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जुलाई 16, 2014 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

STORY :- TEENO LOK SE BADI ATMA KI PAHUCH

जीवन एक लम्बी यात्रा है। जब कोई व्यक्ति एक स्थान से दूसरे स्थान पर यात्रा करता है तो वह मार्ग में अपनी सुविधा के लिए विचार करके अवश्यक सामान अपने साथ लेता है तब कहीं सुगमता से अपनी यात्रा पूर्ण कर अपने निश्चिंत स्थान पर पंहुचता है परंतु इस जीवन यात्रा का पूरक तो प्रभु भक्ति अथवा मालिक की प्राप्ति करना है। यह यात्रा तो तब ही पूर्णता सफल हो सकती है जबकि इस के वास्तविक तात्पर्य व लक्ष्य जानते हुए प्राप्त अनमोल समय उत्तम तन का सद्उपयोग किया जाए। मनुष्य नामक जीव सृष्टि कर्ता के कला कौशल की अद्वितिय एवं अनुपम कृति का प्रतिक है। सृष्टि रचियता ने इस जगत में यदि कोई सर्वाधिक गुणमयी तथा महत्वपूर्ण वस्तु बनाई है तो वह मानव का व्यक्तित्व है जो प्रकृति की संपूर्ण शक्तियों का केंद्र तथा समस्त गुणों एवं विद्यओं से सम्पन्न है। यह मानुष जीवन पिछले कई जन्मों के शुभ कर्मों का फल है। यह एक श्रेष्ठ प्राणी है। चोरासी लाख योनियों में मनुष्य की तुलना कोई भी योनि नहीं कर सकती। चर अचर अथवा छोटे बड़े डितने भी जीव जन्तु हैं सबसे श्रेष्ठ मानव है। यह गोरव केवल इसी कारण इसे प्राप्त है कि इसको भोक्ता होने क...

KNOWLEDGE :-MAA KI KRIPA..

Wednesday, July 16, 2014 15 LATEST NEWS  HOME देश विदेश बिज़नेस खेल मनोरंजन लाइफस्टाइल नारी धर्म FIFA 2014 You are here > Dharm > मां के इस मंदिर में होते हैं रोग-विकार दूर सेंसेक्स 321 अंक उछला, 7624 पर बंद... 1 min ago सेंसेक्स 321 अंक उछला, 7624 पर बंद निफ्टी जया की चेतावनी, कहा- धोती पर बैन लगाने... 59 min ago जया की चेतावनी, कहा- धोती पर बैन लगाने वालों के लाइसेंस रद्द कर दूंगी पाकिस्तान ने की आरएस पुरा सेक्टर में... 1 hrs ago पाकिस्तान ने की आरएस पुरा सेक्टर में गोलीबारी, 4 जवान घायल BJP बेशर्मी से विधायकों की खरीद-फरोख्‍त... 1 hrs ago BJP बेशर्मी से विधायकों की खरीद-फरोख्‍त में जुटी: आशुतोष मां के इस म Read More : मां | मंदिर | रोग विकार | श्रीयंत्र | त्रिपुर सुंदरी [-] Text [+] मां का दुलार भक्तों को सात समुद्र पार से भी खींच लाता है। मां त्रिपुर सुंदरी अपने भक्तों की हर विपदा में सहायता करती हैं। मध्यप्रदेश के रतलाम जिले से 65 किलोमीटर दूर राजस्थान के बांसवाड़ा में स्थित है मां का दिव्य मंदिर, जहां 18 भुजा...

KNOWLEDGE :- MEDIA KYUN KARTI HAI YAISA..???

जिंदगी में पीछे देखोगे तो "अनुभव " मिलेगा, ... See More media ने कभी ये बताया ?? nestle कंपनी खुद मानती है कि वे अपनी चाकलेट kitkat मे बछड़े के मांस का रस मिलाती है ! और सबका धर्म भ्रष्ट कर रही है ! _____________________________ media ने कभी ये बताया ??? की मद्रास high cout मे fair and lovely कंपनी पर जब case किया गया था ! तब कंपनी ने खुद माना था ! हम cream मे सूअर की चर्बी का तेल मिलाते है !! _______________________________ media ने कभी ये बताया ???? की ये colgate कंपनी जब अपने देश america मे colgate बेचती है तो उस पर warning लिखती है !! अमेरिका और यूरोप में जब कोलगेट बेचा जाता है तो उसपर चेतावनी (Warning) लिखी होती है | लिखते अंग्रेजी में हैं, मैं आपको हिंदी में बताता हूँ, उस पर लिखते हैं "please keep out this Colgate from the reach of the children below 6 years " मतलब "छः साल से छोटे बच्चों के पहुँच से इसको दूर रखिये/ उसको मत दीजिये", क्यों? क्योंकि बच्चे उसको चाट लेते हैं, और उसमे कैंसर करने वाला केमि...

