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अप्रैल 14, 2016 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

HINDI STORY

अकल की दुकान : एक था रौनक। जैसा नाम वैसा रूप। अकल में भी उसका मुकाबला कोई नहीं कर सकता था। एक दिन उसने घर के बाहर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा- 'यहां अकल बिकती है।' उसका घर बीच बाजार में था। हर आने-जाने वाला वहां से जरूर गुजरता था। हर कोई बोर्ड देखता, हंसना और आगे बढ़ जाता। रौनक को विश्वास था कि उसकी दुकान एक दिन जरूर चलेगी। एक दिन एक अमीर महाजन का बेटा वहां से गुजरा। दुकान देखकर उससे रहा नहीं गया। उसने अंदर जाकर रौनक से पूछा- 'यहां कैसी अकल मिलती है और उसकी कीमत क्या है? ' उसने कहा- 'यह इस बात पर निर्भर करता है कि तुम इस पर कितना पैसा खर्च कर सकते हो।' गंपू ने जेब से एक रुपया निकालकर पूछा- 'इस रुपए के बदले कौन-सी अकल मिलेगी और कितनी?' 'भई, एक रुपए की अकल से तुम एक लाख रुपया बचा सकते हो।' गंपू ने एक रुपया दे दिया। बदले में रौनक ने एक कागज पर लिखकर दिया- 'जहां दो आदमी लड़-झगड़ रहे हों, वहां खड़े रहना बेवकूफी है।' गंपू घर पहुंचा और उसने अपने पिता को कागज दिखाया। कंजूस पिता ने कागज पढ़ा तो वह गुस्से से आगबबूला हो गया। गंपू को क...

Hindi story

| प्रेम की महिमा | पुराने समय की बात है एक शहर के आस पास के जंगलो में एक भेडिये का इतना आतंक छाया हुआ था कि वंहा कोई रास्ता चलने का साहस भी नहीं करता था । वह अनेक मनुष्यों और जानवरों को मार चुका था । अंत में उस शहर के एक महान संत फ्रास्वा ने उस भयानक जानवर का सामना करने की ठानी । वे शहर के से बाहर निकले तो उनके पीछे स्त्री और पुरुषों की बहुत भीड़ थी । जैसे ही संत जंगल के समीप पहुंचे वैसे ही भेडिये ने उनकी तरफ रुख किया और उनकी और लपका । तभी संत ने उसकी और एक शांतिपूर्वक ऐसा संकेत किया कि भेड़िया ठंडा होकर संत के पैरो के पास ऐसे लोट गया जैसे कोई भेड़ का बच्चा हो । तभी संत ने उसे संबोधित किया " कि देख भाई तूने इस शहर को बहुत हानि पहुंचाई है और बहुत उत्पात किया है इस वजह से तू बाकी अपराधियों की तरह दंड का अधिकारी है और इस शहर के लोग तुमसे बहुत घृणा करते है । परन्तु यदि तेरे और इस शहर में रहने वाले मेरे मित्रो के बीच मैत्री स्थापित हो जाये तो मुझे बहुत ख़ुशी होगी । भेडिये ने अपना सिर झुका लिया और पूँछ हिलाने लगा ।" इस पर संत ने फिर से कहा " देख भाई मैं प्रतिज्ञा करता हूँ कि अगर ...

