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जुलाई 19, 2014 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Pati patni ke madhur samandh ....kare ye sat bate

दाम्पत्य कहते किसे हैं? क्या सिर्फ विवाहित होना या पति-पत्नी का साथ रहना दाम्पत्य कहा जा सकता है। पति-पत्नी के बीच का ऐसा धर्म संबंध जो कर्तव्य और पवित्रता पर आधारित हो। इस संबंध की डोर जितनी कोमल होती है, उतनी ही मजबूत भी। जिंदगी की असल सार्थकता को जानने के लिये धर्म-अध्यात्म के मार्ग पर दो साथी, सहचरों का प्रतिज्ञा बद्ध होकर आगे बढऩा ही दाम्पत्य या वैवाहिक जीवन का मकसद होता है। यह एक वैज्ञानिक तथ्य है कि शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्तरों पर स्त्री और पुरुष दोनों ही अधूरे होते हैं। दोनों के मिलन से ही अधूरापन भरता है। दोनों की अपूर्णता जब पूर्णता में बदल जाती है तो अध्यात्म के मार्ग पर बढऩा आसान और आनंद पूर्ण हो जाता है। दाम्पत्य की भव्य इमारत जिन आधारों पर टिकी है वे मुख्य रूप से सात हैं। रामायण में राम सीता के दाम्पत्य में ये सात बातें देखने को मिलती हैं। संयम : यानि समय-समय पर उठने वाली मानसिक उत्तेजनाओं जैसे- कामवासना, क्रोध, लोभ, अहंकार तथा मोह आदि पर नियंत्रण रखना। राम-सीता ने अपना संपूर्ण दाम्पत्य बहुत ही संयम और प्रेम से जीया। वे कहीं भी मानसिक या शारीरिक रूप से अन...

SAMPADAK KI KALAM SE ......

दवाओं की आवश्यकता है | अधितम केवल 350 दवाओं की जरुरत है, और हमारे देश में बिक रही है 84000 दवाएं | यानी जिन दवाओं कि जरूरत ही नहीं है वो डॉक्टर हमे खिलते है क्यों कि जितनी ज्यादा दवाए बिकेगी डॉक्टर का कमिसन उतना ही बढेगा| एक बात साफ़ तौर पर साबित होती है कि भारत में एलोपेथी का इलाज कारगर नहीं हुवा है | एलोपेथी का इलाज सफल नहीं हो पाया है| इतना पैसा खर्च करने के बाद भी बीमारियाँ कम नहीं हुई बल्कि और बढ़ गई है | यानी हम बीमारी को ठीक करने के लिए जो एलोपेथी दवा खाते है उससे और नई तरह की बीमारियाँ सामने आने लगी है | ये दवा कंपनिया बहुत बड़ा कमिसन देती है डॉक्टर को| यानी डॉक्टर कमिशनखोर हो गए है या यूँ कहे की डॉक्टर दवा कम्पनियों के एजेंट हो गए है| सारांस के रूप में हम कहे कि मौत का खुला व्यापार धड़ल्ले से पूरे भारत में चल रहा है तो कोई गलत नहीं होगा| फिर सवाल आता है कि अगर इन एलोपेथी दवाओं का सहारा न लिया जाये तो क्या करे ? इन बामारियों से कैसे निपटा जाये ? ........... तो इसका एक ही जवाब है आयुर्वेद | एलोपेथी के मुकाबले आयुर्वेद श्रेष्ठ क्यों है ? :- (1) पहली बात आयुर्वेद...

KNOWLEDGE

सौंफ प्रतिदिन घर में प्रयुक्त किए जाने वाले मसालों में से एक है। इसका नियमित उपयोग सेहत के लिए लाभदायक है। प्रायः गर्मियों की सब्ज़ियों में इसका उपयोग किया जाता है क्योंकि इसकी तासीर ठंडी है | * सौंफ और मिश्री समान भाग लेकर पीस लें। इसकी एक चम्मच मात्रा सुबह-शाम पानी के साथ दो माह तक लें। इससे आँखों की कमजोरी दूर होती है त था नेत्र ज्योति में वृद्धि होती है। * सौंफ का अर्क दस ग्राम शहद मिलाकर लें। खाँसी में तत्काल आराम मिलेगा। * बेल का गूदा 10 ग्राम और 5 ग्राम सौंफ सुबह-शाम चबाकर खाने से अजीर्ण मिटता है और अतिसार में लाभ होता है। * यदि आपको पेटदर्द होता है, तो भुनी हुई सौंफ चबाइए, तुरंत आराम मिलेगा। सौंफ की ठंडाई बनाकर पीजिए, इससे गर्मी शांत होगी और जी मिचलाना बंद हो जाएगा। * हाथ-पाँव में जलन की शिकायत होने पर सौंफ के साथ बराबर मात्रा में धनिया कूट-छानकर मिश्री मिलाकर खाना खाने के पश्चात 5-6 ग्राम मात्रा में लेने से कुछ ही दिनों में आराम हो जाता है। * सौंफ रक्त को साफ करने वाली एवं चर्मरोग नाशक है। *मोटी सौंफ को भोजन के बाद प्रतिदिन चबाने से एसिडिटी की समस्या से भी छुटका...

KNOWLEDGE

इलायची बड़ी (ग्रेटर कार्डमम) - बड़ी इलायची के फल एवं सुगन्धित कृष्ण वर्ण के बीजों से भला कौन अपरिचित हो सकता है | भारतीय रसोई में यह इस तरह से रची बसी है कि इसका प्रयोग मसालों से लेकर मिष्ठानों तक में किया जाता है |इसकी एक प्रजाति मोरंग इलायची भी होती है| यह पूर्वी हिमालय प्रदेश में विशेषतः नेपाल,पश्चिम बंगाल,सिक्किम,आसाम आदि में पायी जाती है | इसका छिलका मोटा तथा मटमैले रंग का धारीदार होता है | इसके बीज कृष्ण वर्ण के शर्करायुक्त गाढ़े गूदे के कारण आपस में चिपके हुए होते हैं | इसका पुष्पकाल एवं फलकाल फ़रवरी से जून तक होता है | इसके बीजों में ग्लाइकोसाइड,सिनिओल,लिमोनीन,टर्पिनिओल,फ्लेवोनोन आदि रसायन तथा वाष्पशील तेल पाया जाता है | इसके तेल में सिनिओल की अधिकता पायी जाती है | आज हम आपको बड़ी इलायची के औषधीय गुणों से अवगत कराएंगे - १- बड़ी इलायची को पीसकर मस्तिष्क पर लेप करने से एवं बीजों को पीसकर सूंघने से सिर का दर्द ठीक हो जाता है | २- बड़ी इलायची को पीसकर शहद में मिलाकर छालों पर लगाने से छाले ठीक हो जाते हैं | ३- यदि दांत में दर्द हो रहा हो तो बड़ी इलायची और लौंग के तेल को बराबर-...

DAILY NEWS UPDATE

आलोचना के आकाश में एफ-35 अमेरिका समेत कई देशों ने अरबों डॉलर खर्च कर एफ-35 लड़ाकू विमान बनाया. इसे सबसे घातक हथियार बताया गया. अब आलम यह है कि यह मशीनी परिंदा न तो मुड़ पा रहा है, न ही तेजी से ऊपर जा रहा है, किरकिरी का धुआं अलग छोड़ रहा है. एफ-35 लड़ाकू विमानों की उड़ानें बंद रखने का आदेश अमेरिकी सेना ने महीने भर बाद वापस ले तो लिया. लेकिन विमान ब्रिटेन के मशहूर फार्नबरो एयर शो में शिरकत नहीं कर सका. एयर शो में इस विमान का बड़ी बेसब्री से इंतजार हो रहा था. लॉकहीड मार्टिन का एफ-35 दुनिया का सबसे खर्चीला हथियार प्रोजेक्ट है. अब तक इस पर 400 अरब डॉलर खर्च हो चुके हैं. लेकिन इंजन की नाकामी के चलते जून में सभी एफ-35 विमानों की टेस्ट उड़ान निलंबित कर दी गई. मंगलवार को अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने टेस्ट उड़ान बहाल करने की अनुमति दी, लेकिन साथ ही यह कहा कि उड़ान कड़ी निगरानी में होगी और हर तीन घंटे बाद इंजन की जांच की जाएगी. अलग तरह का लड़ाकू विमान जेट का ब्रिटेन के बड़े मिलिट्री एयर शो के बाद फार्नबरो एयर शो में भी न आना, अमेरिका और उसके अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के लिए बड़ा झटक...

