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दिसंबर 14, 2015 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

इस तरह से खाने की आदत आपको कर सकती है बीमार | बच्चों के बाल झड़ने के कारण |

  December 15, 2015 | www.onlymyhealth.com Email to friend | Subscribe Now इस तरह से खाने की आदत आपको कर सकती है बीमार विटामिन और पोषण यह तर्क गलत है कि संतुलित भोजन खाने से ही स्‍वास्‍थ्‍य सही रहता है। इसके साथ साथ इस बात का भी ध्‍यान रखना बहुत जरूरी है कि आप खाने को कैसे खाते हैं। और पढ़ें » बच्चों के बाल झड़ने के कारण बालों का गिरना अगर आप अपने बच्चे के बालों के अपेक्षा से अधिक तेज़ी से झड़ने से चिंतिंत हैं, तो विश्वास करें कि इस समस्या को झेलने वाले आप अकेले नहीं हैं। और पढ़ें » योगर्ट और दही में क्या है फर्क आहार व पोषण कर्ड और योगर्ट दो अलग-अलग उत्पादों के नाम हैं जिनके स्वाद मिलते-जुलते होते हैं और जो दोनों ही दूध से बने होते हैं। लेकिन एक जैसे दिखने वाले इन आहारों में कई अंतर है, इनके बारे में आप भी जानें। और पढ़ें » आकर्षक एब्‍स पाने क...

15 आसान हेल्थ टिप्स

इन दिनों लोगों ने अपनी लाइफस्टाइल ऐसी बना ली है कि दिनों दिन वे नई-नई परेशानियों और बीमारियों से घिरते जा रहे हैं। चाहे खान-पान हो या आरामदायक जीवनशैली। और तो और शहरी वातावरण भी उन्हें इस तरह की दिनचर्या बनाने में काफी मदद की है। सभी ऐशोआराम की चीजें उन्हें घर बैठे हासिल हो जाती है। उन्हें उठकर कहीं जाने की जरूरत भी नहीं पड़ती। नतीजा.... जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां। आइए नये साल पर अपनी आरामदायक जीवनशैली को बदलने के लिए कुछ संकल्प लें। यहां 15 आसान हेल्थ टिप्स दिये जा रहें हैं जिन्हें अपनाकर आप अपनी फिगर को मेंटन तो कर ही सकती हैं। साथ ही इन्हें अपनाकर आप दिन भर तरोताजा भी महसूस करेंगीं। प्रतिदिन वॉक करें। अगर हो सके तो फुटबॉल खेलें यह एक प्रकार का एक्सरसाइज ही है। ऑफिस में या कहीं भी जाएं तो लिफ्ट के बदले सीढिय़ों का इस्तेमाल करें। अपने कुत्ते को वॉक पर खुद लेकर जाएं। बच्चों के साथ खेलें, लॉन में नंगे पांव चलें, घर के आसपास पेड़ पौधे लगाऐं, यानि कि वो सब करें जिनसे आप खुद को एक्टिव रख सकें। ऐसी जगह एक्सरसाइज न करें जहां भीड़भाड़ ज्यादा हो। तले-भुने भोजन, और अन्य फैटी चीजों से परहेज क...

सामान्य ज्ञान

नाखून काटते (Cutting Toe Nails) क्या कहते हैं आपके सपने? -"नाखून काटते" What does your dream mean? -"Cutting Toe Nails" प्रश्न- Question- अगर मैं सपने मे नाखून काटते देखूँ तो इसका क्या मतलब है? What is the meaning of my dream if I see Cutting Toe Nails ? उत्तर- Answer- सपने मे नाखून काटते देखने का मतलब है रोग से मुक्ति if you see Cutting Toe Nails in your dream it means Freedom

सामान्य ज्ञान

प्रश्न संख्या पर्याप्त प्रश्न 1 आदि-शंकर का दर्शन क्या है? A. द्वैत B. अद्वैत C. योग D. इनमें से कोई नहीं उत्तर देखें उत्तर उत्तर: इनमें से कोई नहीं 2 नाटयशास्त्र किसने लिखा? A. भवभूति B. मतंग C. भारवि D. भरत उत्तर देखें उत्तर उत्तर: भरत 3 सिन्धु सभ्यता (Indus Civilization) का नगर लोथल कहाँ है? A. गुजरात B. राजस्थान C. पंजाब D. हरियाणा उत्तर देखें उत्तर उत्तर: गुजरात 4 जिस जैन ग्रन्थ में तीर्थंकरों के जीवनचरित हैं, उसका नाम है– A. भगवतीसूत्र B. उवासगदसाओ C. आदि पुराण D. कल्पसूत्र उत्तर देखें उत्तर उत्तर: कल्पसूत्र 5 अपने धम्म का प्रचार करने के लिए अशोक ने निम्नलिखित की सेवाएँ ली– A. राजुक B. प्रादेशिक C. युक्त D. ये सभी उत्तर देखें उत्तर उत्तर: ये सभी 6 निम्नलिखित में से कौनसा हड़प्पा पुरास्थल हिन्दूकुश पर्वत श्रृंखला के उत्तर में स्थित है? A. चान्हुदारो B. मकरान C. माण्डा D. शोर्तुगई उत्तर देखें उत्तर उत्तर: शोर्तुगई 7 हड़प्पा सभ्यता के विशाल नगरों में से एक धौलावीरा कहाँ स्थित है? A. सिंध में B. पंजाब में C. राजस्थान में D. गुजरात में उत्तर देखें उत्तर उत्तर: गुजरात में 8 ची...