Sinhasanbatishi

विक्रमादित्य बहुत दिनों की बात है। उज्जैन नगरी में राजा भोंज नाम का एक राजा राज करता था। वह बड़ा दानी और धर्मात्मा था। न्याय ऐसा करता कि दूध और पानी अलग-अलग हो जाये। उसके राज में शेर और बकरी एक घाट पानी पीते थे। प्रजा सब तरह से सुखी थी। नगरी के पास ही एक खेत था, जिसमें एक आदमी ने तरह–तरह की बेलें और साग-भाजियां लगा रक्खी थीं। एक बार की बात है कि खेत में बड़ी अच्छी फसल हुई। खूब तरकारियां उतरीं, लेकिन खेत के बीचों-बीच थोड़ी-सी जमीन खाली रह गई। बीज उस पर डाले थे, पर जमे नहीं। सो खेत वाले न क्या किया कि वहां खेत की रखवाली के लिए एक मचान बना लिया। पर उसपर वह जैसें ही चढ़ा कि लगा चिल्लाने- "कोई है? राजा भोज को पकड़ लाओं और सजा दो।" होते-होते यह बात राजा के कानों में पहुंची। राजा ने कहा, "मुझे उस खेत पर ले चलो। मैं सारी बातें अपनी आंखों से देखना और कानों से सुनना चाहता हूं।" लोग राजा को ले गये। खेत पर पहुंचने ही देखते क्या हैं कि वह आदमी मचान पर खड़ा है और कह रहा है- "राजा भोज को फौरन पकड़ लाओं और मेरा राज उससे ले लो। जाओ, जल्दी जाओं।" यह सुनकर राजा को बड़ा डर लग...

अर्जुन का घमंड

एक बार अर्जुन को अहंकार हो गया कि वही भगवान के सबसे बड़े भक्त हैं। उनकी इस भावना को श्रीकृष्ण ने समझ लिया। एक दिन वह अर्जुन को अपने साथ घुमाने ले गए। रास्ते में उनकी मुलाकात एक गरीब ब्राह्मण से हुई। उसका व्यवहार थोड़ा विचित्र था। वह सूखी घास खा रहा था और उसकी कमर से तलवार लटक रही थी। अर्जुन ने उससे पूछा, 'आप तो अहिंसा के पुजारी हैं। जीव हिंसा के भय से सूखी घास खाकर अपना गुजारा करते हैं। लेकिन फिर हिंसा का यह उपकरण तलवार क्यों आपके साथ है?' ब्राह्मण ने जवाब दिया, 'मैं कुछ लोगों को दंडित करना चाहता हूं।' आपके शत्रु कौन हैं? अर्जुन ने जिज्ञासा जाहिर की। ब्राह्मण ने कहा, 'मैं चार लोगों को खोज रहा हूं, ताकि उनसे अपना हिसाब चुकता कर सकूं। सबसे पहले तो मुझे नारद की तलाश है।नारद मेरे प्रभु को आराम नहीं करने देते, सदा भजन-कीर्तन कर उन्हें जागृत रखते हैं। फिर मैं द्रौपदी पर भी बहुत क्रोधित हूं। उसने मेरे प्रभु को ठीक उसी समय पुकारा, जब वह भोजन करने बैठे थे। उन्हें तत्काल खाना छोड़ पांडवों को दुर्वासा ऋषि के शाप से बचाने जाना पड़ा। उसकी धृष्टता तो देखिए। उसने मेरे भगवान को जूठ...

Story

एक बार एक शिक्षक संपन्न परिवार से सम्बन्ध रखने वाले एक युवा शिष्य के साथ कहीं टहलने निकले . उन्होंने देखा की रास्ते में पुराने हो चुके एक जोड़ी जूते उतरे पड़े हैं , जो संभवतः पास के खेत में काम कर रहे गरीब मजदूर के थे जो अब अपना काम ख़त्म कर घर वापस जाने की तयारी कर रहा था .शिष्य को मजाक सूझा उसने शिक्षक से कहा , " गुरु जी क्यों न हम ये जूते कहीं छिपा कर झाड़ियों के पीछे छिप जाएं ; जब वो मजदूर इन्हें यहाँ नहीं पाकर घबराएगा तो बड़ा मजा आएगा !!" शिक्षक गंभीरता से बोले , " किसी गरीब के साथ इस तरह का भद्दा मजाक करना ठीक नहीं है . क्यों ना हम इन जूतों में कुछ सिक्के डाल दें और छिप कर देखें की इसका मजदूर पर क्या प्रभाव पड़ता है !!"शिष्य ने ऐसा ही किया और दोनों पास की झाड़ियों में छुप गए .मजदूर जल्द ही अपना काम ख़त्म कर जूतों की जगह पर आ गया . उसने जैसे ही एक पैर जूते में डाले उसे किसी कठोर चीज का आभास हुआ , उसने जल्दी से जूते हाथ में लिए और देखा की अन्दर कुछ सिक्के पड़े थे , उसे बड़ा आश्चर्य हुआ और वो सिक्के हाथ में लेकर बड़े गौर से उन्हें पलट -पलट कर देखने लगा . फिर उसने...

