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अगस्त 3, 2014 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

इससे बाल सफेद नहीं होते

बालों की सभी समस्याओ जैसे - गन्जापन, रूसी, झडना, असमय सफेद होने की ------------ चिकित्सा :- 1. अमरबेल : 250 ग्राम अमरबेल को लगभग 3 लीटर पानी में उबालें। जब पानी आधा रह जाये तो इसे उतार लें। सुबह इससे बालों को धोयें। इससे बाल लंबे होते हैं। 2. त्रिफला : त्रिफला के 2 से 6 ग्राम चूर्ण में लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग लौह भस्म मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से बालों का झड़ना बन्द हो जाता है। 3. कलौंजी : 50 ग्राम कलौंजी 1 लीटर पानी में उबाल लें। इस उबले हुए पानी से बालों को धोएं। इससे बाल 1 महीने में ही काफी लंबे हो जाते हैं। 4. नीम : नीम और बेर के पत्ते को पानी के साथ पीसकर सिर पर लगा लें और इसके 2-3 घण्टों के बाद बालों को धो डालें। इससे बालों का झड़ना कम हो जाता है और बाल लंबे भी होते हैं। 5. लहसुन : लहसुन का रस निकालकर सिर में लगाने से बाल उग आते हैं। 6. सीताफल : सीताफल के बीज और बेर के बीज के पत्ते बराबर मात्रा में लेकर पीसकर बालों की जड़ों में लगाएं। ऐसा करने से बाल लंबे हो जाते हैं। 7. आम : 10 ग्राम आम की गिरी को आंवले के रस में पीसकर बालों में लगाना चाहिए। इससे बाल लंबे और घुंघराले हो जाते है...

हार्ट अटैक: ना घबराये ......

सहज सुलभ उपाय .... 99 प्रतिशत ब्लॉकेज को भी रिमूव कर देता है पीपल का पत्ता.... पीपल के 15 पत्ते लें जो कोमल गुलाबी कोंपलें न हों, बल्कि पत्ते हरे, कोमल व भली प्रकार विकसित हों। प्रत्येक का ऊपर व नीचे का कुछ भाग कैंची से काटकर अलग कर दें। पत्ते का बीच का भाग पानी से साफ कर लें। इन्हें एक गिलास पानी में धीमी आँच पर पकने दें। जब पानी उबलकर एक तिहाई रह जाए तब ठंडा होने पर साफ कपड़े से छान लें और उसे ठंडे स्थान पर रख दें, दवा तैयार। इस काढ़े की तीन खुराकें बनाकर प्रत्येक तीन घंटे बाद प्रातः लें। हार्ट अटैक के बाद कुछ समय हो जाने के पश्चात लगातार पंद्रह दिन तक इसे लेने से हृदय पुनः स्वस्थ हो जाता है और फिर दिल का दौरा पड़ने की संभावना नहीं रहती। दिल के रोगी इस नुस्खे का एक बार प्रयोग अवश्य करें। * पीपल के पत्ते में दिल को बल और शांति देने की अद्भुत क्षमता है। * इस पीपल के काढ़े की तीन खुराकें सवेरे 8 बजे, 11 बजे व 2 बजे ली जा सकती हैं। * खुराक लेने से पहले पेट एक दम खाली नहीं होना चाहिए, बल्कि सुपाच्य व हल्का नाश्ता करने के बाद ही लें। * प्रयोगकाल में तली चीजें, चावल आदि न ले...

लवण भास्कर चूर्ण बनाए..!

