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जुलाई 21, 2014 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

STORY....KNOWLEDGE

बेडरूम का वास्तु रखेगा आपकी खुशियों का ध्यान आपका बेडरूम आपके स्वास्थ्य और आपकी संपन्नता का सूचक है। यदि बेडरूम वास्तु की दृष्टि से आपने सजाकर रखा है तो आपके सारे कष्टों को आपसे दूर रखने में यह अपनी पूरी ताकत लगा देता है। इसलिए, कई लोग घर बनाने से लेकर इसकी सजावट तक में वास्तु का ध्यान सबसे पहले रखते हैं। आइए, जानें बेडरूम का वास्तु क्या कहता है- 1. यदि आपने अपना घर कई मंजिलों का बनाया है तो बेडरूम सबसे ऊपर की मंजिल पर हो तो इसे वास्तु की दृष्टि से बेहतर माना जाता है। 2. सोते समय आपका सिर या तो पश्चिम या फिर दक्षिण दिशा में रखें। ऐसे में सुबह उठने का साथ ही आपका चेहरा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होगा जिसे शुभ माना जाता है। उत्तर दिशा को कुबेर की दिशा कही जाती है, इसलिए स्वास्थ्य के साथ-साथ आपकी सम्पत्ति में भी यह बढ़ोतरी लाता है। 3. अपना बेड दक्षिण-पश्चिम दिशा में अथवा पश्चिम दिशा में रखें। यह सुख-सम्पत्ति में वृद्धि लाता है। 4. पानी, बुक्स, घड़ी जैसे छोटे-मोटे सामान रखने के लिए बेड के दाईं तरफ आप कोई छोटी टेबल रख सकते हैं। 5. सबसे अहम बात कि बेडरूम में सामान शिफ्ट करते समय यह जरूर ध्यान...

करीब दो अरब लोग भूखे रहने पर अभिशप्त हो सकते हैं।

करीब दो अरब लोग भूखे रहने पर अभिशप्त हो सकते हैं 1."प्रतिदिन आठ घंटे निष्ठापूर्वक काम करने के फलस्वरूप आपको संभवतः प्रबंधकर्ता बन कर प्रतिदिन बारह घंटे काम करने का अवसर मिल सकता है।" हंस का एक झुड समु तट के ऊपर से गुज़र रहा था , उसी जगह एक कौवा भी मौज मती कर रहा था . उसने हंस को उपेा भर नज़र से देखा "तुम लोग कतनी अछ उड़ान भर लेते हो !" कौवा मज़ाक के लहजे म बोला, "तुम लोग और कर ह या सकते हो बस अपना पंख फड़फड़ा कर उड़ान भर सकते हो !!! या तुम मेर तरह फूत से उड़ सकते हो ??? मेर तरह हवा म कलाबाजयां दखा सकते हो ???…नहं , तुम तो ठक से जानते भी नहं क उड़ना कसे कहते ह !" कौवे क बात सुनकर एक वृ हंस बोला ," ये अछ बात है क तुम ये सब कर लेते हो , लेकन तुहे इस बात पर घमंड नहं करना चाहए ." " म घमंड – वमंड नहं जानता , अगर तुम म से कोई भी मेरा मुकाबला कर सकत है तो सामने आये और मुझे हरा कर दखाए ." एक युवा नर हंस ने कौवे क चुनौती वीकार कर ली . यह तय हुआ क ितयोिगता दो चरण म होगी , पहले चरण म कौवा अपने करतब दखायेगा और हंस को भी वह करके दखाना होगा और दूसरे चरण म कौवे...

करीब दो अरब लोग भूखे रहने पर अभिशप्त हो सकते हैं।

  अमेरिका के वायुमंडलीय और पर्यावरणीय वैज्ञानिकों के चार सदस्यीय एक दल ने एक अध्ययन इस बात को जानने के लिए किया है कि अगर सीमित स्तर पर क्षेत्रीय परमाणु युद्ध का आगाज हो जाए तो क्या होगा। इसके लिए वैज्ञानिकों ने  Free classified ads unlimitted Dear Friends Agar aap apni Kisi bhi product ya Buisiness opportunity ya Income opportunity Ya Article ka Free classified advertise http://mlmfreeclassifiedads.blogspot.in/2014/06/blog-post.html?m=1me advertise karna chahte hai to ap apni advertise ko hindi ya english kisi bhi madhyam me deshpriya6.freeclassifiedads@blogger.com par email kare Good time एक बच्चा बाजार के बाहर अपनी मां के आने का इन्तजार कर रहा था, तभी वहां से एक बाबाजी कुछ इधर- उधर देखते हुए बच्चे की तरफ आ रहे थे उसने बच्चे को देखा तो यकायक पूछ लिया बेटा, जरा मुझे ये तो बताओ की ये पोस्ट ऑफिस कहां है? बच्चे ने कहा बाबा यहां से सीधे आगे चले जाइये, आगे से अपने सीधे हाथ की तरफ मूड़ जाईये, वहां तीन चार सीढि़यां नजर आएंगी बस उनको पार कर लेना वहीं सामने पोस्ट ऑफिस है! बाबा ने बच्च...