Massage for all crowns

ATTENTION... PLEASE... डिअर फ्रेंड्स, एमवे ने 6 मंथ इनएक्टिव रूल नवंबर से लागु किया जो अप्रैल मे खत्म होगा: 1. पुराने ABO ने इन 6 माह मे जीरो पीवी किया है अर्थात कुछ भी खरीदी नहीं की है एवं कोई भी जॉइनिंग Sponsring नहीं की है। 👉वह एमवे बिज़नेस से मई मे स्वतः ही हट जावेगा। वह सिर्फ कस्टमर ही रहेगा बिज़नेस नहीं कर पायेगा। 2. जो नये ABO यानि नवंबर से I तक के लिये जॉइनिंग डेट से 6 माह के अंदर कुछ न कुछ खरीदी करते रहना है या sponsring करना है। यदि आपके ग्रुप मे ऐसे लोग है तो उन्हें सूचित करें व उनकी इस माह कुछ खरीदी करवायें। यही आपके व उस ABO के हित मे है। यह लास्ट मंथ है इसे सीरियसली लेवे। अपनी UP LINE से तुरन्त संपर्क करें। Msg...mr deshpriya mourya

ये 5 विश्वास (belief) दिलायेगे आपको सफ़लता :

विश्वास #1 : जो भी होता हैं वो किसी reason के लिए ही होता हैं. मैं इस बात को पूरे भरोसे से कह सकता हूँ की जितने भी महान लोग. जितने भी सफल लोग हुए है. उनमे एक बात समान रही. उन सभी का मानना रहा हैं की जो कुछ भी होता हैं वो किसी सटीक उद्देश्य के लिए होता हैं. हर बात में कुछ न कुछ अच्छाई छुपी ही होती है. चाहे वो हार हो. या जीत. या फिर जीत से बस एक कदम दूर रह जाना. हम हमारे पिछले कामो से जितना सिख सकते हैं उतना शायद किसी और अनुभव से नहीं. क्योकि वो हम पर बीती होती हैं. हा मैं मानता हूँ की कई बार किसी किसी परिस्तिथि में कुछ positive ढूंडना बहुत ही अधिक कठिन होता हैं. पर फिर भी आप अपनी परेशानी को देखे समझे. और फिर विचार करें की क्या इसे इतना समय देना ठीक भी हैं? आपके साथ जो कुछ भी घटता हैं. उसमे कुछ न कुछ सिख होती ही है. हम देखते है ऐसे कई लोग हमें दिख जाते है या हम उनके बारे में paper में पढ़ते है. जो किसी घटनावश या accident में अपने कुछ महत्वूर्ण अंग खों दिए. पर फिर भी वे महान कार्य कर जाते है for example Helen Keller, जो सुन नहीं सकती थी. बोल नहीं सकती थी और देख भी नहीं सकती थी. पर फिर भी ...

Story

सोचिये अगर केवल संगति से ही सारी अच्छाइयां आ जातीं तो गन्ने के साथ साथ उगने वाले पौधों में भी मीठा रस क्यों नहीं होता?? केवल अच्छी संगति रखने से ही कोई व्यक्ति विद्वान या साधु नहीं बन जाता। संगत से सकारात्मक बातें सीखकर उन्हें अपने जीवन में व्यावहारिक रूप से उतारने पर ही संगत की सार्थकता होगी अन्यथा सब मरघटिया वैराग्य ही साबित होगा। गन्ने ने खुद में धरती से रस खींचकर खुद को मीठा बना लेने की क्षमता विकसित कर ली हुई है इसलिये वह मीठा बन जाता है परन्तु उसके साथ ही उगनेवाली घास-फूस एवँ अन्य झाड़ियाँ रूखी ही रह जाती हैं….!! क्यूंकि वह उसके साथ रहकर भी उसकी अच्छाइयां नहीं सीख पायीं। अच्छी संगति केवल आपके व्यवहार में बदलाव ला सकती है। असली काम तो आपको खुद ही करना होता है, आप अपने मन को एकाग्रचित करके अपने जीवन को नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर ले जा सकते हैं, नहीं तो आप के लिए अच्छी संगत का कोई तात्पर्य ही नहीं है- फिर तो आपने केवल प्रवचन को सुना है, गुणा नहीं है। यदि आप गुण लेते हो तो जीवन में गन्ने के रस से भी ज्यादा मिठास होगी, वरना कडवाहट की तो कोई कमी है ही नहीं। तो दोस्तों अ...