हमारे जीवन में यह जानकारी रखना बहुत जरूरी है

परिचय- कभी-कभी, सड़क पर सामान्य रूप से चलने वाला व्यक्ति अचानक अपनी छाती पकड़कर नीचे गिर पड़ता है। नजदीक जाकर, उसका चेहरा देखते ही आप चौंक पड़ते हैं। उसके चेहरे से उसकी तेज पीड़ा का आभास हो जाता है। उसका चेहरा पसीने से तर और सांस उखड़ी हुई होती है। ऐसा लगता है कि वह उल्टी करने की कोशिश कर रहा हो। उसकी हालत देखकर उसे देखने वाले व्यक्ति एकाएक कह उठते हैं कि 'इसे दिल का दौरा पड़ गया है'। वास्तव में ये सब लक्षण दिल के दौरे के ही हैं और अगर ऐसी अवस्था में पीड़ित को तुरंत प्राथमिक उपचार न दिया जाए, तो उसकी मृत्यु भी हो सकती है। दिल का दौरा किसी भी उम्र के व्यक्ति को पड़ सकता है, लेकिन बूढ़े व्यक्ति इससे ज्यादा ग्रस्त होते हैं। 40 से 70 वर्ष की आयु के बीच दिल का दौरा पड़ने की अधिक आशंका रहती है। इसके साथ ही स्त्रियों की अपेक्षा पुरूष इससे अधिक पीड़ित होते हैं। दिल के दौरे (हार्ट अटैक) को 'हृद्पेशी रोधगलन' (कार्डिक इंफाक्ट); 'हृद्धमनी अंतर्रोध' (कोरोनरी ऑक्लूजन), 'हृद्धमनी थ्रॉम्बोसिस' (कोरोनरी थ्रॉम्बोसिस) अथवा 'तीव्र हृद्पेशी रोधगलन' (एक्यूट मायोकार्डि...

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नवजात शिशु का भोजन Diet of newly born baby गर्भावस्था-ऑल आर्टिकल्स : गर्भावस्था की योजना मनचाही संतान भ्रूण का विकास गर्भावस्था के लक्षण गर्भधारण के बाद सावधानियां गर्भावस्था में कामवासना गर्भावस्था के दौरान होने वाले अन्य बदलाव गर्भावस्था में स्त्री का वजन गर्भावस्था की प्रारिम्भक समस्याएं गर्भावस्था के दौरान होने वाली सामान्य तकलीफें और समाधान कुछ महत्वपूर्ण जांचे गर्भावस्था में भोजन गर्भावस्था में संतुलित भोजन गर्भावस्था में व्यायाम बच्चे का बढ़ना गर्भावस्था के अन्तिम भाग की समस्याएं प्रसव के लिए स्त्री को प्रेरित करना प्रसव प्रक्रिया में सावधानियां अचानक प्रसव होने की दशा में क्या करें समय से पहले बच्चे का जन्म प्रसव जन्म नवजात शिशु Read more articles दूध की मात्रा कितनी बार समय नवजात शिशु 75 से 90 ग्राम 6 1 घंटे के बाद 1 से 3 माह 100 से 150 ग्राम 5 2 घंटे बाद 3 से 6 माह 150 से 240 ग्राम 5 3 घंटे बाद 6 से 7 माह 200 से 300 ग्राम 4 4 घंटे बा नवजात शिशु- ऐसे नवजात शिशु जो केवल मां के दूध पर निर्भर होते हैं, उन्हें पानी देने की कोई जरूरत नहीं, लेकिन दस्त या बुखार हो जाने पर उन्हे उबला औ...