STORY..???

एक छोटी सी कहानी: एक पिता को जब गरीबी मजबूर कर देती है, और वो मेले में अपने बच्चे को रंग बिरंगे खिलौने को ललचाई आंखो से देखते हुये देखता है, तो उसे अपने अतीत की जाने/अनजाने की गयी गलतियाँ याद आ जाती हैं। पीड़ा का एक ज्वार सा उठता है जो उसके पूरे वजूद को डुबो देता है। वह कुछ नहीं कर सकता केवल भरी आंखों से शून्य मे देखता रह जाता है....हताश, निराश । आज मेरी आंखे क्यों फिर से, भर आयीं। कुछ उसकी आरजू थी, कुछ अपनी बेबसी थी॥ उसकी (पिता) जेब मे कुछ पैसे पड़े हैं, वो हिम्मत करके बच्चे से पूछता है, "बेटा कुछ लोगे ?" बेटे को प्रश्न में के साथ ही उत्तर भी मिल जाता है। बेटा सोचते हुये कहता है, नहीं ! '"पापा! मुझे कुछ नहीं चाहिए।" जब बच्चे जल्दी समझदार हो जाते हैं, तो अपनी नाकामियों का दर्द दुगुना हो जाता है। पिता ने बेटे से दुबारा पूछा, "तू कुछ खाता क्यों नहीं?"" बेटा बोला, "पापा ! मैं यहाँ कुछ खाने के लिए आने की जिद नहीं कर रहा था, बल्कि मुझे कुछ खोजना था। पिता की प्रश्नसूचक दृष्टि पुत्र पर टिकी थी। बेटे ने कहना जारी रखा, "मुझे अपनी गरीब...

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जीरा (जीरक) - जीरा श्वेत,श्याम और अरण्य (जंगली) तीन प्रकार का होता है | श्वेत या सफ़ेद जीरे से सब परिचित हैं क्यूंकि इसका प्रयोग मसाले के रूप में किया जाता है | औषधियों के रूप में भी जीरे का बहुत उपयोग किया जाता है | सफ़ेद जीरा दाल-सब्जी छौंकने के काम आता है तथा शाह जीरे का उपयोग विशेष रूप से दवा के रूप में किया जाता है | जीरे की खेती समस्त भारत,विशेषकर उत्तर प्रदेश,राजस्थान और पंजाब में की जाती है | जीरे के औषधीय गुण - १- जीरा,धनिया और मिश्री तीनों को बराबर मात्रा में मलाकर पीस लें | इस चूर्ण की २-२ चम्मच सुबह-शाम सादे पानी से लेने पर अम्लपित्त या एसिडिटी ठीक हो जाती है | २- जीरा,सेंधा नमक,काली मिर्च,सौंठ और पीपल सबको समान मात्रा में लेकर पीस लें | इस चूर्ण को एक चम्मच की मात्रा में भोजन के बाद ताजे पानी से लेने पर अपच में लाभ होता है | ३- पांच ग्राम जीरे को भूनकर तथा पीसकर दही की लस्सी में मिलाकर सेवन करने से दस्तों में लाभ होता है | ४- १५ ग्राम जीरे को ४०० मिली पानी में उबाल लें | जब १०० ग्राम शेष रह जाये तब २०-४० मिली की मात्रा में प्रातः-सांय पिलाने से पेट के कीड़े मर ज...

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फालसा [परुषक] - फालसा भारत में साधारणतया गंगा के मैदानी भागों एवं पूर्वी बंगाल को छोड़कर पंजाब, उत्तर प्रदेश,उत्तराखंड, महाराष्ट्र एवं आंध्र प्रदेश में पाया जाता है | इसका फल पीपल के फल के बराबर होता है | यह मीठा होता है तथा गर्मी के दिनों में इसका शरबत भी बनाकर पीते हैं | फालसा में प्रोलिन ,लायसिन, ग्लूटेरिक अम्ल,शर्करा,खनिज,कैरोटीन तथा विटामिन C पाया जाता है | १- फालसे के सेवन से गैस और एसिडिटी के रोगियों को बहुत लाभ होता है | २- फालसे और शहतूत का शरबत पीने से लू से बचा जा सकता है | फालसे के साथ सेंधानमक खाने से लू नहीं लगती है | ३- सुबह-शाम फालसे का शर्बत पीने से गर्मी के कारण होने वाला सिर दर्द ठीक हो जाता है | ४- दस मिली फालसे के रस को पिलाने से पेट के दर्द में लाभ होता है | ५- फालसे की पत्तियों को पीसकर त्वचा पर लगाने से गीली खुजली ठीक हो जाती है | ६- फालसे का शरबत बनाकर पीने से दाह का शमन होता है | ७- खून की कमी होने पर फालसे का सेवन करना चाहिए,इसे खाने से खून बढ़ता है |

KNOWLEDGE

कूल डूड होते क्या हैं ? कूल डूड वही हैं जिनको देशी भाषा में "घोंचू" कहते हैं खास पहचान कूल्होँ से सरकती हुई पैँट । बेतरतीब बढ़े हुए बाल । कईँ बार इनके बाल ऐसे दिखते है जैसे जोर का बिजली का झटका खा कर आए हों । इनके काम होते हैं लड़कियों के पीछे भागना। इनकी औकात ही इतनी है कि ये अपनी गर्लफ्रेंड से तो जूते भी खा लेते है और माँ की हर बात का जवाब बदतमीजी से देते है । लानत है इन पर । गुलाम (इंडिया) की सोच के Cool Dude लोगों की पहचान या लक्षण इस प्रकार होते है :: 1. इनकी प्रोफाइल पिक्चर पर पश्चिमी सभ्यता साफ झलकती है। 2. कवर फोटो पर किस करते हुए कपल की फोटो होगी जैसे इनकी परंपरा रही हो। 3. ये देशहित से जुडी पोस्ट को नज़रअंदाज़ करते हैं क्योंकि ये लोग इंडियन है भारतीय नहीं। देश की सोचना इनके बस की बात नहीं। इन लोगों को ये पता नहीं कि इंडिया आज भी गुलाम है आजादी तो भारत को मिली थी इंडिया को नहीं। 4. इनको राजनीति से बहुत नफरत है पर ये नहीं जानते राजनीति से भगवान राम कृष्ण भी नहीं बच सके। राजनीति पर ही देश का भविष्य टिका होता है। पहले के जमाने में राजा होते थे वो...

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नौसादर (SALLAMONIAC ) - १- नौसादर-४ ग्राम,सुहागा-४ ग्राम और सौंफ-२ ग्राम को अच्छी तरह बारीक पीसकर उसमें ४ ग्राम मीठा सोडा मिलाकर रख लें| इसमें से आधे से दो ग्राम की मात्रा में सुबह,दोपहर और शाम को रोगी को देने से पेट की बीमारियों में आराम होता है | २- फिटकरी,सेंधानमक तथा नौसादर बराबर मात्रा में लेकर बारीक चूर्ण बना लें | इसे प्रतिदिन सुबह-शाम मसूड़ों व दाँतों के सभी रोग ठीक हो जाते हैं | ३- नौसादर को पानी में घोलकर ,उसमें एक साफ़ कपड़ा भिगोकर गांठ के ऊपर रखने से लाभ होता है | ४- एक कप पानी में एक चुटकी नौसादर डालकर दिन में तीन बार पीने से खांसी ठीक हो जाती है | ५- नौसादर और कुटकी को जल में मिलाकर माथे पर लेप की तरह लगाने से आधासीसी के दर्द में लाभ होता है |

Kabad yatra

शिवत्व का जागरण है कांवड़ यात्रा शिवमूर्ति-पूजा की अपेक्षा शिवलिंग की पूजा का अधिक महत्व है, क्योंकि शिवलिंग साक्षात् शिव का पद प्राप्त कराने वाला है। शिव अन्य देवताओं की अपेक्षा शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं, इसलिए वे आशुतोष कहलाते हैं। रुद्राभिषेक का धार्मिक और दार्शनिक महत्व यही है कि पौराणिक द्वादश ज्योतिर्लिगों में से किसी एक का भक्ति भाव से गंगाजल से अभिषेक करने पर शिव की असीम कृपा प्राप्त होती है। शिव पुराण में द्वादश ज्योतिर्लिगों के दर्शन, अभिषेक का विशद वर्णन है। संत तुलसीदास भी श्रीरामचरितमानस में रुद्राभिषेक का महत्व बतलाते हुए लिखते हैं कि जो मनुष्य गंगाजल लाकर भक्ति भाव से रामेश्वर शिव पर चढ़ाएगा, वह मुक्ति प्राप्त करेगा। कांवड़ यात्रा कोई धार्मिक रीति-रिवाज और कर्मकाण्ड नहीं, बल्कि शिवत्व के जागरण का उद्घोष है। श्रवण का महीना शिव की आराधना का महीना है। इस मास में शिवरात्रि के दिन रुद्राभिषेक करने का विशेष महत्व है। इसी कारण श्रवण मास के लगते ही देश के कोने-कोने से शिवभक्त गंगाजल लाने के लिए हरिद्वार, ऋषिकेश, नीलकंठ, गोमुख आदि तीर्थों के लिए निकल पड़ते हैं। वहां पतितपाव...