KNOWLEDGE

स्कूल से llछुट्टी होते ही सभी बच्चे बस्ता उठा कर घर की ओर दौड़े । रास्ते में उन्होंने देखा कि एक हष्टपुष्ट व्यक्ति एक दुबले पतले लड़के को बेंत से मार रहा है |सभी बच्चे मुंह मोड़ कर अपने- अपने घरों की ओर चल दिए, पर एक बच्चा यह सह नही पाया और उस व्यक्ति से बोला 'भाई ,आप इस लड़के को कितने बेंत मरना चाहते हो ?' "क्या मतलब ?" उस व्यक्ति ने पूछा । वह बच्चा मधुरता से बोला ,मैं इतना ताकतवर तो नही कि इस लड़के के पक्ष में आप से लडूं , पर इतना अवश्य कर सकता हूँ कि इस की पिटाई में हिस्सेदार बन जाऊ'' "तुम कहना क्या चाहते हो?'' उस व्यक्ति ने पूछा ! मेरा मतलब है कि इस लड़के को जितने बेंत मरना है , उस के आधे मेरी पीठ पर मर लीजिए , "लड़के ने स्पष्ट किया ।" व्यक्ति को उस बच्चे की मानवता पर आश्चर्य हुआ और खुद पर शर्म आई कि मैं एक कमजोर को मार रहा हूँ और यह इस के बदले मार खाने को तैयार है । उस व्यक्ति ने उसी समय बेंत तोड़ कर फेंक दिया| मानवता की मिसाल वह बच्चा आगे चल कर अंग्रेजी के प्रसिद्ध कवि लार्ड बायरन के नाम से विख्यात हुआ ।

Re: Breaking....

On Jul 20, 2014 12:50 AM, deshpriya6@gmail.com wrote: > > > CORPORATE > RIL का नेट प्रॉफिट 13.7 फीसदी बढ़कर पहुंचा 5,957 करोड़ > सरकारी ईंधन खरीद नीति बेकार, रिलांयस व एस्‍सार को पहुंचा लाभ > रिलायंस इंफ्रा व पावर के लाभ में इजाफा, निवेश से होगा फायदा > ओएनजीसी में विनिवेश से पहले सरकार को करना होगा कुछ काम > बजट के हफ्ते भर बाद ही बढ़ने लगीं कीमतें, जानिए क्‍या-क्‍या हुआ महंगा > More > > BANKING > एसबीआई में अपना हि‍स्‍सा बेचेगी सरकार, नि‍वेशकों को मि‍लेगा फायदा > अब वि‍देश्‍ाों में भारतीय आसानी से खरीद सकते हैं प्रॉपर्टी और शेयर > कॉरपोरेशन बैंक अगले साल तक खोलेगी 200 कॉर्प एक्‍सेल ब्रांच > जानें, कैसे बॉन्‍ड मार्केट पर टि‍का है इंफ्रा प्रोजेक्‍ट्स का भवि‍ष्‍य

Ramayan :- balkand

बालकाण्ड श्री रामचरित्‌ सुनने-गाने की महिमा दोहा : * राम रूपु भूपति भगति ब्याहु उछाहु अनंदु। जात सराहत मनहिं मन मुदित गाधिकुलचंदु॥360॥ भावार्थ:-गाधिकुल के चन्द्रमा विश्वामित्रजी बड़े हर्ष के साथ श्री रामचन्द्रजी के रूप, राजा दशरथजी की भक्ति, (चारों भाइयों के) विवाह और (सबके) उत्साह और आनंद को मन ही मन सराहते जाते हैं॥360॥ चौपाई : * बामदेव रघुकुल गुर ग्यानी। बहुरि गाधिसुत कथा बखानी॥ सुनि मुनि सुजसु मनहिं मन राऊ। बरनत आपन पुन्य प्रभाऊ॥1॥ भावार्थ:-वामदेवजी और रघुकुल के गुरु ज्ञानी वशिष्ठजी ने फिर विश्वामित्रजी की कथा बखानकर कही। मुनि का सुंदर यश सुनकर राजा मन ही मन अपने पुण्यों के प्रभाव का बखान करने लगे॥1॥ * बहुरे लोग रजायसु भयऊ। सुतन्ह समेत नृपति गृहँ गयऊ॥ जहँ तहँ राम ब्याहु सबु गावा। सुजसु पुनीत लोक तिहुँ छावा॥2॥ भावार्थ:-आज्ञा हुई तब सब लोग (अपने-अपने घरों को) लौटे। राजा दशरथजी भी पुत्रों सहित महल में गए। जहाँ-तहाँ सब श्री रामचन्द्रजी के विवाह की गाथाएँ गा रहे हैं। श्री रामचन्द्रजी का पवित्र सुयश तीनों लोकों में छा गया॥2॥ * आए ब्याहि रामु घर जब तें। बसइ अनंद ...