यह खाना पीना पचाने का एक जायके दार योग है।यह एक निरापद योग है जो 1 से 3 ग्राम की मात्रा में लेने पर उदर संबंधी रोगों को अपने से दूर रखा जा सकता है।यह योग वैसे मढ्ढे के साथ सर्वोत्तम लाभ प्रदान करता है किन्तु काँजी,दही का पानी या सामान्य गर्म जल के साथ भी लिया जा सकता है व इसके लाभ प्राप्त किये जा सकते हैं।रात को सोने से पहले गर्म पानी से लिया हुआ चूर्ण सुबह को साफ व खुलकर शौच लाता है और कब्ज से राहत प्रदान करता है।यदि इस चूर्ण को बराबर मात्रा में पंचसकार चूर्ण के साथ लिया जाए तो सुबह को खुलकर 2-3 दस्त हो जाते है और पेट विल्कुल साफ हो जाता है। वैसे तो यह चूर्ण विभिन्न कम्पनियाँ बनाती हैं।लैकिन उत्तमता की गारंण्टी रहै इस लिए आप चाहैं तो स्वयं भी बनाकर लाभ ले सकते हैं। चूर्ण के लिए जरुरी उपयोगी द्रव्य आप किसी पंसारी या ग्रोसर से ले सकते हैं। घटक द्रव्य ः-सेंधानमक,विडनमक,पीपल,पिपलामूल,तेजपात, काला जीरा,तालीस पत्र,नागकेशर,और अम्लवेत सभी द्रव्य 24-24 ग्राम सौचल नमक-60ग्राम जीरा,काली मिर्च,सोंठ-12-12 ग्राम समुद्री नमक- 96 ग्राम अनार दाना -48 ग्राम बड़ी इलायची,दाल चीनी-6-6 ग्राम सभी वस्तुऔं का...

 पानी ल्यूकोरिया का इलाज.....

ल्यूकोरिया(सफेद पानी)कीबीमारी सफेद पानीकीबीमारी महिलाओं के शरीर को बेहद कमजोर कर देती है और बोनस के रूप में कुछ और भी बीमारियों को पैदा कर देती है . जैसे त्वचा में रूखापन, गालों में गड्ढे, कमर दर्द, सेक्स में अरुचि, घुटनों में दर्द, पाचन में गड़बड़ी, चिडचिडापन आदि इत्यादि. इसका एक बेहद सरल इलाज है- कौंच के बीज कौंच को कपिकच्छु भी कहते हैं. इसमें कैल्शियम, फास्फोरस, लौह तत्व, प्रोटीन, गंधक और गेलिक एसिडपाया जाता है. आप कौंच के बीज लीजिये. उनका पावडरबना लीजिये .बस इसी पावडर को सुबह शाम पानी से निगल लीजिये .मात्रा होगी २-२ ग्राम.देखिये फिर जल्दी ही आपको इस नामुराद बीमारी से२१ दिन में ही.कैसे छुटकारा मिलता है. कई बीमारियों को दूर करता है अशोक का पेड़पेड़ पौधे ना सिर्फ पर्यावरण को स्वच्छ बनाते हैं, बल्कि हमारे जीवन में भी बहुत अधिक महत्व रखते हैं। इनसे कई जीवन रक्षक दवाएं बनाई जाती हैं, जो हमारे शरीर को स्वस्थ्य रखती हैं। इन्हीं में से एक है अशोक का पेड़ जो घर के आस पास सौंदर्य तो बढ़ाता ही है साथ ही इसके औषधीय गुणं इसे और भी उपयोगी बनाते हैं। क्या हैं फायदे- 1. मधुमेह में आशोक के सूखे पुष्...

इससे बाल सफेद नहीं होते

बालों की सभी समस्याओ जैसे - गन्जापन, रूसी, झडना, असमय सफेद होने की ------------ चिकित्सा :- 1. अमरबेल : 250 ग्राम अमरबेल को लगभग 3 लीटर पानी में उबालें। जब पानी आधा रह जाये तो इसे उतार लें। सुबह इससे बालों को धोयें। इससे बाल लंबे होते हैं। 2. त्रिफला : त्रिफला के 2 से 6 ग्राम चूर्ण में लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग लौह भस्म मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से बालों का झड़ना बन्द हो जाता है। 3. कलौंजी : 50 ग्राम कलौंजी 1 लीटर पानी में उबाल लें। इस उबले हुए पानी से बालों को धोएं। इससे बाल 1 महीने में ही काफी लंबे हो जाते हैं। 4. नीम : नीम और बेर के पत्ते को पानी के साथ पीसकर सिर पर लगा लें और इसके 2-3 घण्टों के बाद बालों को धो डालें। इससे बालों का झड़ना कम हो जाता है और बाल लंबे भी होते हैं। 5. लहसुन : लहसुन का रस निकालकर सिर में लगाने से बाल उग आते हैं। 6. सीताफल : सीताफल के बीज और बेर के बीज के पत्ते बराबर मात्रा में लेकर पीसकर बालों की जड़ों में लगाएं। ऐसा करने से बाल लंबे हो जाते हैं। 7. आम : 10 ग्राम आम की गिरी को आंवले के रस में पीसकर बालों में लगाना चाहिए। इससे बाल लंबे और घुंघराले हो जाते है...

