस्वी) वरेण्यं (श्रेष्ठ) भर्गः (पाप नाशक) देवस्य (दिव्य) धीमहि (धारण करें) धियो (बुद्धि) यः (जो) नः (हमारी) प्रचोदयात(प्रेरितकरें)। अर्थात्- उस प्राण स्वरूप, दुखनाशक, सुख स्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देव स्वरूप परमात्मा को हम अन्तरात्मा में धारण करें। वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग पर प्रेरित करें। इस अर्थ का विचार करने से उसके अन्तर्गत तीन तथ्य प्रकट होते है :१- ईश्वर के दिव्य गुणों कार चिन्तन, २- ईश्वर को अपने अन्दर धारण करना, ३- सद्बुद्धि की प्रेरणा के लिए प्रार्थना। यह तीनों ही बातें असाधारण महत्त्व की हैं। (१) ईश्वर के प्राणवान् दुःख रहित, आनन्द स्वरूप, तेजस्वी, श्रेष्ठ, पाप रहित, देव गुण- सम्पन्न स्वरूप का ध्यान करने का तात्पर्य यह है कि इन्हीं गुणों को हम अपने में लावें। अपने विचार और स्वभाव को ऐसा बनावें कि उपयुक्त विशेषताएँ हमारे व्यावहारिक जीवन में परिलक्षित होने लगें। इस प्रकार की विचारधारा, कार्य...

सांप काटे का एक कारगर इलाज...!

एक medicine आप चाहें तो हमेशा अपने घर मे रख सकते हैं बहुत सस्ती है homeopathy मे आती है ! उसका नाम है NAJA (N A J A ) ! homeopathy medicine है किसी भी homeopathy shop मे आपको मिल जाएगी ! और इसकी potency है 200 ! आप दुकान पर जाकर कहें NAJA 200 देदो ! तो दुकानदार आपको दे देगा ! ये 5 मिलीलीटर आप घर मे खरीद कर रख लीजिएगा 100 लोगो की जान इससे बच जाएगी ! और इसकी कीमत सिर्फ पाँच रुपए है ! इसकी बोतल भी आती है 100 मिलीग्राम की 70 से 80 रुपए की उससे आप कम से कम 10000 लोगो की जान बचा सकते हैं जिनको साँप ने काटा है ! और ये जो medicine है NAJA ये दुनिया के सबसे खतरनाक साँप का ही poison है जिसको कहते है क्रैक ! इस साँप का poison दुनिया मे सबसे खराब माना जाता है ! इसके बारे मे कहते है अगर इसने किसी को काटा तो उसे भगवान ही बचा सकता है ! medicine भी वहाँ काम नहीं करती उसी का ये poison है लेकिन delusion form मे है तो घबराने की कोई बात नहीं ! आयुर्वेद का सिद्धांत आप जानते है लोहा लोहे को काटता है तो जब जहर चला जाता है शरीर के अंदर तो दूसरे साँप का जहर ही काम आता है ! तो ये NAJA 200 आप घर मे रख ...

मच्‍छरों और कीट पतंगों से बचाने के लिए

मच्‍छरों और कीट पतंगों से बचाने के लिए लोग बाजार में मौजूद निरोधक का इस्‍तेमाल करते हैं, लेकिन इसकी वजह से त्‍वचा को नुकसान हो सकता है। जबकि इसकी जगह पर यदि आप प्राकृतिक निरोधक का प्रयोग करेंगे तो यह सुरक्षित भी है और कीटाणुओं से बचाव भी हो सकता है। मच्‍छरों और अन्‍य कीटों से त्‍वचा को बहुत नुकसान होता है। मच्‍छरों के काटने से जानलेवा बीमारी हो सकती है वहीं दूसरी तरफ कुछ कीटाणु और पतंगे ऐसे हैं जो त्‍वचा में जलन और संक्रमण फैला सकते हैं। इसके अलावा यदि आप प्राकृतिक निरोधकों का प्रयोग करते हैं तो यह आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिहाज से भी अच्‍छा है। इस लेख में जानिए कैसे बनायें कुदरती निरोधक। कटनीप का प्रयोग कटनीप को नेपेटा नाम से भी जाना जाता है, यह ऐसा हर्ब्‍स है जो बाजार में मिलने वाले निरोधकों से लगभग 8 गुना अधिक प्रभावशाली है। आयोवा स्‍टेट यूनिवर्सिटी ने इस पर शोध भी किया है। बाहर निकलने से पहले इसे त्‍वचा पर लगाकर निकलें। सिट्रोनेला तेल यह भी त्‍वचा को मच्‍छरों और अन्‍य कीटों से बचाता है। हालांकि यह कटनीप की तुलना में अधिक प्रभावशाली नहीं है लेकिन यह भी एक अच्‍छा विक...