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नवजात शिशु का वजन- आमतौर पर प्रसव के बाद बच्चे का वजन शुरुआत में कुछ घटता है। एक सप्ताह में उसका वजन उतना ही हो पाता है, जितना की उसके जन्म के समय होता है। इसके बाद एक स्वस्थ बच्चे का वजन लगभग 30 ग्राम नियमित रूप से बढ़ता है। परन्तु यह तभी सम्भव होता है, जब बच्चा सामान्य विधि द्वारा दूध पीने लगता है। तापमान- जन्म लेने के बाद बच्चे के शरीर का तापमान कम होना शुरू हो जाता है। इस कारण बच्चे के शरीर का तापमान बनाने के लिए बच्चे को गर्म बनाये रखना चाहिए। पीलिया- कई बच्चों को जन्म के बाद पीलिया हो जाता है। पीलिया 3 प्रकार का होता है। 1. फिजियोलोजिकल जौण्डिस- शारीरिक क्रिया द्वारा पीलिया का होना। इस प्रकार का पीलिया बच्चो को जन्म लेते ही हो जाता है। दूसरे दिन इस पीलिये के लक्षण बच्चे के शरीर पर काफी दिखाई देने लगते हैं लेकिन सातवें दिन तक इसके लक्षण कम हो जाते हैं। इस प्रकार के पीलिए से नवजात शिशु को हानि नहीं होती है। इस प्रकार का पीलिया बच्चे में अधिक रक्त में लाल कण होने से होता है। बच्चे के जन्म लेने पर इतने अधिक लालकण की जरूरत नहीं होती है। इस कारण यह कण टूटना या नष्ट हो जाना शुरू हो जाता ...

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परिचय- आमतौर पर बच्चे का जन्म बिना किसी अवरोध (रुकावट) के होना साधारण और सरल जन्म कहलाता है। बच्चे के जन्म को ध्यान से देखने पर यह महसूस होता है कि बच्चे के जन्म लेने की विधि को हम तीन भागों में बांट सकते हैं। प्रथम भाग में बच्चेदानी का मुंह खुलना और फैलना, दूसरे भाग में बच्चे के सिर का दिखाई पड़ना और और तीसरा भाग जिसमें ओवल बाहर आता है। प्रथम भाग- बच्चे के जन्म का प्रथम चरण लगभग 10 से 12 घंटे का या फिर इससे भी ज्यादा का होता है। प्रथम चरण का समय इस बात पर निर्भर करता है कि स्त्री का कौन सा बच्चा है अर्थात उसके इससे पहले कितने बच्चे हैं। पहले बच्चे में यह चरण अधिक समय लेता है। दूसरे बच्चे में कम तथा तीसरे बच्चे में और कम समय लगता है। प्रथम चरण में योनि की दीवारों का पतला होना, फैलना, खींचना और धीरे-धीरे करके बच्चे के सिर का खिसकना होता है। योनि का फैला और खिंचा हुआ भाग धीरे-धीरे बच्चेदानी के मुंह को आगे आने में मदद करता है। इस चरण के साथ ही एक चिकना पदार्थ भी निकलता है जो कि एक झिल्ली के समान होता है जिसको शो कहते हैं। कभी-कभी संकोचन के साथ-साथ एमनीओटिक सैक फट जाता है तथा एमनीओटिक द्रव ...

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Introduction: बच्चे को जन्म देने के बाद स्त्री शारीरिक रूप से बहुत अधिक थक चुकी होती हैं। इसलिए प्रसव के बाद जहां तक हो सके उसे अधिक से अधिक आराम करना चाहिए। स्त्री जब पहली बार अपने बच्चे को देखती है तो उसे बच्चे में सूजन, आंखें कुछ अन्दर की तरफ, शरीर पर बाल, सिर पर कैपुट का होना, कुछ वजन का कम होना आदि शारीरिक कमियां दिखाई पड़ती हैं। लेकिन समय बीतने के साथ-साथ बच्चा अपने सही रंग, रूप और आकार में आ जाता है। इसलिए बच्चे को लेकर इस प्रकार की चिन्ता नहीं करनी चाहिए। प्रसव के बाद स्त्री को पूर्ण विश्राम, पूरी नींद, खुलकर मलत्याग करना तथा हल्का भोजन करना चाहिए। यदि प्रसव के समय टांके लगे हो तो टांके लगे हुए स्थान की साफ-सफाई अच्छी तरह रखनी चाहिए। अगर टांके के स्थान की साफ-सफाई ठीक से नहीं हुई तो टांके खराब हो जाने से मांस खुल जाता है। टांके कैटगट से लगाये जाते हैं जो घाव के भरने पर स्वयं घुले जाते हैं। कैटगट के लगाये टांकों के किनारे चुभते हैं परन्तु सिल्क के कांटे चुभते नहीं हैं लेकिन उन्हें काटना पड़ता है। दिन में लगभग 2 बार एक लीटर गुनगुने पानी में एन्सीसैप्टिक दवा डालकर सभी टांकों को रूई ...