RAMAYAN :-AYODHYA KAND

अयोध्याकांड द्वितीय सोपान-मंगलाचरण श्लोक : * यस्यांके च विभाति भूधरसुता देवापगा मस्तके भाले बालविधुर्गले च गरलं यस्योरसि व्यालराट्। सोऽयं भूतिविभूषणः सुरवरः सर्वाधिपः सर्वदा शर्वः सर्वगतः शिवः शशिनिभः श्री शंकरः पातु माम्‌॥1॥ भावार्थ:-जिनकी गोद में हिमाचलसुता पार्वतीजी, मस्तक पर गंगाजी, ललाट पर द्वितीया का चन्द्रमा, कंठ में हलाहल विष और वक्षःस्थल पर सर्पराज शेषजी सुशोभित हैं, वे भस्म से विभूषित, देवताओं में श्रेष्ठ, सर्वेश्वर, संहारकर्ता (या भक्तों के पापनाशक), सर्वव्यापक, कल्याण रूप, चन्द्रमा के समान शुभ्रवर्ण श्री शंकरजी सदा मेरी रक्षा करें॥1॥ * प्रसन्नतां या न गताभिषेकतस्तथा न मम्ले वनवासदुःखतः। मुखाम्बुजश्री रघुनन्दनस्य मे सदास्तु सा मंजुलमंगलप्रदा॥2॥ भावार्थ:-रघुकुल को आनंद देने वाले श्री रामचन्द्रजी के मुखारविंद की जो शोभा राज्याभिषेक से (राज्याभिषेक की बात सुनकर) न तो प्रसन्नता को प्राप्त हुई और न वनवास के दुःख से मलिन ही हुई, वह (मुखकमल की छबि) मेरे लिए सदा सुंदर मंगलों की देने वाली हो॥2॥ * नीलाम्बुजश्यामलकोमलांग सीतासमारोपितवामभागम्‌। पाणौ महासाय...

Ramayan :- ayodhaykand

अयोध्याकांड श्री राम-कौसल्या-सीता संवाद * कहि प्रिय बचन प्रिया समुझाई। लगे मातु पद आसिष पाई॥ बेगि प्रजा दुख मेटब आई। जननी निठुर बिसरि जनि जाई॥3॥ भावार्थ:-श्री रामचन्द्रजी ने प्रिय वचन कहकर प्रियतमा सीताजी को समझाया। फिर माता के पैरों लगकर आशीर्वाद प्राप्त किया। (माता ने कहा-) बेटा! जल्दी लौटकर प्रजा के दुःख को मिटाना और यह निठुर माता तुम्हें भूल न जाए!॥3॥ * फिरिहि दसा बिधि बहुरि कि मोरी। देखिहउँ नयन मनोहर जोरी। सुदिन सुघरी तात कब होइहि। जननी जिअत बदन बिधु जोइहि॥4॥ भावार्थ:-हे विधाता! क्या मेरी दशा भी फिर पलटेगी? क्या अपने नेत्रों से मैं इस मनोहर जोड़ी को फिर देख पाऊँगी? हे पुत्र! वह सुंदर दिन और शुभ घड़ी कब होगी जब तुम्हारी जननी जीते जी तुम्हारा चाँद सा मुखड़ा फिर देखेगी!॥4॥ दोहा : * बहुरि बच्छ कहि लालु कहि रघुपति रघुबर तात। कबहिं बोलाइ लगाइ हियँ हरषि निरखिहउँ गात॥68॥ भावार्थ:-हे तात! 'वत्स' कहकर, 'लाल' कहकर, 'रघुपति' कहकर, 'रघुवर' कहकर, मैं फिर कब तुम्हें बुलाकर हृदय से लगाऊँगी और हर्षित होकर तुम्हारे अंगों को देखूँगी!॥68॥ चौपाई : ...