Sampadak ki kalam se...

गौमाता का पालन हर घर में होना चाहिए - कुत्ते पालना बंद करें. 1 . हर घर में कम से कम एक गाय अवश्य पालनी चाहिए और वो भी नहीं होता तो दस घर मिलकर एक गाय का पालन करो. 2. आजकल के लोग वो भी नहीं कर सकते तो हरघर में गौ सेवा के लिए दानपात्र लगाएं और रोज कुछ ना कुछ धन उस में डाल दिया करिए... हर महीने के अंत में किसी भी गौ सेवा संस्थान को ये दान दिया करें. 3 . रोज नारे लगाते हैं हम, गौ माता की रक्षा हो.. अधर्म का नाश हो पर गौ सेवा के नाम पर सब पिछे हट जाते हैं... भगवान ने हमें सब कुछ दिया है फिर भी हम एक गाय नहीं पाल सकते? क्यों? 4 . कोशिश कीजिए के पैकेट का दूध घर में नहीं लें.... और दूधवाले से गौ माता का ही दूध खरीदे... घर घर देसी घी दही मक्खनआना चाहिए, पैकेट का नहीं... एसा करने सेगौ वंश बढेगा 5. यज्ञों के दौरान गायों को चढ़ाव और विनिमय में अत्यंत महत्व था । किसी व्यक्ति के धन का आकलन उसकी गायों की संख्या द्वारा किया जाता था 6 . भगवान श्रीकृष्ण गोपियों के घर कोई धन दौलत नहीं चुराने गए.. वो माखन चुराने जाया करते... और गौ माता के लिए श्रीजी ने अपने आप को माखनचोर कहना भी योग्य समझा. ...

Sampadak ki kalam se...

मित्रो। आज कल ज्यादातर लोग अपने मोबाईल की ईरिचार्ज करा रहे है, लड़किया भी, जैसे ही हिन्दू लड़की किसी मुस्लिम की मोबाईल की दूकान पर जाती है, और बोलती है की मेरा मोबाईल रिचार्ज कर दो 100/200 रुपये से.. तो मुस्लिम दूकानदार लड़की से उसका नंबर अपने कॉपी में लिख लेता है, फिर रिचार्ज कर देता है, अब दूकानदार को पता चल गया की यह नंबर एक हिन्दू लड़की का है.. फिर वो ये नम्बर अपने शहर में बनाये हुए संगठन तक पहुंचा देता हें। इसके बदले में दूकान वाले को पैसा मिलता है! और फिर संगठन से जुड़े लड़के उस लड़की को फोन करने लगते हें, कई मामलो में तो लडकिय बच जाती हें। लेकिन 100 में से अगर 5-10 भी पट गयी तो उनका मकसद कामयाब! पहले दोस्ती, फिर झूठा प्यार, फिर शादी का झासा.. लड़की को ऐसा कर दिया जाता है की वो या तो मुस्लिम लड़के से शादी कर ले, या घर से उसके साथ भाग जाये.... उसके बाद पहले लड़की का धरम परिवर्तन.... फिर 2/3 महीने के बाद वो मुस्लिम लड़का उस लड़की को तलाक दे कर किसी और हिन्दू लड़की को पटाने, और उसका जीवन बर्बाद करने की राह पर निकल पड़ता हें,... उसके बाद हिन्दू लड़की तो वेसे ही मुस्लिम बन च...

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फिटकरी - फिटकरी आमतौर पर सब घरों में प्रयोग होती है | यह लाल व सफ़ेद दो प्रकार की होती है | अधिकतर सफ़ेद फिटकरी का प्रयोग ही किया जाता है | यह संकोचक अर्थात सिकुड़न पैदा करने वाली होती है | फिटकरी में और भी बहुत गुण होते हैं | आज हम आपको फिटकरी के कुछ गुणों के विषय में बताएंगे - १- यदि चोट या खरोंच लगकर घाव हो गया हो और उससे रक्तस्त्राव हो रहा हो तो घाव को फिटकरी के पानी से धोएं तथा घाव पर फिटकरी का चूर्ण बनाकर बुरकने से खून बहना बंद हो जाता है | २- आधा ग्राम पिसी हुई फिटकरी को शहद में मिलाकर चाटने से दमा और खांसी में बहुत लाभ मिलता है | ३- भुनी हुई फिटकरी १-१ ग्राम सुबह-शाम पानी के साथ लेने से खून की उलटी बंद हो जाती है | ४- प्रतिदिन दोनों समय फिटकरी को गर्म पानी में घोलकर कुल्ला करें ,इससे दांतों के कीड़े तथामुँहकी बदबू ख़त्म हो जाती है | ५- एक लीटर पानी में १० ग्राम फिटकरी का चूर्ण घोल लें | इस घोल से प्रतिदिन सिर धोने से जुएं मर जाती हैं | ६- दस ग्राम फिटकरी के चूर्ण में पांच ग्राम सेंधा नमक मिलाकर मंजन बना लें | इस मंजन के प्रतिदिन प्रयोग से दाँतो के दर्द में आराम मिलता...

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बैंगन (BRINJAL)- बैंगन विश्व के सभी उष्ण क्षेत्रों में पाया जाता है तथा भारत में विस्तृत रूप से शाक के रूप में इसकी खेती की जाती है | फल के आकार तथा रंग के भेद से यह कई प्रकार का होता है | इसका पुष्पकाल एवं फलकाल कृषि अवस्था के ३-४ माह बाद होता है | इसके बीजों में ल्यूपोल,मेलोंगोसाईड नामक ग्लाइकोसाइड तथा सैपोनिन पाया जाता है | इसके फल में सोलासोडिन,वसा,प्रोटीन, विटामिन A ,B ,C,कैल्शियम,फॉस्फोरस,कार्बोहाइड्रेट तथा सोलनिन पाया जाता है | बैंगन के कुछ औषधीय प्रयोग - १- बैंगन की सब्जी में लहसुन और हींग का छौंक लगाकर खाने से अफारा,गैस आदि दूर हो जाती है | २- बैंगन को धीमी आग पर पकाकर खाने से कब्ज दूर हो जाती है | ३- बैंगन को जलाकर पीसकर कपड़े से छान लें | इसे बवासीर के मस्सों पर लगाने से दर्द में लाभ होता है | ४- बैंगन और टमाटर का सूप पीने से मंदाग्नि मिटती है और खाना सही से पचने लगता है | ५- लम्बा बैंगन श्रेष्ठ होता है,यह पाचनशक्ति और खून को बढ़ाता है |

FACEBOOK KI DOSTI....????

Ek bar ek boy aur ek girl facebook pe frinds bane. donon ki friendship ki khas bat ye thi ki ladki ne to ladke ko dekha hua tha par ladke ne kabhi bhi ladki ko nahi dekha tha. donon ek hi shahar mein rahte the par mulakat nahi hui thi kabhi. bas online hi friendship thi. dhire dhire donon mein ek dusre se pyaar ho gaya jaisa ki ladke aur ladki ki dosti mein ho hi jata hai. Donon ek dusre se bahut muhabbat karte the. roz ghanton ghanton takl chatting hoti. Fir donon ne socha ki ab is pyaar ko koi shaql bhi deni chahiye to dono ne milne ka faisla kiya. donon ne tay kiya ki kal sham ko char baje vo park mein milenge. ladke ne puchha ki main tumhe kaise pahchanunga? to ladki ne laha ki main pink dress mein aaungi aur mere hath mein ek white rose hoga. ladka agle din sham ko bahut khushi khsushi us ladki se milne gaya. vahan pahunch kar usne jo dekha to vo chaunk gaya – vahan ek moti aur badsurat aurat khadi thi pink dress mein jiske hath mein e...