Jara soche ene pad kar

Kenny Troutt(केनी ट्रॉट)- इनके पिता एक Bar में वेटर थे और परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। केनी ट्रॉट अपने कॉलेज के दिनों में लोगों को insurance बीमा बेचकर अपनी फ़ीस भरा करते थे। 1988 में ट्रॉट ने Excel Communications नाम की एक फ़ोन कम्पनी खोली और बहुत तेजी से आगे बढे। आज ट्रॉट की संपत्ति करीब $1.7 billion की है। Howard Schultz(होवार्ड स्कुल्ट्ज़)- इनका बहुत ही गरीब परिवार में जन्म हुआ जहां दो वक्त का खाना भी बहुत ही मुश्किल से नसीब होता था। ऐसे परिवेश में पले होवार्ड में बचपन से ही बड़ा आदमी बनने की चाह थी। पढाई ख़त्म होने के बाद होवार्ड ने एक Starbucks नाम कॉफी शाप में काम करना शुरू कर दिया। उस समय Starbucks की करीब 60 ब्रांच थी। होवार्ड ने पूरी लगन से मेहनत की और एक दिन उस Starbucks कॉफी शॉप के CEO बने। और दुनियां में करीब 16000 Starbucks की ब्रांच खोलीं। इनकी संपत्ति करीब $2 billion है। Kenneth Langone(केनेथ लांगोने)- केनेथ के पिता एक प्लम्बर थे जो घर घर जाकर लोगों के नल और पाइप की मरम्मत किया करते थे। लेकिन केनेथ को गरीबी से नफरत थी। उन्होंने Langone's school at Bucknell U...

हिरोशिमा घोषणा को अपनाने के संकल्प के साथ G7 के विदेश मंत्रियों का सम्मेलन संपन्न

Wed, 13 Apr 2016 10 अप्रैल से 11 अप्रैल 2016 तक आयोजित G7 देशों के विदेश मंत्रियों का दो दिवसीय सम्मेलन हिरोशिमा में समाप्त हो गया. वैश्विक सुरक्षा, शरणार्थियों का संकट और राजनीतिक अस्थिरता इस सम्मेलन के मुख्य बिन्दु थे. यह सम्मेलन हिरोशिमा घोषणा के साथ गैर–प्रसार एवं समुद्री सुरक्षा पर दो अन्य वादे के साथ संपन्न हो गया. अपनाए गए चार संकल्पों में आतंकवाद, दक्षिण चीन सागर में समुद्री सुरक्षा, उत्तर कोरिया की बढ़ती उत्तेजना संबंधी वैश्विक चिंता एवं G-7 सदस्य देशों की ऐसे विश्व के प्रति प्रतिबद्धता जहां परमाणु हथियार न हो, प्रतिबिंबित होती है. हिरोशिमा घोषणा •    हिरोशिमा घोषणा में जापान के विदेश मंत्री फूमियो किशिदा के कथित पांच सिद्धांतों या पांच स्तंभों की छवि देखने को मिलती है जिसे उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में अप्रैल 2015 में एनपीटी रिव्यू कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया था. अन्य के साथ इन पांच स्तंभों में शामिल हैं– i. परमाणु शक्ति की पारदर्शिता ii. सभी प्रकार के परमाणु हथियारों को बहुत कम करना iii. परमाणु हथियारों के मानवीय नतीजों को आम मान्यता देना iv. राजनेताओं और युवाओं का हिरोश...

