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जून 12, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

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✨*:..。🎄o○☆*✨:..。🎄o○☆*✨          🧘🏻‍♂ *वाह रे मैं ब्राह्मण आत्मा* 🧘🏻‍♂         ⊱⋅ ═一═一═一═一═一═ ⋅⊰                    🔰 *ब्राह्मण अर्थात* --"संपूर्ण पवित्रता"🔰 अपने को ब्रह्मा मुख वंशावली ब्राह्मण समझते हो ।ब्राह्मणों का धर्म और कर्म क्या है ?वह जानते हो ।धर्म अर्थात मुख्य धारणा है ,संपूर्ण पवित्रता। संपूर्ण पवित्रता की परिभाषा संपूर्ण पवित्रता की परिभाषा जानते हो ,संकल्प व स्वप्न मे भी  अपवित्रता का अंश मात्र भी ना हो ।ऐसे श्रेष्ठ थारणा  करने वाले ही सच्चे ब्राह्मण कहलाते हैं, इसी धारणा के लिए गायन है "प्राण जाए पर धर्म ना जाए"। ऐसी हिम्मत है,ऐसा दृढ़निश्चय करने वाले अपने को समझते हो ।किसी भी प्रकार की परिस्थिति में अपने धर्म के प्रति अर्थात धर्म के लिए कुछ त्याग करना पड़े ,सहन करना पड़े ,सामना करने पड़े वा साहस रखना पड़े तो खुशी-खुशी करेंगे ।पीछे हटेंगे नहीं ,घबराएंगे नहीं।   चेकिंग .........सब जानते हो कि पवित्रता सुख शांति की जननी है अर्थात् जहां पवित्रता होगी ,वहाँ सुख शांति की अनुभूति अवश्य होगी ।इसी आधार पर अपने को चैक करो। मंसा संकल्प में पवित्रता ह,उसकी...