Sampadak ki kalm se.....

✅ गरीब दूर तक चलता है..... खाना खाने के लिए......। ✅ अमीर मीलों चलता है..... खाना पचाने के लिए......। ✅ किसी के पास खाने के लिए..... एक वक्त की रोटी नहीं है..... ✅ किसी के पास खाने के लिए..... वक्त नहीं है.....। ✅ कोई लाचार है.... इसलिए बीमार है....। ✅ कोई बीमार है.... इसलिए लाचार है....। ✅ कोई अपनों के लिए.... रोटी छोड़ देता है...। ✅ कोई रोटी के लिए..... अपनों को छोड़ देते है....। ✅ ये दुनिया भी कितनी निराळी है। कभी वक्त मिले तो सोचना.... ✅ कभी छोटी सी चोट लगने पर रोते थे.... आज दिल टूट जाने पर भी संभल जाते है। ✅ पहले हम दोस्तों के साथ रहते थे... आज दोस्तों की यादों में रहते है...। ✅ पहले लड़ना मनाना रोज का काम था.... आज एक बार लड़ते है, तो रिश्ते खो जाते है। ✅ सच में जिन्दगी ने बहुत कुछ सीखा दिया, जाने कब हमकों इतना बड़ा बना दिया। जिंदगी बहुत कम है, प्यार से जियो

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पुदीना - गर्मी में पुदीना खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए उपयोग में लाया जाता है। ये एक बहुत अच्छी औषधि भी है साथ ही इसका सबसे बड़ा गुण यह है कि पुदीने का पौधा कहीं भी किसी भी जमीन, यहां तक कि गमले में भी आसानी से उग जाता है। यह गर्मी झेलने की शक्ति रखता है। इसे किसी भी उर्वरक की आवश्यकता नहीं पडती है। थोड़ी सी मिट्टी और पानी इसके विकास के लिए पर्याप्त है। पुदीना को किसी भी समय उगाया जा सकता है। इसकी पत्तियों को ताजा तथा सुखाकर प्रयोग में लाया जा सकता है। - हरा पुदीना पीसकर उसमें नींबू के रस की दो-तीन बूँद डालकर चेहरे पर लेप करें। कुछ देर बाद चेहरा ठंडे पानी से धो लें। कुछ दिनों के प्रयोग से मुँहासे दूर हो जाएँगे तथा चेहरा निखर जाएगा। -अधिक गर्मी या उमस के मौसम में जी मिचलाए तो एक चम्मच सूखे पुदीने की पत्तियों का चूर्ण और -आधी छोटी इलायची के चूर्ण को एक गिलास पानी में उबालकर पीने से लाभ होता है। - पेट में अचानक दर्द उठता हो तो अदरक और पुदीने के रस में थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर सेवन करे।

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हरी मिर्च हरी मिर्च लगभग पूरे भारतवर्ष में पाई जाती है | यह कई किस्मों में होती है , इसका पौधा छोटा-सा होता है | हरी मिर्च का स्वाद तीखा होता है और इसकी प्रकृति गर्म होती है | हरी मिर्च का नाम सुनते ही कुछ लोगों को उस का तीखापन याद करके पसीने आ जाते है तो कुछ के मुंह में पानी हरी मिर्च को यदि तरीके से खाया जाए अर्थात उचित मात्र में खाया जाये तो वो औषधि का भी काम करती है आइये जानते है कैसे गर्मी के दिनों में यदि हम भोजन के साथ हरी मिर्च खाएं और फिर घर से बाहर जाएँ तो कभी भी लू नहीं लग सकती | खून में हेमोग्लोबिन की कमी होने पर रोजाना खाने के साथ हरी मिर्च खाए कुछ ही दिन में आराम मिल जायेगा | मिर्च में अमीनो एसिड, एस्कार्बिक एसिड, फोलिक एसिड, सिट्रीक एसिड, ग्लीसरिक एसिड, मैलिक एसिड जैसे कई तत्व होते है जो हमारे स्वास्थ के साथ – साथ शरीर की त्वचा के लिए भी काफी फायदेमंद होता है मिर्च के सेवन से भूख कम लगती है और बार बार खाने की इच्छा नहीं होती जिससे वजन बढ़ने का खतरा कम हो जाता है।

Ek...baat..???

सही लगे तो नीचे दिए लिंक पे req दें ।ॐ हजारो निर्दोष लोगो के हथियारे कसाब को फांसी हो चुकी है ! मान लो एक खास संप्रदाय के लोग उसे शहीद का दर्जा दे देते है ! और उसकी मजार बना देते है फिर वहाँ रोज माथा टेकना शुरू कर देते है 10-15 साल बाद भीड़ को देखते हुए हिन्दू भी वहाँ माथा टेकने लग जाते है !! और 30 -35 साल बाद वह मजार (कसाब बाबा की मजार ) के नाम से प्रचलित हो जाती है प्रतिदिन सैंकड़ों हिन्दू आते है माथा टेकते है ,मन्नते मांगते है ! 60-65 साल बाद लोग कसाब का इतिहास भुला चुके होते है और तब कई तरह की अफवाए फैलाई जा चुकी होती है की कसाब तो राम के अवतार थे फलाना थे डमाका थे , उन्होने ये चमत्कार किए थे ! और एक दिन कोई संत कसाब की पुजा करने को गलत बताता है और उसे राम ,कृष्ण शिवजी आदि के साथ जोड़ने का विरोध करता है और तब मूर्ख हिन्दू बिना उस संत की बात सुने बिना कसाब बाबा की मजार का इतिहास पढे उस संत के पुतले फूंकते है क्या कहेंगे आप इसे ?? श्रद्धा, आस्था या कुछ सूतियापा टाइप.. अन्धविश्वास पूजो किसीको भी पूजो किसीको भी माठा टेको किन्तु राम ...

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रक्ताल्पता या खून की कमी (ANAEMIA ) - हमारे खून में दो तरह की कोशिका होती हैं -लाल व सफ़ेद | लाल रक्त कोशिका की कमी से शरीर में खून की कमी हो जाती है जिसे रक्ताल्पता या अनीमिया कहा जाता है | लाल रक्त कोशिका के लिए लौहतत्व (iron) आवश्यक है अतः हमारे हीमोग्लोबिन में लौह तत्व की कमी के कारण भी रक्ताल्पता होती है | रक्ताल्पता या खून की कमी होने से शरीर में कमज़ोरी उत्पन्न होना,काम में मन नहीं लगना,भूख न लगना,चेहरे की चमक ख़त्म होना,शरीर थका-थका लगना आदि इस रोग के मुख्य लक्षण हैं | स्त्रियों में खून की कमी के कारण 'मासिक धर्म' समय से नहीं होता है | खून की कमी बच्चों में हो जाने से बच्चे शारीरिक रूप से कमज़ोर हो जाते हैं जिसके कारण उनका विकास नहीं हो पाता तथा दिमाग कमज़ोर होने के कारण याद्दाश्त पर भी असर पढता है | इस वजह से बच्चे पढाई में पिछड़ने लगते हैं | आइये जानते हैं रक्ताल्पता के कुछ उपचार - १- खून की कमी को दूर करने के लिए,अनार के रस में थोड़ी सी काली मिर्च और सेंधा नमक मिलाकर पीने से लाभ होता है | २- मेथी,पालक और बथुआ आदि का प्रतिदिन सेवन करने से खून की कमी दूर हो जाती...

SAMPADAK KI KALAM SE...

एक महान व्यक्ति ने भगवान से कहा:-भगवान मुझे बेटी मत देना!! भगवान ने पूछा:-क्यों ? तो उसने बोला,,:- जब वो जन्म लेगी,तो जमाने वाले मुझे इसकी खुशियाँ मनाने नही देंगे..तो उसके कोमल दिल को चोट लगेगी// जब वो थोडी बडी होगी, तो लडके उसे परेशान करेंगे तो उसे फिर दुख होगा// फिर वो किसी से प्यार करेगी तो कोई आशिक उसका दिल तोड देगा..और उसे फिर दुख होगा// फिर उसकी शादी होगी..तो मुझसे विदा होने का दुख,,अगर उसे ससुराल खराब मिला तो वहाँ भी उसे बहुत दुख मिलेगा// इतने दुख केवल उसे बेटी होने के कारण मिलेंगे और मैं नही चाहता कि मेरी संतान को इतना दुख हो】 क्या हम अपना समाज ऐसा नही बना सकते जहाँ लडकी होना बोझ ना समझा जाए और उसे ऐसी किसी तकलीफ का सामना ना करना पडे..कोशिश करके देखिए..और एक बेहतर समाज का निर्माण कीजिए

JAI MAT DI BOLIYE...