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परिचय- हमारा भारत देश आज हर तरह की आधुनिक सुख-सुविधाओं से संपन्न हो चुका है। आज हम विश्व में काफी ऊपर गिने जाते हैं। भारत ने अपने यहां राकेट से लेकर कंप्यूटर तक बनाने में महारत हासिल की है लेकिन एक चीज जो सदियों पहले भी थी और आज भी है, वंश को चलाने के लिए पुत्र की जरूरत। आज भी बहुत से लोगों का मानना यही है कि अगर हमारा पुत्र नहीं होगा तो हमारे वंश का नाम मिट जाएगा। इसी चाह में लोग अपने घर में कई बच्चे पैदा कर लेते हैं। बहुत से लोगों का मानना यह है कि 3 बच्चों के बाद मां की कोख बदल जाती है यानि की उनके घर में अगर 3 लड़कियां होती है तो वह चौथे बच्चे की प्रतीक्षा करते हैं की वह तो लड़का ही होगा। लेकिन यहां पर भी अगर लड़की हो जाती है तो वह बिल्कुल परेशान हो जाते हैं। लेकिन इनके अलावा कुछ लोग ऐसे भी है जो लड़की को माता लक्ष्मी का रूप मानते हैं और चाहते हैं कि उनके घर में एक लड़की जरूर हो। यहां पर कुछ उपाय बताए जा रहे हैं जिनको अपनाकर जिनको लड़के की चाह है वह लडका प्राप्त कर सकते हैं और जिनको लडकी की चाह है वह लडकी प्राप्त कर सकते हैं- सबसे पहली बात अगर पुत्र प्राप्त करना है तो इसके लिए पुरु...

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परिचय- जब भी कोई भी स्त्री गर्भधारण करने का विचार करती है तो सबसे पहले उसे डॉक्टर से अपने स्वास्थ्य की जांच करवा लेनी चाहिए और यह मालूम करना चाहिए की क्या वह पूरी तरह स्वस्थ है और एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकती है। डॉक्टर का चयन- स्त्री को गर्भावस्था के समय के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर एक ऐसे डॉक्टर को चुनना चाहिए जो गर्भावस्था से बच्चे के जन्म के बाद तक उसकी सही तरह से देख-भाल कर सके। अधिकांश स्त्रियां गर्भावस्था के समय इधर-उधर दाइयों को दिखाती रहती हैं परन्तु बच्चे के जन्म के समय जब कोई समस्या आ जाती है तो उन्हें अस्पतालों या डॉक्टरों के क्लीनिकों में भागदौड़ करनी पड़ती है। ऐसी स्थिति मां और बच्चे दोनों के लिए हानिकारक हो सकती है। गर्भावस्था से बच्चे के जन्म तक देखभाल के लिए डॉक्टर के चुनाव सम्बंधी प्रमुख बातें- डॉक्टर का स्त्री रोग विशेषज्ञ होना जरूरी है। इसके अलावा उसे अपने कार्यों के बारे मे कितना एक्सपीरियंस है इस बात पर विशेष ध्यान देना चाहिए। प्रसूति गृह नजदीक होना चाहिए ताकि बच्चे के जन्म के समय तुरन्त वहां पहुंचा जा सके। डॉक्टर का प्रसूति गृह में 24 घंटों मिलना जरूरी हो...

D... हमारे जीवन में यह जानकारी रखना बहुत जरूरी है

विष्णु पुराण महत्व  महर्षि पाराशर द्वारा रचित इस ग्रंथ में सात हजार श्लोक उपलब्ध हैं. परंतु कुछ ग्रन्थों में इसके श्लोकों की संख्या तेईस हज़ार तक भी कही गई है. विष्णु पुराण में नैतिकता पर बल दिया गया है व्यक्ति के श्रेष्ठ कर्मों को निर्धारित किया गया है तथा उनके अनुसार कार्य करने की खूबियों का पालन किया गया है. इसमें आत्मा को निर्गुण बताया गया है.और आत्मा में ही ब्रह्म का निवास माना गया है. सभी को सद भाव से कर्म करने की प्रेरणा प्रदान की गई है. ईश्वर की भक्ती दिन दुखियों की सेवा से प्राप्त कि जा सकती है और जो भी भक्ति भाव के साथ विष्णु पुराण का पाठ करता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है तथा वह विष्णु लोक को प्राप्त होता है.

