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करेंट अफेयर्स सारांश : 19 अप्रैल 2016

प्रतिदिन के करेंट अफेयर्स से सम्बंधित जानकारी को संक्षिप्त रूप में करेंट अफेयर्स सारांश शीर्षक से नए रूप में प्रस्तुत कर रहा है. इसमें दी गयी जानकारी आईएएस, पीसीएस, एसएससी, बैंक, एमबीए और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. राफेल नडाल ने 17 अप्रैल 2016 को जिस खिलाड़ी को हराकर वर्ष 2016 का मोंटे कार्लो मास्टर्स ख़िताब जीता -गेल मोनफिल्स हीरो साइकिल ग्रुप के सह-संस्थापक का नाम जिनका अप्रैल 2016 में लुधियाना स्थित मॉडल टाउन में निधन हो गया-दयानंद मुंजाल 25 अप्रैल 2004 को हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले श्रीलंका के प्रसिद्ध स्पिनर का नाम जिन्होंने 17 अप्रैल 2016 को ट्वेंटी-20 क्रिकेट एवं एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों से सन्यास ले लिया -रंगना हेरथ वर्ष 2016 का अज़लान शाह हॉकी कप ख़िताब विजेता -ऑस्ट्रेलिया 17 अप्रैल 2016 को मनाये गये विश्व हेमोफिलिया दिवस का विषय -सभी के लिए उपचार वह खिलाड़ी जिसने 17 अप्रैल 2016 को शंघाई में आयोजित चीनी ग्रां प्री रेस जीती -निको रोसबर्ग   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के लिए रा...

Hindi story

एक जर्मन विचारक था, हेरिगेल। वह जापान गया हुआ था। एक फकीर से मिलने गया। जल्दी में था, जाकर जूते उतारे, दरवाजे को धक्का दिया, भीतर पहुंचा। उस फकीर को नमस्कार किया और कहा कि मैं जल्दी में हूं। कुछ पूछने आया हूं। उस फकीर ने कहा बातचीत पीछे होगी। पहले दरवाजे के साथ दुर्व्यवहार किया है उससे क्षमा मांग कर आओ। वे जूते तुमने इतने क्रोध से उतारे हैं। नहीं—नहीं, यह नहीं हो सकता है। यह दुर्व्यवहार मैं पसंद नहीं कर सकता। पहले क्षमा मांग आओ, फिर भीतर आओ, फिर कुछ बात हो सकती है। तुम तो अभी जूते से भी व्यवहार करना नहीं जानते, तो तुम आदमी से व्यवहार कैसे करोगे? वह हेरिगेल तो बहुत जल्दी में था। इस फकीर से दूर से मिलने आया था। यह क्या पागलपन की बात है। लेकिन मिलना जरूर था और यह आदमी अब बात भी नहीं करने को राजी है आगे। तो मजबूरी में उसे दरवाजे पर जाकर क्षमा मांगनी पड़ी उस द्वार से, क्षमा मांगनी पड़ी उन जूतों से। लेकिन हेरिगेल ने लिखा है कि जब मैं क्षमा मांग रहा था तब मुझे ऐसा अनुभव हुआ जैसा जीवन में कभी भी नहीं हुआ था। जैसे अ...
एक बड़ी पुरानी ताओ कथा है कि एक आदमी बहुत बड़ा धनुर्विद हो गया। सम्राट ने घोषणा की राज्य में, कि इससे बड़ा कोई धनुर्विद नहीं है। अगर कोई प्रतियोगी सोचता हो कि इससे बड़ा धनुर्विद है तो आ कर प्रतियोगिता कर ले। अन्यथा यह आदमी राज्य का सर्वोत्तम धनुर्विद घोषित कर दिया जाएगा। तीन महीने का समय दिया। दूसरे ही दिन एक बूढ़ा आदमी आया। और उस धनुर्विद से बोला, इस पागलपन में मत पड़ो। क्योंकि मैं एक ऐसे आदमी को जानता हूं, जो तुमसे बड़ा धनुर्विद है। तो उस धनुर्विद ने कहा, तो वह आ जाए और प्रतियोगिता कर ले। तो वह बूढ़ा हंसने लगा। उसने कहा, जो जितना बड़ा हो जाता है, उतना प्रतियोगिता के पार हो जाता है। यह तो बच्चों का काम है–प्रतियोगिता, काम्पीटीशन। वह नहीं आएगा। अगर तुम्हें सीखना है तो तुम्हें ले चल सकता हूं। धनुर्विद हैरान हुआ। क्योंकि उसने सोचा भी न था, कि यह बात भी हो सकती है कि बड़ा धनुर्विद हो, लेकिन बड़े होने के कारण प्रतियोगिता में न उतरे। छोटे उतरते हैं प्रतियोगिता में–स्वभावतः। क्योंकि छोटे ही बड़ा होना सिद्ध करना चाहते हैं। इसलिए प्रतियोगिता में उतरते हैं। ताकि सिद्ध हो सके, हम बड़े हैं। जो बड़ा है। व...