हेल्लो हाय छोड़िए जय माता दी बोलिए। टाटा बाय छोड़िए जय माता दी बोलिए॥ मैया का दर सब से सुन्दर सबसे प्यारा धाम है, जगदम्बे माता का जग में सबसे ऊँचा नाम है। इस से नाता जोडीये, जय माता दी बोलिए॥ एक बार जो सच्चे मन से माँ का नाम धयाए गा, भोली भाली मैया से वो मन चाहा फल पायेगा। झूठे बंधन तोडिये, जय माता दी बोलिए॥ मैया जी के नाम की महिमा जिस जिस ने भी गई है, मैया जी के दिल में उसने अपनी जगह बनायी है। दिल ना मेरा तोडिये, जय माता दी बोलिए॥ Good morning Good night सब छोड़ो बोलो जय माता दी, जितने भी हैं माँ के प्यारे भक्तो बोलो जय माता दी। 'चंचल' जिद को छोड़िए, जय माता दी बोलिए॥

True story

किसी के होने ना होने से दूसरो की दुनिया खत्म नही हो जाती। ★कहानी★ मेरे गाँव में एक मजदूर रहता था,,मेहनती तो बहुत था पर शराब की लत थी उसे// अपनी कमाई का लगभग सारा पैसा शराब में उडा देता था। इस कारण से अक्सर उसका उसकी पत्नी से झगडा होता रहता था/ तो वह अपनी पत्नी को कहता कि अगर मैं चला गया ना तो पूरा परिवार भूखे मर जाएगा// एक दिन शराब के नशे में वो सब को छोडकर कलकत्ता चला गया।। पूरे घर मे कोहराम मच गया,,उसके बच्चे और पत्नी बहुत रोए और दो महीनो तक जैसे तैसे कर के गुजारा किया और फिर उसे मरा समझ कर उसकी पत्नी खेतो में जाने लगी और काम करने लगी// दो साल बाद वो कलकत्ता से वापस लौटा और अपने घर गया तो देखकर हैरान रह गया,, उसके तीनो बच्चो ने काफी अच्छे कपडे पहन रखे थे,,पाँच बकरियाँ थी घर में, और घर भी थोडा पक्का हो गया था// उसके बच्चो ने उसे नही पहचाना,,पर पत्नी पहचान कर रोने लगी और बोली कहाँ चले गए थे आप?? वो बहुत शर्मिंदा हुआ पर उसके परिवार ने उसे फिर से अपना लिया और अब सब साथ रहते हैं // वो अभी भी पीता है पर कम,,और ये एहसास उसे हो ही च...

KNOWLEDGE

आइये जानते हैं रक्ताल्पता के कुछ उपचार - १- खून की कमी को दूर करने के लिए,अनार के रस में थोड़ी सी काली मिर्च और सेंधा नमक मिलाकर पीने से लाभ होता है | २- मेथी,पालक और बथुआ आदि का प्रतिदिन सेवन करने से खून की कमी दूर हो जाती है | मेथी की सब्ज़ी खाने से भी बहुत लाभ होता है क्यूंकि मेथी में आयरन प्रचुर मात्रा में होता है | ३- गिलोय का रस सेवन करने से खून की कमी दूर हो जाती है | आप यह अपने निकटवर्ती पतंजलि चिकित्सालय से प्राप्त कर सकते हैं | ४- रक्ताल्पता से पीड़ित रोगियों को २०० मिली गाजर के रस में १०० मिली पालक का रस मिलाकर पीने से बहुत लाभ होता है | ५- प्रतिदिन लगभग २००-२५० ग्राम पपीते के सेवन से खून की कमी दूर होती है | यह प्रयोग लगभग बीस दिन तक लगातार करना चाहिए | ६- दो टमाटर काट कर उस पर काली मिर्च और सेंधा नमक डालकर सेवन करना रक्ताल्पता में बहुत लाभकारी होता है | ७- उबले हुए काले चनों के प्रतिदिन सेवन से भी बहुत लाभ होता है | ८- गुड़ में भी लौह तत्व प्रचुर मात्रा में होता है अतः भोजन के बाद एक डली गुड़ अवश्य खाएं लाभ होगा |

KNOWLEDGE

चावल - यह मूलतः भारत एवं चीन में पाया जाता है | इसकी विश्व के सभी उष्ण कटिबंधीय एवं उप उष्णकटिबंधीय देशों में कृषि होती है | चावल के शीतल एवं शक्तिवर्धक होने की वजह से इसका प्रयोग प्राचीन काल से भोज्य के रूप में किया जा रहा है । आयुर्वेद की संहिताओं में चावल के कई भेदों का उल्लेख प्राप्त होता है | धान को ओखली में या मशीनों द्वारा पीसकर उसके ऊपर के छिलकों को अलग किया जाता है | बिना छिलकों के धान के दानों को चावल कहा जाता है | यह मुख्यतः बारिश के मौसम की फसल है | आयुर्वेद के अनुसार केवल ६० दिनों में तैयार होने वाले साठी चावल अधिक गुणकारी माने जाते हैं | कारखाने में पॉलिश किये गए चावलों की अपेक्षा हाथकूट के चावल उत्तम होते हैं | आईये जानतें हैं चावल के कुछ औषधीय गुण - १- चावलों में चर्बी का तत्त्व बहुत कम होने से ये पचने में अतिशय लघु और हलके होते हैं | चावल के साथ दाल मिलाने से उसका वायुकारक गुण कम हो जाता है | अतः रोगियों के लिए चावल और मूंग की दाल की खिचड़ी पचने में हलकी और पौष्टिक मानी जाती है | २- चावल को पकाकर, छाछ के साथ सेवन करने से गर्मी,अत्यधिक प्यास,जी मिचलाना तथा अत...

KNOWLEDGE

दूब घास (दुर्वा) -------------- ********************************************** दूब या 'दुर्वा' (वैज्ञानिक नाम- 'साइनोडान डेक्टीलान") वर्ष भर पाई जाने वाली घास है, जो ज़मीन पर पसरते हुए या फैलते हुए बढती है। हिन्दू धर्म में इस घास को बहुत ही महत्त्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। हिन्दू संस्कारों एवं कर्मकाण्डों में इसका उपयोग बहुत किया जाता है। इसके नए पौधे बीजों तथा भूमीगत तनों से पैदा होते हैं। वर्षा काल में दूब घास अधिक वृद्धि करती है तथा वर्ष में दो बार सितम्बर-अक्टूबर और फ़रवरी-मार्च में इसमें फूल आते है। दूब सम्पूर्ण भारत में पाई जाती है। यह घास औषधि के रूप में विशेष तौर पर प्रयोग की जाती है। महाकवि तुलसीदास ने दूब को अपनी लेखनी से इस प्रकार सम्मान दिया है- "रामं दुर्वादल श्यामं, पद्माक्षं पीतवाससा।" प्रायः जो वस्तु स्वास्थ्य के लिए हितकर सिद्ध होती थी, उसे हमारे पूर्वजों ने धर्म के साथ जोड़कर उसका महत्व और भी बढ़ा दिया। दूब भी ऐसी ही वस्तु है। यह सारे देश में बहुतायत के साथ हर मौसम में उपलब्ध रहती है। दूब का पौधा एक बार जहाँ जम जाता है, वहाँ से इसे...

STORY...????

एक मित्र ने कहा कि साईं को गलत क्यों कहते हो? वो साईं के बारे में कुछ गलत नहीं सुन सकते। हम आरोप किसी पर झूठे नहीं लगाते बल्कि सत्य को आप सभी के सामने रखने का प्रयत्न करते हैं। श्रद्धा और विश्वास की नहीं बल्कि सच और झूठ की है। मायाजाल फैलाकर लोगों को भ्रमित कर अपने वश में करना क्या भगवान् का काम है??? भगवान् बिना मायाजाल के पूजे जाते हैं। निष्काम भावना से भगवान् की पूजा होती है। साईं चरित्र में अध्याय २३ है वहां एक बकरे को काटने के लिए शामा के द्वारा एक हिन्दू के घर से चाकू मंगाया जाता है। जब उस हिन्दू को पता चलता है कि उसका चाकू बकरा काटने के लिए ले जाया गया है तो वह अपना चाक़ू वापस मंगा लेती है। क्या उस शाकाहारी हिन्दू से चाक़ू मांगकर बकरा काटना सही था??? उसको पहले ही बताना चाहिए था न कि बकरा काटना है। जब चाकू के लिए शामा किसी और के पास जाता है काफी समय न आने के बाद काका साहेब की बारी आती है। काका साहेब साईं के कहने पर बकरा काटने के लिए धर्म सही गलत सब कुछ ठुकरा देता है कहता है कि मेरे लिए आपकी ही आज्ञा सबकुछ है। ये मांस खाने वाला एक शाकाहारी हिन्दू के घर से बकरा का...