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विष्णु पुराण वर्णन  प्राचीन काल से ही पुराण सभी का मार्गदर्शन करते आए हैं मानव मात्र को धर्म एवं नीति के बारे में ज्ञान देने का प्रयास किया है. तथा जीवन को योग्य रूप अनुसार व्यतीत करने की शिक्षा भी देते हैं. विष्णु महापुराण में भी कई महत्वपूर्ण बातों का उल्लेख किया गया है इसमें ज्योतिष, कर्मकाण्ड आदि के विषय में राजवंशों तथा श्रीकृष्ण  चरित्र के अतिरिक्त अन्य घटनाओं को बहुत ही उचित रूप से बताया गया है.  विष्णु पुराण को प्राचीन समय के ग्रथों में बहुत उपयोगी माना गया है. विष्णु पुराण भाषा की दृष्टि से भी उत्तम रहा है.विष्णु पुराण पूर्ण रूप से भगवान विष्णु को समर्पित किया गया है. यह पुराण महाभारत काल के पूर्व का रचा मना जाता है इस पुराण में भगवान श्री कृष्ण की अनेकों लीलाओं का उल्लेख किया गया है. इसके साथ ही काल गणना एवं सृष्टि की रचना के विषय में बताया गया है. विष्णु पुराण में छह अध्याय हैं जिनमें सृष्टि की उत्पत्ति एवं कलियुग का आगमन व उसकी महाप्रलय तक की सभी परिस्थितियों का उल्लेख किया गया है. इसमें भारत के शासकों का वर्णन भी किया गया है. विष्णु पुराण के...

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अट्ठारह पुराण पुराण अठारह हैं । विष्णु पुराण के अनुसार उनके नाम ये हैं - ब्रह्म पुराण पद्म पुराण विष्णु पुराण शिव पुराण -- ( वायु पुराण ) भागवत पुराण -- ( देवीभागवत पुराण ) नारद पुराण मार्कण्डेय पुराण अग्नि पुराण भविष्य पुराण ब्रह्म वैवर्त पुराण लिङ्ग पुराण वाराह पुराण स्कन्द पुराण वामन पुराण कूर्म पुराण मत्स्य पुराण गरुड़ पुराण ब्रह्माण्ड पुराण पुराणों में एक विचित्रता यह है कि प्रत्येक पुराण में अठारहो पुराणों के नाम और उनकीश्लोकसंख्या है । नाम और श्लोकसंख्या प्रायः सबकी मिलती है, कहीं कहीं भेद है । जैसे कूर्म पुराण में अग्नि के स्थान में वायुपुराण; मार्कंडेय पुराण में लिंगपुराण के स्थान में नृसिंहपुराण; देवीभागवत में शिव पुराण के स्थान में नारद पुराण और मत्स्य में वायुपुराण है । भागवत के नाम से आजकल दो पुराण मिलते हैं—एक श्रीमदभागवत, दूसरा देवीभागवत ।  

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परिचय- हर इंसान की चाहत होती है कि उसके जीवन में हर खुशी हो और कोई गम उसके आसपास न भटके। लेकिन जीवन में खुशियों को भरने के लिये स्वास्थ्य का खास स्थान है। आज के मार्डन समय में अनेक प्रकार के हैल्थ कल्ब खुल गए हैं जहां पर रोजाना औरतें और आदमी अपने आपको फिट रखने के लिये थोड़ी देर मेहनत करते हैं। लेकिन सिर्फ हैल्थ कल्ब जाने से ही स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता। स्वास्थ्य ठीक रखने के लिये हमे भोजन पर भी ध्यान देना चाहिए। भोजन ऐसा होना चाहिए जो स्वास्थय की नजर से खास हो। इसके अलावा रोजाना व्यायाम, तनावरहित मानसिक स्थिति और 6 से 8 घंटे की पूरी नींद लेना जरूरी है। हमारे पुराने ग्रन्थों मे लिखा है कि सन्तुलित और अच्छा भोजन, अच्छी दिमागी हालत और पूरी नींद ही व्यक्ति की उम्र को बढ़ाते हैं। स्वास्थ्य का मतलब है कि पूरे शरीर में कोई रोग न हो। इसके साथ ही मन भी खुश होना चाहिए, तभी आपका शरीर और ज्यादा सुन्दर लगेगा। बीमार पड़ने से अच्छा है कि हमेशा अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। स्वस्थ रहना भी एक कला है। जो पूरी तरह से स्वस्थ है वही जानते हैं कि उन्होने कितना बड़ा खजाना इकट्ठा किया है। हर इंसान को हमेशा अपन...