KNOWLEDGE :- PANCHI SE PAHLE UDTE THE DINASUR

क्या आप जानते हैं कि पंखों वाले डायनासोर पक्षियों के उड़ना शुरू करने से पहले ही उड़ रहे थे. चीन में आसाधारण लंबे पंखों वाले डायनासोर के जीवाश्म का पता लगा है जो इस विशालकाय जीव की उड़ान के बारे में रोमांचक जानकारी देता है. चांग्युरप्टर यांगी नाम के 12.5 करोड़ साल पुराना डायनासोर का यह जीवाश्म पूर्वात्तर चीन के लिओनिंग प्रांत में पाया गया. डायनासोर के जीवाश्म के पास एक लंबे पंखों का जोड़ा है जिसके बारे में वैज्ञानिकों का मानना है कि यह उड़ान की गति को कम करने और जमीन पर सुरक्षित उतरने में मददगार रहा होगा. चांग्युरप्टर के पास अतिरिक्त लंबी पूंछ सहित बहुत बड़े पंख है जो कि इसके पूरे शरीर को ढंके हुए हैं. नैचुरल हिस्ट्री म्यूजियम ऑफ लॉस जिलिस काउंटी के डॉ. लुइस चिअप्पे ने बताया, 'डायनासोर का यह अनोखा पूंछ वाला पंख अब तक के किसी भी डायनासोर के पंख से ज्यादा लंबा है.' साउथ अफ्रीका में यूनिवर्सिटी ऑफ केप टाउन के डॉ. अनुसूया चिनसम्य की ओर से इसके शारीरिक ढांचा की संरचना पर किया गया विश्लेषण यह बताता है कि यह डायनासोर एक पूर्ण विकसित वयस्क था और चार फुट लंबा यह जीव चार पंखो वा...

KNOWLEDGE :- PROTEEN MANUSH ME 19000 JEENS PAIDA KARTA HAI..

एक नए शोध में वैज्ञानिकों ने पाया है कि मनुष्य में प्रोटीन पैदा करने वाले जींसों की कुल संख्या 19,000 से है. हाल में बताई गई जींसों की कुल संख्या से यह 1,700 कम है, जबकि प्रारंभिक अनुमानों में इसकी संख्या 100,000 बताई गई थी. अध्ययन के मुताबिक, इन अधिकांश जींसों के पूर्वज 5 करोड़ साल पहले नरवानर गण (प्राइमेट) की उपस्थिति के पहले के हैं. स्पेनिश राष्ट्रीय कैंसर रिसर्च केंद्र (सीएनआईओ) के आधारभूत अनुसंधान के उपनिदेशक अलफांसो वैलेंसिया ने कहा, 'मैं इसे सिकुड़ता हुआ (स्रिंकिंग) मानव जीनोम कहती हूं. प्रोटीन का कोडिंग हिस्सा (प्रोटीन पैदा करने वाला) निरंतर बढ़ता रहा है. कुछ साल पहले तक कोई यह सोच भी नहीं सकता था कि ये जींस इतनी कम संख्या में होते हुए भी कैसे इतना जटिल काम कर सकते हैं.' कौन सा जींस वास्तव में प्रोटीन पैदा करता है जानने के लिए मानव प्रोटीन की माप के मद्देनजर शोधकर्ताओं ने बड़े पैमाने पर सात मानव स्पेक्ट्रोमेट्री अध्ययन (मानव के 50 उत्तकों) से तथ्यों को एकीकृत किया. 1,700 वैसे जींस का पता चला, जिनके बारे में ज्ञात था कि वे प्रोटीन पैदा करते हैं, लेकिन वास्तव ...

ANDHVISVASH.....????

कहते हैं प्रेमी अपनी प्रेमिका का प्‍यार पाने के लिए कुछ भी कर गुजरता है. चांद-तारे तोड़ लाने की बात तो न जाने कितनी सच होती होगी, लेकिन बागपत में तीन प्रेमियों ने जो कुछ किया उसने उन्‍हें सलाखों के पीछे जरूर पहुंचा दिया है. दरअसल हुआ ये कि बागपत के तीन छात्रों ने लड़कियों का प्‍यार पाने के लिए तांत्रिक के कहने पर कब्रों को खोद डाला. तीनों छात्र ग्रेजुएशन कर रहे हैं और अंधविश्‍वास में घिरकर इन्‍होंने ऐसा कदम उठाया. तांत्रिक ने उनसे मुर्दे की हड़्डी लाकर उसका ताबीज बनाने की बात कही थी, जिससे वे किसी भी लड़की को पा सकते हैं. गांव के एक शख्‍स की मदद से इन तीन दोस्‍तों ने कब्र खोद डाली, सूचना मिलते ही गांव के कब्रिस्‍तान में भारी मात्रा में पुलिस तैनात कर दी गई है. कब्र खोदने वाले व्‍यक्ति और दो छात्रों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तांत्रिक और एक छात्र फरार हैं. प्रेमिका का प्‍यार पाने के लिए आशिक हाथ की नसें काट लेते हैं, प्‍यार पाने के लिए जान देने और लेने वाले प्रेमियों के बारे में भी आपने सुना होगा. लेकिन किसी लड़की का प्‍यार पाने के लिए मुर्दे का सहारा लेने का यह संभवत: प...