Sampadak ki kalm se.....

✅ गरीब दूर तक चलता है..... खाना खाने के लिए......। ✅ अमीर मीलों चलता है..... खाना पचाने के लिए......। ✅ किसी के पास खाने के लिए..... एक वक्त की रोटी नहीं है..... ✅ किसी के पास खाने के लिए..... वक्त नहीं है.....। ✅ कोई लाचार है.... इसलिए बीमार है....। ✅ कोई बीमार है.... इसलिए लाचार है....। ✅ कोई अपनों के लिए.... रोटी छोड़ देता है...। ✅ कोई रोटी के लिए..... अपनों को छोड़ देते है....। ✅ ये दुनिया भी कितनी निराळी है। कभी वक्त मिले तो सोचना.... ✅ कभी छोटी सी चोट लगने पर रोते थे.... आज दिल टूट जाने पर भी संभल जाते है। ✅ पहले हम दोस्तों के साथ रहते थे... आज दोस्तों की यादों में रहते है...। ✅ पहले लड़ना मनाना रोज का काम था.... आज एक बार लड़ते है, तो रिश्ते खो जाते है। ✅ सच में जिन्दगी ने बहुत कुछ सीखा दिया, जाने कब हमकों इतना बड़ा बना दिया। जिंदगी बहुत कम है, प्यार से जियो

KNOWLEDGE

अजीर्ण (अपच)- पाचन तंत्र में किसी गड़बड़ी के कारण भोजन न पचने को अजीर्ण या अपच कहते हैं | कई बार समय-असमय भोजन करने से,कभी-भी,कहीं-भी,कुछ-भी खाने-पीने तथा बार-बार खाते रहने से पहले खाया हुआ भोजन ठीक से पच नहीं पाता है और दूसरा भोजन पेट में पहुँच जाता है | ऐसे में पाचनतंत्र भोजन को पूर्ण रूप से नहीः पचा पाता जो अजीर्ण का मुख्य कारण है | अधिक तला-भुना या मिर्च मसाले युक्त भोजन के सेवन से भी अजीर्ण या अपच हो जाता है | इस रोग में रोगी को भूख नहीं लगती,खट्टी डकारें आती हैं,छाती में तेज़ जलन होती है,पेट में भारीपन महसूस होता है तथा बैचैनी सी होती रहती है | रोगी को पसीना अधिक आता है , नींद भी नहीं आती और कभी-कभी अतिसार [दस्त ] भी होता है | अजीर्ण का विभिन्न औषधियों द्वारा उपचार --------- १-अजवायन तथा सौंठ पीसकर चूर्ण बना लें | यह चूर्ण दिन में दो बार शहद के साथ चाटने से अपच में आराम मिलता है | २-छाछ गरिष्ठ वस्तुओं को पचाने में बहुत लाभकारी होता है | छाछ में सेंधा नमक , भुना जीरा तथा कालीमिर्च मिलाकर सेवन करने से अजीर्ण रोग दूर होता है | ३-अजवायन -200 ग्राम , हींग -4 ग्राम और काला...

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जिसने ये सत्य घटना न पढ़ी वो बेचारा ---------++++++------------- अकबर अपनी सनक के लिए बहुत मशहूर था अपनी सनक पूरी करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता था । एक बार अकबर ने सनक में बीरबल से प्रश्न किया -"बीरबल मुझे ये तो पता है कि हमारे मुहम्मद साहब तुम्हारे भगवान से बहुत बड़े हैं पर कितने बड़े हैं ये नहीं पता ! अब तुम्हीं बताओ कि मुझे कैसे पता चले"? बीरबल :- आप छ: महीने तक निरामिष रहकर रोज रात को छ: घंटे छाती तक गंगा में खड़े रहकर ब्रह्माजी की उपासना करें ! अकबर की तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्माजी प्रकट हुए और बोले - कहो भक्त कैसे याद किया ??? अकबर ने हाथ जोडकर कहा - "भगवन मुझे ये तो पता है कि हमारे मुहम्मद साहब हिन्दुओं के भगवान से बहुत बड़े हैं पर कितने बड़े हैं ये नहीं पता ! आप बताने का कष्ट करेंगे !!! ब्रह्माजी बोले - "भटूरे खाएगा ?" अकबर चकराया और बोला - नही !! ब्रह्माजी अंतर्ध्यान हो गये ! अकबर परेशानहाल बीरबल के पास पहुंचा और सारी घटना बताई ! बीरबल ने अकबर को विष्णुजी की आराधना का उपाय बताया - "महाराज आप छ:महीना न...

KNOWLEDGE.....

* सूर्योदय के समय और दिन में सोने से आयु क्षीण होती है। (महाभारत, अनुशासन पर्व) * कहा गया हैः 'दाँतों का काम आँतों से नहीं लेना चाहिए।' अति ठंडा पानी या ठंडे पदार्थ तथा अति गर्म पदार्थ या गर्म पानी के सेवन से दाँतों के रोग होते हैं। खूब ठंडा पानी या ठंडे पदार्थों के सेवन के तुरंत बाद गर्म पानी या गर्म पदार्थ का सेवन किया जाय अथवा इससे विरूद्ध क्रिया की जाय तो दाँत जल्दी गिरते हैं। * प्रातःकाल सैर अवश्य करनी चाहिए। सुबह-सुबह ओस से भीगी घास पर नंगे पैर चलना आँखों के लिए विशेष लाभदायी है। शौच व लघुशंका के समय मौन रहना चाहिए। मल-विसर्जन के समय बायें पैर पर दबाव रखें। इस प्रयोग से बवासीर रोग नहीं होता। पैर के पंजों के बल बैठकर पेशाब करने से मधुमेह की बीमारी नहीं होती। भोजन के बाद पेशाब करने से पथरी का डर नहीं रहता। * 'गले से नीचे के शारीरिक भाग पर गर्म (गुनगुने) पानी से स्नान करने से शक्ति बढ़ती है, किंतु सिर पर गर्म पानी डालकर स्नान करने से बालों तथा नेत्रशक्ति को हानि पहुँचती है।' (बृहद वाग्भट, सूत्रस्थानः अ.3) * प्रतिदिन स्नान करने से...

Knowledge

नौसादर (SALLAMONIAC ) - १- नौसादर-४ ग्राम,सुहागा-४ ग्राम और सौंफ-२ ग्राम को अच्छी तरह बारीक पीसकर उसमें ४ ग्राम मीठा सोडा मिलाकर रख लें| इसमें से आधे से दो ग्राम की मात्रा में सुबह,दोपहर और शाम को रोगी को देने से पेट की बीमारियों में आराम होता है | २- फिटकरी,सेंधानमक तथा नौसादर बराबर मात्रा में लेकर बारीक चूर्ण बना लें | इसे प्रतिदिन सुबह-शाम मसूड़ों व दाँतों के सभी रोग ठीक हो जाते हैं | ३- नौसादर को पानी में घोलकर ,उसमें एक साफ़ कपड़ा भिगोकर गांठ के ऊपर रखने से लाभ होता है | ४- एक कप पानी में एक चुटकी नौसादर डालकर दिन में तीन बार पीने से खांसी ठीक हो जाती है | ५- नौसादर और कुटकी को जल में मिलाकर माथे पर लेप की तरह लगाने से आधासीसी के दर्द में लाभ होता है |

Sampadak ki kalam se.....