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स्पेशल हेल्थ टिप्स फॉर यूथ यदि आप अपनी सेहत बनाने की सोच रहे हैं तो सबसे पहले जरूरत है अपनी दिनचर्या सुधारने की। उसके लिए पेट साफ रखने की भी जरूरत है। पेट में कब्ज रहेगा तो कितने ही पौष्टिक पदार्थों का सेवन करें, लाभ नहीं होगा। भोजन समय पर तथा चबा-चबाकर खाना चाहिए, ताकि पाचन शक्ति ठीक बनी रहे, फिर पौष्टिक आहार या औषधि का सेवन करना चाहिए। आचार्य चरक ने कहा है कि पुरुष के शरीर में वीर्य तथा स्त्री के शरीर में ओज होना चाहिए, तभी चेहरे पर चमक व कांति नजर आती है और शरीर पुष्ट दिखता है। हम यहाँ कुछ ऐसे पौष्टिक पदार्थों की जानकारी दे रहे हैं, जिन्हें किशोरावस्था से लेकर युवावस्था तक के लोग सेवन कर लाभ उठा सकते हैं और बलवान बन सकते हैं- सोते समय एक गिलास मीठे गुनगुने गर्म दूध में एक चम्मच शुद्ध घी डालकर पीना चाहिए। दूध की मलाई तथा पिसी मिश्री जरूरत के अनुसार मिलाकर खाना चाहिए, यह अत्यंत शक्तिवर्द्धक है। एक बादाम को पत्थर पर घिसकर दूध में मिलाकर पीना चाहिए, इससे अपार बल मिलता है। बादाम को घिसकर ही उपयोग में लें। छाछ से निकाला गया ताजा माखन तथा मिश्री मिलाकर खाना चाहिए, ऊपर से पानी बिलकुल न पिएँ...

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परिचय- हमारे जीवन में यह जानकारी रखना बहुत जरूरी है कि कौन-कौन से भोजन का मेल सही है या कौन-कौन से गलत। आयुर्वेद में भी भोजन के मेल पर बहुत सारी बातें बताई गई हैं। इसमें कई पदार्थ एक दूसरे से मिलकर जहर के सामान हो जाते हैं जैसे शहद और घी बराबर खाने से जहर बन जाता है। भोजन के अलग-अलग तत्वों को पचाने के लिए अलग अलग पाचक रसों की जरूरत पड़ती है। श्वेतसार की पाचनक्रिया क्षार रस से होती है जबकि प्रोटीन को अम्ल पचाता है। अगर दोनों प्रकार के भोजन साथ साथ खाये जायेंगे तो दोनों के पाचक रस साथ साथ बनेंगे। इस तरह अम्ल रस और क्षार रस मिलकर प्रभावहीन हो जाते हैं जिससे प्रोटीन सड़नें शुरू हो जाते हैं। जिससे पाचनक्रिया काम नहीं करती है। इसी प्रकार एक ही समय में कई वस्तुएं सब्जी, फल, अचार, दही, खीर, मिठाई, पापड़, आदि एक साथ खाने से रासायनिक क्रिया शुरू हो जाती है और पाचन तंत्र खराब हो जाता है। एक समय में एक ही प्रकार का खाना खाना उचित आहार है। यह सही है मिश्रित भोजन गलत कदम है। एक टाईम में कम से कम खानों के मिश्रण को आसानी से पचाया जा सकता है। भोजन में एक समय फल और एक समय सलाद लेना चाहिए। इसे एकाहार भी कह...

सामान्य ज्ञान

सामान्य ज्ञान प्रश्न संख्या पर्याप्त प्रश्न 1 भगवान बुद्ध के द्वारा बताए गए 'मध्यम मार्ग' का क्या अभिप्राय है? A. स्वर्ग प्रापित का मार्ग B. न अधिक काम-भोग और न अधिक काया-क्लेश C. आत्मा-परमात्मा के बीच का मार्ग D. दु:ख और सुख के बीच का मार्ग उत्तर देखें उत्तर उत्तर: दु:ख और सुख के बीच का मार्ग 2 वत्स जनपद की राजधानी कहाँ थी? A. कौशाम्बी B. विराटनगर C. इन्द्रप्रस्थ D. शक्तिमती उत्तर देखें उत्तर उत्तर: कौशाम्बी 3 'मिताक्षरा' का रचयिता कौन था? A. धर्मपाल B. विज्ञानेश्वर C. हेमचन्द्र D. चन्देश्वर उत्तर देखें उत्तर उत्तर: धर्मपाल 4 संवैधानिक सभा की स्थापना किसके द्वारा हुई? A. क्रिप्स प्रस्ताव B. कैबिनेट मिशन योजना C. मांउटबेटन योजना D. इनमें से कोई नहीं उत्तर देखें उत्तर उत्तर: कैबिनेट मिशन योजना 5 किसने कहा था कि "हिन्दू और मुसलमान" भारत की दो आँखें हैं? A. सर सैदय अहमद खाँ B. मिर्जा गुलाम हैदर C. रशिद अहमद D. इनमें से कोई नहीं उत्तर देखें उत्तर उत्तर: सर सैदय अहमद खाँ 6 वेदांग के अन्तर्गत निम्नलिखित आते थे– A. कल्प, शिक्षा, निरुक्त, व्याकरण, छन्द, ज्योतिष ...