भारत और अमेरिका ने सैन्य सहयोग समझौता किया

Wed, 13 Apr 2016 भारत और अमेरिका ने 12 अप्रैल 2016 को महत्वपूर्ण सैन्य सहयोग समझौता किया. इसके तहत दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के सामान और सैन्य ठिकानों का प्रयोग मरम्मत और आपूर्ति के लिए कर सकेंगी. •    समझौता रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और भारत दौरे पर आए अमेरिका के रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर के बीच हुआ. •    कुछ ही हफ्ते में दोनों देश समझौते पर हस्ताक्षर कर देंगे. •    इस समझौते से दोनों देशों की सेनाओं को बेहतर तरीके से अभ्यास के साथ अन्य क्षेत्रों में समन्वय स्थापित करने में सहयोग मिलेगा. •    समझौते के बाद दोनों एक-दूसरे को आसानी से ईंधन बेच सकेंगे या भारत को कलपुर्जे मुहैया कराए जा सकेंगे. दोनों देशों के बीच के मुख्य बिंदु- •    रक्षा सहयोग प्रगाढ़ होगा. •    पनडुब्बी रोधी युद्ध और पनडुब्बी सुरक्षा में नौवहन सहयोग पर सहमति •    पनडुब्बी से संबंधित मुद्दों पर नौसेना स्तर की वार्ता को मजबूत करने का फैसला •    भविष्य में व्हाइट शिपिंग समझौता कर समुद्री क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ाएंगे •    सामरिक पहल के तहत सामरिक जैविक अनुसंधान इकाई स्थापित की जाएगी दोनों देशों के बीच दक्षिण चीन ...

नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत गंगा नदी के संरक्षण हेतु भारत और जर्मनी ने हस्ताक्षर किए

Wed, 13 Apr 2016 भारत और जर्मनी ने 13 अप्रैल 2016 को गंगा नदी के संरंक्षण हेतु 'नमामि गंगे कार्यक्रम' के तहत एक क्रियान्वन समझौता पर हस्ताक्षर किए. यह समझौता नई दिल्ली में केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय और जर्मनी के जर्मन इंटरनेशनल कोआपरेशन (जीआईजेड) के बीच किया गया. इससे संबंधित मुख्य तथ्य: • ये भारत और जर्मनी के बीच जानकारी के आदान-प्रदान और सामरिक नदी बेसिन प्रबंधन मामलों के व्यावहारिक अनुभव, प्रभावी डाटा प्रबंधन प्रणाली तथा जन भागीदारी पर आधारित होगा. • यह परियोजना अन्य राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पहलों के साथ मिलकर काम करेगी. • इसमें भारत और जर्मनी की 'राष्ट्रीय शहरी नीति को समर्थन' यानि एसएनयूएसपी और पर्यावरण अनुकूल सतत औद्योगिक उत्पादन (एसईआईपी) जैसी द्विपक्षीय परियोजनाएं शामिल हैं. • इस परियोजना की अवधि तीन साल यानि 2016 से 2018 तक होगी. • इस परियोजना में जर्मनी का अंशदान 22.5 करोड़ रूपये का होगा. • शुरूआत में उत्ताराखंड पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा और गंगा से जुड़े दूसरे राज्यों तक इसका दायरा बढ़ायेगा. उद्देश्य‍: इसका उद्देश्य नए वेग स...

केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने मानव तस्‍करी की रोकथाम हेतु भारत और यूएई के बीच समझौते को मंजूरी दी

Wed, 13 Apr 2016 केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 13 अप्रैल 2016 को भारत और संयुक्‍त अरब अमीरात के बीच मानव तस्‍करी रोकने के सहयोग समझौते को मंजूरी दे दी. इससे दोनों देशों के बीच विशेषकर महिलाओं और बच्‍चों की तस्‍करी की रोकथाम, बचाव और उनके प्रत्‍यर्पण की प्रक्रिया आसान हो जायेगी. दक्षिण एशिया वन्‍य जीव नेटवर्क आचार व्‍यवस्‍था भी स्वीकृत- एक अन्‍य फैसले में दक्षिण एशिया वन्‍य जीव नेटवर्क आचार व्‍यवस्‍था को भारत ने मंजूरी दे दी है.इससे सदस्‍य देशों के साथ वन्‍य जीवों के सीमा पार तस्‍करी पर नियंत्रण