पान का सांस्कृतिक महत्त्व : भारत की सांस्कृतिक दृष्टि से तांबूल (पान) का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। जहाँ वह एक ओर धूप, दीप और नैवेद्य के साथ आराध्य देव को चढ़ाया जाता है, वहीं शृंगार और प्रसाधन का भी अत्यावश्यक अंग है। इसके साथ साथ विसालक्रीड़ा का भी वह अंग रहा है। मुखशुद्धि का साधन भी है और औषधीय गुणों से संपन्न भी माना गया है। संस्कृत की एक सूक्ति में तांबूल के गुणवर्णन में कहा है - वह वातध्न, कृमिनाशक, कफदोषदूरक, (मुख की) दुर्गंध का नाशकर्ता और कामग्नि संदीपक है। उसे र्धर्य उत्साह, वचनपटुता और कांति का वर्धक कहा गया है। सुश्रुत संहिता के समान आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथ में भी इसके औषधीय द्रव्यगुण की महिमा वर्णित है। आयुर्वेदिक चिकित्सको द्वारा विभिन्न रोगों में औषधों के अनुपान के रूप में पान के रस का प्रयोग होता है। आधुनिक वैज्ञानिकों ने भी अन्वेषण द्वारा इसके गुणदोषों का विवरण दिया है। पुराणों, संस्कृत साहित्य के ग्रंथों, स्तोत्रों आदि में तांबूल के वर्णन भरे पड़े हैं। शाक्त तंत्रों (संगमतंत्र-कालीखंड) में इसे सिद्धिप्राप्ति का सहायक ही नहीं कहा है वरन् यह भी कहा है कि जप में...

KNOWLEDGE

पान पान का प्रयोग भारतवर्ष में सिर्फ़ खाने के लिए ही नहीं अपितु पूजन , यज्ञ तथा अतिथियों के स्वागत इत्यादि में भी किया जाता है , पान को औषधि के रूप में भी प्रयोग किया जाता है , जिससे आज हम आपका परिचय करने जा रहे हैं ------- १- मुँह के छालों के लिए पान के पत्तों के रस में शहद मिलाकर लगाने से लाभ होता है , यह प्रयोग दिन में दो -तीन बार किया जा सकता है | २-घाव के ऊपर पान के पत्ते को गर्म करके बांधें तो सूजन और दर्द शीघ्र ही ठीक होकर घाव भी ठीक हो जाता है | ३-शरीर में होने वाली पित्ती होने पर , एक चम्मच फिटकरी को थोड़े से पानी में डालें , तीन खाने वाले पान के पत्ते लें | फिटकरी वाले पानी में मिलाकर इन पत्तों को पीस लें | इस मिश्रण को पित्ती के चिकत्तों पर लेप करें , लाभ होगा | ४ - मोच आने पर पान के पत्ते पर सरसों का तेल लगाकर गर्म करें , फिर इसे मोच पर बांधें शीघ्र लाभ होगा |

Hakikat

आइये कुछ विरोधाभाषों पर चर्चा करते हैं । आतंकवाद बर्दास्त नहीं किया जायेगा, जिन मदरसों से ये फसल उगती है, उन्हे खाद पानी को सौ करोड़ अनुदान दिया जायेगा । मदरसों पर अनुदान नहीं मंजूर, पर फोकट के माल पे धरम करना/हज करना ये कहां का दस्तूर । गाय को डंडा मारने वाले पर पशू उत्पीड़न की धारा लगाइ जायेगी, पिंक रिवोल्यूसन (गौमांस विक्रय) पर टैक्स छूट दी जायेगी । मोदी विदेशों मे हिन्दी की डंका बजाये जा रहे है, देश में लड़के परीक्षा हिन्दी माध्यम से कराये जाने को डंडे खाये जा रहे हैं । वैदिक की बातों पे सब के सब ताकत दिखा रहे हैं , पर गिलानी खुलेआम हाफीज सइद को न्योता दे रहा, सब कान के बहरे बने जा रहे हैं । मंदिर की कमाइ पर टैक्स , कब्रीस्तानों की चाहरदीवारी बनाने, मसजिदों और हज सबसिडी पे लूटा रहे हैं । धारा 370 हम हटा के रहेगे, ताजा समाचार, ऐसा हमारा अभी कोइ भी नहीं है विचार । कालेधन को हम यूं लायेंगें, अरे भाइ हमरा ननीहाल का माल है का स्वीटजरलैंडवा वाला सब बूड़बके है का जो दे देगा, और उ देगा तबे न हम लायेंगें । एक और समाचार महाभगेड़ू दिल्लीवाले की ओर से तहलका डाटकाम की खबर कांग्रेसी विधायक बिकने...

STORY

भगवान भुवन भास्कर की पहली किरण अभी फूटी ही थी. प्रातः वायुसेवन हेतु पार्क में लोगों ने टहलना प्रारम्भ कर दिया था. रातभर के विश्राम पश्चात जानवरो के झुण्ड सब्जी मण्डी की ओर बढ चले थे. एक गाय अपने बछड़े को जल्दी से दुलार कर दूध पिलाते हुये अपने झुण्ड में शामिल होने को तत्पर मालुम पड़ती थी. उसी समय एक तीव्र मर्मभेदी पशु चीत्कार से लोगों के हृदय हिल उठे. प्रातःकालीन सन्नाटे के भंग होने चौंके लोगों का ध्यान बरबस ही उस ओर चला गया जहां पर कुछ लोग एक सुअर शावक को मारने का प्रयास कर रहे थे. प्राणासन्न संकट और मर्मान्तक प्रहार की पीड़ा से सुअर शावक की चीखें असह्य होती जा रहीं थी. लोगों ने अनसुना करने का प्रयास किया. कुछ ने कानों मे उंगली डाल कर अपने अभिजात्य होने का प्रदर्शन किया तो कुछ ने उसी समय ध्वनि प्रदूषण पर चर्चा को उपयुक्त समझा. कुछ लोग तो बस बड़बड़ाते हुये पार्क से बाहर निकल लिये. इस प्रकार सुसभ्य मानव समाज ने अपनी शाब्दिक संवेदना व्यक्त कर छुट्टी पा ली. किन्तु उसी समय, यह क्या..! कुछ लोग दौड़े, कुछ भागे, कुछ गिर पड़े तो कुछ ने पार्क की झाड़ियों में छिपने का प्रयास किया. इस भागा...

Hakikat....????

यह कैसी पत्रकारिता ,,,,यह कहाँ की धर्मनिरपेक्षता ........?? - राहुल गाँधी पर बलात्कार के आरोप लगे, कोई न्यूज़ देखी? जिसका बलात्कार किया वो परिवार समेत गायब हो गए, कोई न्यूज़ नहीं देखी? - इसी साल हेदराबाद में कई काजी और इमाम पकडे गए जो छोटी छोटी बच्चियों को अरब के शेखो को बेच रहे थे, कोई न्यूज़ देखी? - कश्मीर का एक इमाम पकड़ा गया जिसने 200 से ज्यादा लडकियों का बलात्कार किया अल्लाह के नाम पर, कोई न्यूज़ देखी? - पिछले एक साल में राजस्थान, केरला, कर्णाटक, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा में कई पादरी पकडे गए सेकड़ो बच्चियों से योंन शोषण करते हुए, पर कोई न्यूज़ देखी? - अभी अभी ताज़ी न्यूज़ की हेदराबाद में ओवैसी के दम पर एक मुस्लिम साडी शॉप में हिन्दू ओरतो के बलात्कार हो रहे है और उनके विडियो youtube पर अपलोड हो रहे है, कोई न्यूज़ देखी? - बुखारी पर 100 से ज्यादा क्रिमिनल, देश द्रोह और दंगा भड़काने के केस चल रहे है और नॉन बैलाबल वारंट भी निकले है, पर कोई न्यूज़ देखी? आज तक सरकार उसको गिरफ्तार क्यूँ नहीं कर रही? आखिर क्यूँ ?,,,,,हिन्दू संतो और संस्कृति को द...

EK SACHI GHATNA

गर्भपात करवाना गलत माना गया है, कृपया इस लेख को अवश्य पढ़े और अगर इसे पढ़ कर आपके दिलकी धड़कने बढ़ जाये तो शेयर अवश्य करे | गर्भस्थ बच्ची की हत्या का आँखोँ देखा वि अमेरिका मेँ सन 1984 मेँ एक सम्मेलन हुआ था 'नेशनल राइट्स टू लाईफ कन्वैन्शन' । इस सम्मेलन के एक प्रतिनिधि ने डॉ॰ बर्नार्ड नेथेनसन के द्वारा गर्भपात की बनायी गयी एक अल्ट्रासाउण्ड फिल्म 'साइलेण्ट स्क्रीम' (गूँगी चीख) का जो विवरण दिया था, वह इस प्रकार है- ' गर्भ की वह मासूम बच्ची अभी दस सप्ताह की थी व काफी चुस्त थी । हम उसे अपनी माँ की कोख मेँ खेलते, करवट बदलते वअंगूठा चूसते हुए देख रहे थे । उसके दिल की धड़कनोँ को भी हम देख पा रहे थे और वह उस समय 120 की साधारण गति से धड़क रहा था । सब कुछ बिलकुल सामान्य था; किँतु जैसे ही पहले औजार (सक्सन पम्प) ने गर्भाशय की दीवार को छुआ, वह मासूम बच्ची डर से एकदम घूमकर सिकुड़ गयी और उसके दिल की धड़कन काफी बढ़ गयी । हलाँकिअभी तक किसी औजार ने बच्ची को छुआ तकभी नहीँ था, लेकिन उसे अनुभव हो गया था कि कोई चीज उसके आर...