KNOWLEDGE :- PANCHI SE PAHLE UDTE THE DINASUR

क्या आप जानते हैं कि पंखों वाले डायनासोर पक्षियों के उड़ना शुरू करने से पहले ही उड़ रहे थे. चीन में आसाधारण लंबे पंखों वाले डायनासोर के जीवाश्म का पता लगा है जो इस विशालकाय जीव की उड़ान के बारे में रोमांचक जानकारी देता है. चांग्युरप्टर यांगी नाम के 12.5 करोड़ साल पुराना डायनासोर का यह जीवाश्म पूर्वात्तर चीन के लिओनिंग प्रांत में पाया गया. डायनासोर के जीवाश्म के पास एक लंबे पंखों का जोड़ा है जिसके बारे में वैज्ञानिकों का मानना है कि यह उड़ान की गति को कम करने और जमीन पर सुरक्षित उतरने में मददगार रहा होगा. चांग्युरप्टर के पास अतिरिक्त लंबी पूंछ सहित बहुत बड़े पंख है जो कि इसके पूरे शरीर को ढंके हुए हैं. नैचुरल हिस्ट्री म्यूजियम ऑफ लॉस जिलिस काउंटी के डॉ. लुइस चिअप्पे ने बताया, 'डायनासोर का यह अनोखा पूंछ वाला पंख अब तक के किसी भी डायनासोर के पंख से ज्यादा लंबा है.' साउथ अफ्रीका में यूनिवर्सिटी ऑफ केप टाउन के डॉ. अनुसूया चिनसम्य की ओर से इसके शारीरिक ढांचा की संरचना पर किया गया विश्लेषण यह बताता है कि यह डायनासोर एक पूर्ण विकसित वयस्क था और चार फुट लंबा यह जीव चार पंखो वा...

KNOWLEDGE :- FALO SE NUKSAN

फल खाना सेहत के लिए अच्‍छा होता है. फल पौष्टिक होते हैं, लेकिन अगर आप बाजार में बिकते फलों की चमक देख उसे खरीद रहे हैं तो ठहरिए! क्‍योंकि जरूरत से ज्‍यादा चमकने वाले फल आपकी सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं. दरअसल, इन दिनों बाजार में ग्रहकों को लुभाने के लिए फलों में चमक लाने का काम धड़ल्‍ले से जारी है. इस कड़ी में वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल बड़े स्‍तर पर हो रहा है. इसके साथ ही फल विक्रेता और कारोबारी फलों पर कार्बाइड पाउडर का भी उपयोग कर रहे हैं. डॉक्‍टरों के मुताबिक, ये रसायन शरीर में टॉक्सिन की मात्रा बढ़ाते हैं और यह लीवर व किडनी को नुकसान पहुंचाता है. डॉक्‍टरों का कहना है कि शरीर में फल और जूस मिनरल पहुंचाने का काम करते हैं, लेकिन दुकानदार खुलेआम फलों को चमकाने की चाह में उस पर पॉलिश और पकाने के लिए कार्बाइड का इस्तेमाल कर रहे हैं. जाहिर है कि अगर इसे बिना धुले खाया गया तो सेहत बिगड़नी तय है. शरीर के अंगों को पहुंचाते हैं नुकसान विशेषज्ञों का कहना है कि पॉलिश किए गए फलों को खाने से इसमें मौजूद केमिकल शरीर के अंदर जाकर शरीर के अंगों को खराब कर सकते हैं. खा...

KNOWLEDGE :-KYUN KHAYA PANDVO NE APNE PITA KA MAS.????

महाभारत में वेदों और अन्य हिन्दू ग्रंथों का सार निहित है। यह सिर्फ योद्धाओं की गाथाओं तक सीमित नहीं है। महाभारत से जुड़े शाप, वचन और आशीर्वाद में भी रहस्य छिपे हैं। महाभारत को 'पंचम वेद' कहा गया है। महाभारत में चंद्रवंशियों के दो परिवार कौरव और पाण्डव के बीच हुए युद्ध का वृत्तांत है। 100 कौरव और पांच पांडव के बीच भूमि के लिए जो संघर्ष चला उससे अंतत: महाभारत युद्ध का सृजन हुआ। यह ग्रंथ हमारे देश के मन-प्राण में बसा हुआ है। पाण्डव पांच भाई थे जिनके नाम हैं - 1. युधिष्ठिर 2. भीम 3. अर्जुन 4. नकुल 5. सहदेव पाण्डु के उपरोक्त पांचों पुत्रों में से युधिष्ठिर, भीम और अर्जुन की माता कुन्ती थी तथा नकुल और सहदेव की माता माद्री। यह पांचों भाई देवताओं का प्रसाद थे। क्या आप जानते हैं जब पांडव स्वर्ग सिधारे तो उनके शरीर का मांस उनके पांचों बेटों ने खाया था। पुत्रों द्वारा पिता पांडव का मांस खाने को लेकर विभिन्न मान्यताएं हैं। पाण्डु पुत्रों में सहदेव को ज्योतिष में विशेष रूचि थी। मान्यता है कि अपने पिता द्वारा दिया गया अत्यधिक ज्ञान उन्हीं को प्राप्त हुआ था क्योंकि पाण्डु...