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अप्रैल 25, 2016 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

गर्मी में खाना खराब होने से बचाने के तरीको के बारे में जानें | काजू खायें तनाव दूर भगायें

  April 26, 2016 | www.onlymyhealth.com Email to friend | Subscribe Now गर्मी में खाना खराब होने से बचाने के तरीको के बारे में जानें स्वस्थ खान-पान गर्मी के मौसम में खाने-पीने की चीजें बहुत जल्‍दी खराब होने लगती हैं। खाने-पीने की चीजों में काफी पैसा लगने के कारण इनके खराब होने से बहुत तकलीफ होती है। लेकिन थोड़ी सी सावधानी रखी जाए तो इन्हें ज्यादा देर तक खराब होने से बचाया जा सकता हैं। और पढ़ें » काजू खायें तनाव दूर भगायें अवसाद का निदान मानसिक अवसाद हर व्यक्ति के जीवन में कभी ना कभी होता है, इससे घबराने की जरूरत नहीं है, हां सावधान जरूर रहें कि ये लबें समय तक ना रहे, इससे बचाव के उपाय जानने के लिए ये लेख पढ़ें। और पढ़ें » क्या कंडीशनर इस्तेमाल करना जरूरी है स्वस्थ बाल बालों को मजबूत बनाये रखने के लिए शैंपू करना बहुत जरूरी है, लेकिन शैंपू के बाद कंडीशनर करना कितना जरूरी है, इसके बारे में बता रहे हैं डर्मोटोलॉजिस्...

Bramkumari murli....

25-04-16 प्रातः मुरली ओम् शान्ति "बापदादा" मधुबन "मीठे बच्चे - भोलानाथ मोस्ट बिलवेड बाप तुम्हारे सम्मुख बैठे हैं, तुम प्यार से याद करो तो लगन बढ़ती जायेगी, विघ्न खत्म हो जायेंगे"    प्रश्न: ब्राह्मण बच्चों को कौन सी बात सदा याद रहे तो कभी भी विकर्म न हो? उत्तर: जो कर्म हम करेंगे, हमें देख और भी करेंगे-यह याद रहे तो विकर्म नहीं होगा। अगर कोई छिपाकर भी पाप कर्म करते तो धर्मराज से छिप नहीं सकता, फौरन उसकी सजा मिलेगी। आगे चल और भी मार्शल लॉ हो जायेगा। इस इन्द्र सभा में कोई पतित छिप कर बैठ नहीं सकता। गीत:- भोलेनाथ से निराला....   ओम् शान्ति। मीठे-मीठे रूहानी बच्चे जानते हैं कि अब रूहानी बाप हमको यह सृष्टि के आदि-मध्य-अन्त का ज्ञान सुना रहे हैं। उनका नाम ही है भोलानाथ। बाप बहुत भोले होते हैं, कितनी तकलीफ सहन करके भी बच्चों को पढ़ाते हैं। सम्भालते हैं। फिर जब बड़े होते हैं तो सब कुछ उनको दे खुद वानप्रस्थ अवस्था ले लेते हैं। समझते हैं कि हमने फ़र्ज- अदाई पूरी की, अब बच्चे जानें। तो बाप भोले ठहरे ना। यह भी अभी तुमको बाप समझाते हैं क्योंकि खुद भोलानाथ है। तो...

Hindi story

।। भगवान का फैंका हुआ पत्थर ।। एक दिन किसी निर्माण के दौरान भवन की छटी मंजिल से सुपर वाईजर ने नीचे कार्य करने वाले मजदूर को आवाज दी.निर्माण कार्य की तेज आवाज के कारण नीचे काम करने वाला मजदूर कुछ समझ नहीं सका की उसका सुपरवाईजर उसे आवाज दे रहा है... फिर सुपरवाईजर ने उसका ध्यान आकर्षित करने के लिए एक 10 रु का नोट नीचे फैंका, जो ठीक मजदूर के सामने जा कर गिरा मजदूर ने नोट उठाया और अपनी जेब मे रख लिया, और फिर अपने काम मे लग गया .अब उसका ध्यान खींचने के लिए सुपर वाईजर ने पुन: एक 500 रु का नोट नीचे फैंका .उस मजदूर ने फिर वही किया और नोट जेब मे रख कर अपने काम मे लग गया. ये देख अब सुपर वाईजर ने एक छोटा सा पत्थर का टुकड़ा लिया और मजदूर के उपर फैंका जो सीधा मजदूर के सिर पर लगा. अब मजदूर ने ऊपर देखा और उसकी सुपर वाईजर से बात चालू हो गया। ये वैसा ही है जो हमारी जिन्दगी मे होता है..... भगवान् हमसे संपर्क करना ,मिलना चाहता है, लेकिन हम दुनियादारी के कामो मे व्यस्त रहते है, अत: भगवान् को याद नहीं करते.भगवान् हमें छोटी छोटी खुशियों के रूप मे उपहार देता रहता है, लेकिन हम उसे याद नहींकरते, और वो ख...