ऑक्सीजन की आपूर्ति जल्द ही मानव निर्मित पत्तियों से होगी.

अंतरिक्ष यात्रा के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को ऑक्सीजन की आपूर्ति जल्द ही मानव निर्मित पत्तियों से होगी. दुनिया की पहली कृत्रिम जैविक पत्ती का विकास हो चुका है, जो पानी और कार्बन डाईऑक्साइड का अवशोषण कर ऑक्सीजन पैदा करने में सक्षम है. इस पत्ती का विकास करने वाले ब्रिटेन के रॉयल कॉलेज ऑफ आर्ट के जूलियन मेलकियोरी ने कहा, 'इस खोज से लंबी दूरी की अंतरिक्ष यात्रा में सहूलियत होगी. साथ ही अंतरिक्ष में इंसान के बसने में भी यह मदद कर सकता है. क्योंकि शून्य गुरुत्वाकर्षण में पौधे नहीं उगाए जा सकते.' मीडिया ने मेलकियोरी के हवाले से कहा, 'लंबी दूरी की अंतरिक्ष यात्रा के दौरान जिंदा रहने के लिए विभिन्न विधियों से ऑक्सीजन पैदा करने के लिए नासा लगातार शोध कर रहा है.' मेलकियोरी की रेशम पत्ती परियोजना का विकास रॉयल कॉलेज ऑफ ऑर्ट्स इनोवेशन डिजाइन इंजीनियरिंग कोर्स और टफ्ट्स यूनिवर्सिटी ऑफ सिल्क लैब से हुआ है. परियोजना के तहत क्लोरोप्लास्ट को रेशम के प्रोटीन में रखा जाता है. 'पदार्थ को सीधे रेशम के तंतुओं से अलग किया गया है, जिसमें अणुओं के स्थिरीकरण का गजब का गुण है.' मेलकियोरी ...

STORY

ये story आप सब ने पढ़ी ही होगी पर एक बार ओर पढ़ लो ( old is gold) एक मकड़ी थी. उसने आराम से रहने के लिए एक शानदार जाला बनाने का विचार किया और सोचा की इस जाले मे खूब कीड़ें, मक्खियाँ फसेंगी और मै उसे आहार बनाउंगी और मजे से रहूंगी . उसने कमरे के एक कोने को पसंद किया और वहाँ जाला बुनना शुरू किया. कुछ देर बाद आधा जाला बुन कर तैयार हो गया. यह देखकर वह मकड़ी काफी खुश हुई कि तभी अचानक उसकी नजर एक बिल्ली पर पड़ी जो उसे देखकर हँस रही थी. मकड़ी को गुस्सा आ गया और वह बिल्ली से बोली , " हँस क्यो रही हो?" "हँसू नही तो क्या करू." , बिल्ली ने जवाब दिया , " यहाँ मक्खियाँ नही है ये जगह तो बिलकुल साफ सुथरी है, यहाँ कौन आयेगा तेरे जाले मे." ये बात मकड़ी के गले उतर गई. उसने अच्छी सलाह के लिये बिल्ली को धन्यवाद दिया और जाला अधूरा छोड़कर दूसरी जगह तलाश करने लगी. उसने ईधर ऊधर देखा. उसे एक खिड़की नजर आयी और फिर उसमे जाला बुनना शुरू किया कुछ देर तक वह जाला बुनती रही , तभी एक चिड़िया आयी और मकड़ी का मजाक उड़ाते ह...