सामान्य ज्ञान

प्रश्न संख्या पर्याप्त प्रश्न 1 आदि-शंकर का दर्शन क्या है? A. द्वैत B. अद्वैत C. योग D. इनमें से कोई नहीं उत्तर देखें उत्तर उत्तर: इनमें से कोई नहीं 2 नाटयशास्त्र किसने लिखा? A. भवभूति B. मतंग C. भारवि D. भरत उत्तर देखें 3 सिन्धु सभ्यता (Indus Civilization) का नगर लोथल कहाँ है? A. गुजरात B. राजस्थान C. पंजाब D. हरियाणा उत्तर देखें 4 जिस जैन ग्रन्थ में तीर्थंकरों के जीवनचरित हैं, उसका नाम है– A. भगवतीसूत्र B. उवासगदसाओ C. आदि पुराण D. कल्पसूत्र उत्तर देखें 5 अपने धम्म का प्रचार करने के लिए अशोक ने निम्नलिखित की सेवाएँ ली– A. राजुक B. प्रादेशिक C. युक्त D. ये सभी उत्तर देखें 6 निम्नलिखित में से कौनसा हड़प्पा पुरास्थल हिन्दूकुश पर्वत श्रृंखला के उत्तर में स्थित है? A. चान्हुदारो B. मकरान C. माण्डा D. शोर्तुगई उत्तर देखें 7 हड़प्पा सभ्यता के विशाल नगरों में से एक धौलावीरा कहाँ स्थित है? A. सिंध में B. पंजाब में C. राजस्थान में D. गुजरात में उत्तर देखें 8 चीनी यात्री ह्वेनसांग के नालन्दा आगमन पर वहाँ के किस विद्वान आचार्य ने उसका स्वागत किया था? A. अतिश B. दीपंकर श्रीज्ञान C. रक्षि...

Sapno ka matlab

उँट (A Camel) क्या कहते हैं आपके सपने? -"उँट" What does your dream mean? -"A Camel" प्रश्न- Question- अगर मैं सपने मे उँट देखूँ तो इसका क्या मतलब है? What is the meaning of my dream if I see A Camel ? उत्तर- Answer- सपने मे उँट देखने का मतलब है चोट का खतरा if you see A Camel in your dream it means Injury.

भारतीय रिजर्व बैंक ने सहकारी बैंकों में इंटरनेट बैंकिंग हेतु समान दिशानिर्देश जारी किए

रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (आरबीआई) ने 5 नवंबर, 2015 को अर्बन को आपरेटिव बैंक (यूसीबी), सहकारी बैंकों (एसटीसीबी) और जिला सहकारी बैंक (डीसीबी)  सहित सभी लाइसेंस धारक सहकारी बैंकों में इंटरनेट बैंकिंग हेतु संशोधित और एक समान दिशा निर्देश जारी किए. ये इंटरनेट बैंकिंग दिशा-निर्देश बैंकों में इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से लेन-देन की सुविधा से संबंधित हैं. इंटरनेट बैंकिंग हेतु संशोधित दिशा-निर्देश भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व अनुमोदन के बिना सभी लाइसेंस धारक बैंक एसटीसीबी, डीसीसीबी और यूसीबी कोर बैंकिंग सोल्यूशन (सीबीएस) लागू करें और इंटरनेट प्रोटोकॉल संस्करण 6 (आईपीवी6) पर कार्य करें और अपने ग्राहकों को इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा प्रदान कर सकते हैं. यदि कोई सुविधा सिर्फ व्यूओनली (केवल देखें) के तहत दी गयी है, इसमे दो कारक प्रमाणीकरण या वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) की आवश्यकता है तो इस तरह की सेवाओं के लिए भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार उचित इंटरनेट बैंकिंग से संबंधित सुरक्षा सुविधाओं व नियमों का प्रयोग कर सकते हैं. जो सहकारी बैंक अपने ग्राहकों को यह सुविधा दे रहे हैं वे ये सुनिश्चि...