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परवल (पटोल ) - परवल उत्तर भारत के मैदानी प्रदेशों में आसाम ,पूर्व बंगाल में पाया जाता है | इसकी दो प्रजातियां होती हैं १-पटोल २- कटु पटोल | मधुर परवल का प्रायः शाक बनाया जाता है व कड़वे परवल का प्रयोग औषधि कार्य के लिए किया जाता है | परवल में प्रोटीन, वसा,खनिज,लवण,कार्बोहाइड्रेट निकोटिनिक अम्ल,राइबोफ्लेविन,विटामिन C ,थायमिन तथा ट्राइकोजेंथिन पाया जाता है | परवल की सब्जी खाने से भोजन पचाने की क्रिया बढ़ जाती है | इसके प्रयोग से पित्तज्वर,पुराना बुखार,पीलिया व पेट के रोग दूर होते हैं | विभिन्न रोगों का परवल से उपचार - १- परवल की सब्जी को घी में पकाकर खाने से आँखों की बीमारियों में लाभ होता है | २- पांच मिली परवल के पत्तों के रस में शहद मिलाकर पीने से रक्तपित्त में लाभ होता है | ३- परवल की सब्जी खाने से खाज-खुजली तथा कोढ़ का रोग दूर होता है | ४- परवल की हरी पत्तियों का रस २ चम्मच की मात्रा में पीने से जलोदर (पेट में पानी की अधिकता) में लाभ होता है | ५- परवल पाचक,हृदय के लिए हितकारी,हल्का,पाचन शक्ति बढ़ाने वाला तथा गर्म है | यह खांसी,बुखार,कृमि तथा त्रिदोषनाशक है |

KNOWLEDGE

फूलों पर जिंदा थे हिमयुग के जानवर रिसर्च से इस बात के संकेत मिले हैं कि हिमयुग में विलुप्त हो चुके जानवरों की कई प्रजातियां जंगली फूलों पर निर्भर थीं. इनमें भारी बालों वाले विशालकाय हाथियों की प्रजाति और गैंडे भी शामिल हैं. आर्कटिक में जमीन की अंदरूनी तह से मिट्टी के नमूनों (परमाफ्रॉस्ट) और विलुप्त हो चुके जानवरों के जीवाश्मों की डीएनए जांच के बाद वैज्ञानिकों ने ये परिणाम दिए हैं. उनका कहना है कि पृथ्वी से विलुप्त हो चुकी कई भारी भरकम जानवरों की प्रजातियां इन फूलों को खाकर जिंदा थीं. साइंस पत्रिका नेचर में प्रकाशित रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने कहा है कि प्रोटीन से भरे ये जंगली फूल उस समय इस इलाके में फैले हुए थे. लेकिन पर्यावरण परिवर्तन से इन फूलों की पैदावार पर भारी असर पड़ा. इनकी जगह आर्कटिक में घास और झाड़ियों ने ले ली. इनमें पोषण का स्तर फूलों जैसा नहीं है. ऐसे में इन फूलों पर निर्भर शाकाहारी प्रजातियों की संख्या पर असर पड़ा. आर्कटिक में पौधों की पैदावार में इस तरह का परिवर्तन करीब 25,000 साल पहले से शुरू हो कर आज से करीब 10,000 साल पहले तक चला. तब तक कई प्रजातियां ग...

DAILY NEWS UPDATES

Devkumar "भारत-चीन को दुनिया देखती है" ब्राजील में भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी व चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात हुई. मुलाकात के बाद चीन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियम तय करने के लिए दोनों देशों को साथ आना चाहिए. चीनी राष्ट्रपति ने पश्चिम पर तंज भी कसा. भारत और चीन के शीर्ष नेताओं के बीच हुई बातचीत में सीमा विवाद की भी चर्चा हुई. नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग ने माना कि लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद का मित्रतापूर्वक हल खोजने की जरूरत है. ब्राजील के फोर्टालेजा में हो रहे ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए मोदी और शी सोमवार शाम पहुंचे. दोनों नेता करीब करीब एक ही वक्त पहुंचे. लंबी यात्रा की थकान के बावजूद दोनों नेताओं ने अपने प्रतिनिधि मंडल के साथ मुलाकात की. 40 मिनट की तय मुलाकात करीब 80 मिनट चली. दोनों पक्षों ने इसे "अच्छी चर्चा और अच्छी मुलाकात" बताया. दोनों पक्षों के बीच कारोबार, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मसलों पर बातचीत हुई. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने चीनी राष्ट्रपति का बयान दोहराते हुए कहा, "जब भारत और चीन म...

VIGYAN

जादू भी हुआ हाईटेक मोबाइल, स्मार्टफोन, कंप्यूटर और आईपैड अब ऐसे कई काम कर रहे हैं जो कभी काल्पनिक लगा करते थे. अब जादूगर आधुनिक तकनीक को अपने बरसों पुराने जादू के साथ मिलाकर अनोखे कारनामे दिखा रहे हैं. एक तरफ हैं सदियों से रहस्य बने हुए जादू जिन्हें देख कर बच्चे और बड़े सबकी आंखें फटी का फटी रह जाती है. दूसरी तरफ है तकनीक जो हर बीतते सेंकड के साथ विकसित हो रही है. अब एक जादूगर इन दोनों के मेल से बिल्कुल अलग तरह के जादू दिखाने को तैयार है. खुद को रिसर्च जादूगर कहने वाले स्टुअर्ट नोलान कहते हैं, "इंटरनेट जादूगरों के लिए वरदान भी है और अभिशाप भी." नोलान इंटरनेट को अभिशाप इसलिए कहते हैं क्योंकि लोग जादू के वीडियो रिकॉर्ड कर उसे इंटरनेट पर डाल रहे हैं और साथ में उस जादू के राज भी खोल रहे हैं. जादू भी हुआ हाईटेक वहीं 35 साल के एक दूसरे जादूगर सिमोन पिएरो इंटरनेट को वरदान से कम नहीं मानते. पिएरो को आईपैड मैजिशियन के रूप में जाना जाता है. तीन साल पहले उन्होंने आईपैड के साथ अपने जादू का पहला वीडियो यूट्यूब पर पोस्ट किया. इसमें वह एप्पल के टैबलेट पीसी आईपैड के साथ कई तरह...

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काले जादू में फंसा पाकिस्तान दिलरुबा का दिल जीतना हो या नौकरी में तरक्की पानी हो, इन बातों को पूरा करने के लिए पाकिस्तान में कई बार लोग काले जादू और पीर फकीर की शरण में चले जाते हैं. और गोरखधंधा करने वाले लोग हर मर्ज का इलाज करने का दावा करते हैं. पीर और आमिल इस सदियों पुरानी 'सिद्धि' में लगे हैं. इस्लाम के प्रतिष्ठित इदारे इन्हें गलत बताते हैं, फिर भी लोग अंधविश्वास में इनके चक्कर में पड़ जाते हैं. गाहे बगाहे किसी की मुराद यूं ही पूरी हो गई, तो वे समझते हैं कि यह काले जादू का असर है. फिर और लोग भी इनके शिकंजे में फंसते चले जाते हैं. कई अखबारों में बड़े बड़े इश्तिहार छपते हैं, "घर बैठे कोई भी काम कराने के लिए हम से संपर्क करें." इसमें काम की सूची भी हैः प्यार में नाकामी, बॉस से अच्छे रिश्ते, अच्छी जगह ट्रांसफर, विदेश यात्रा, शादी के न्योते और लॉटरी में जीत. पचपन साल के पीर अली हुसैन शाह तो कहते हैं कि दुआओं का लगातार जाप भी कई मुश्किलों को दूर कर सकता है, "बीमारी, वित्तीय और पारिवारिक समस्याएं तो रात भर की दुआओं से ही ठीक हो सकती हैं." शाह का ...