कोल इंडिया लिमिटेड में 10 प्रतिशत प्रदत्त इक्विटी पूंजी के विनिवेश को मंजूरी

आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने 18 नवंबर, 2015 को कोल इंडिया लिमिटेड के 10 प्रतिशत प्रदत्त इक्विटी पूंजी के विनिवेश को मंजूरी प्रदान की. कोल इंडिया में इस विनिवेश से केंद्र सरकार को सरकारी खजाने में करीब 20000 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है. कोल इंडिया के मौजूदा बाजार मूल्य के हिसाब से उसकी 10 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री से सरकार को 21,137.71 करोड़ रुपये प्राप्त हो सकते हैं. विनिवेश की मुख्य विशेषताएं इस विनिवेश का अर्थ 10 रूपये प्रत्येक शेयर के मूल्य से भारत सरकार का 63,16,36,440 शेयर घरेलू बाजार में सार्वजनिक निर्गम के जरिये बेचना है.कोल इंडिया लिमिटेड में भारत सरकार की हिस्सेदारी 78.65 प्रतिशत (मंत्रिमंडल के आर्थिक मामलों की समिति के सितम्बर, 2014 के निर्णय के अनुसार कोल इंडिया लिमिटेड के कर्मचारियों को 1 प्रतिशत इक्विटी समायोजन के बाद) यह कार्यान्वयन प्रक्रिया में है.कोल इंडिया लिमिटेड की प्रदत्त इक्विटी पूंजी 6,316 करोड़ रूपये है. 10 प्रतिशत शेयर बेचने के बाद कोल इंडिया लिमिटेड में भारत सरकार की हिस्सेदारी 68.65 प्रतिशत रह जाएगी.शेयरों की बिक्री प्रोमोटरों के जरिये भारतीय प्...

आईएएमएआई ने इंटरनेट इन इंडिया 2015 रिपोर्ट जारी की

इंटरनेट और मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) ने इंटरनेट उपभोक्ताओं पर 17 नवंबर 2015 को इंटरनेट इन इंडिया 2015 रिपोर्ट जारी की. आईएएमएआई ने देश के विभिन्न (ग्रामीण और शहरी) क्षेत्रों में और विभिन्न जनसांख्यिकीय वर्गों के बीच विभिन्न उपकरणों (मोबाइल, डेस्कटॉप, आदि)  के माध्यम से इंटरनेट के उपयोग पर सर्वेक्षण किया. रिपोर्ट अनुसार भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या दिसंबर 2015 तक 402 मिलियन होगी, जो चीन के बाद विश्व में दूसरे नंबर है. इंटरनेट इन इंडिया 2015 की मुख्य विशेषताएं • भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या दिसंबर 2015 तक 402 मिलियन होने वाली है, यानि इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में 49 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है. इस वृद्धि के साथ ही भारत इंटरनेट उपयोग के मामले में संयुक्त राज्य अमेरिका को पीछे छोडकर चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा इंटरनेट यूजर बेस होगा. • वर्तमान में भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 375 मिलियन के लगभग आंकी गयी है, जबकि चीन 600 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ताओं के साथ इंटरनेट उपयोग करने के क्षेत्र में दुनिया पहले स्थान पर है. • भा...

7वें केन्द्रीय वेतन आयोग ने सरकारी कर्मचारियों के भत्तों में 23.55 प्रतिशत बढ़ोतरी की सिफारिश की

न्यायमूर्ति एके माथुर की अध्यक्षता में 7वें केन्द्रीय वेतन आयोग (सीपीसी) ने 19 नवंबर 2015 को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को अपनी रिपोर्ट सौंपी. वेतन आयोग ने सरकारी कर्मचारियों के भत्तों में 23.55 प्रतिशत बढ़ोतरी की सिफारिश की. ये सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू की जाएंगी. 7वें केन्द्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें सरकारी कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 18000 रुपए प्रति माह निर्धारित किए जाने की सिफारिश की गई है.सरकारी कर्मचारियों का अधिकतम वेतन 2.5 लाख रुपये प्रतिमाह करने की सिफारिश की गई है.7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत मूल वेतन में 16 प्रतिशत, भत्तों में 63 प्रतिशत और पेंशन में 24 प्रतिशत वृद्धि की गई है.नए वेतन ढांचे में सातवे वेतन आयोग ने छठे वेतन आयोग की शुरू की गई 'पे ग्रेड' व्यवस्था खत्म कर इसे वेतन के मैट्रिक्स (ढांचे) में शामिल कर दिया है और कर्मचारी का पद अब ग्रेड पे की जगह नए ढांचे के वेतन से तय होगा.7वें वेतन आयोग ने 52 तरह के भत्तों को खत्म करने की सिफारिश की है और इसके साथ ही स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरूआत करने की सिफारिश भी की है.आयोग ने 'पे बैंड' और ...