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STORY...????

एक मित्र ने कहा कि साईं को गलत क्यों कहते हो? वो साईं के बारे में कुछ गलत नहीं सुन सकते।

हम आरोप किसी पर झूठे नहीं लगाते बल्कि सत्य को आप सभी के सामने रखने का प्रयत्न करते हैं।

श्रद्धा और विश्वास की नहीं बल्कि सच और झूठ की है।

मायाजाल फैलाकर लोगों को भ्रमित कर अपने वश में करना क्या भगवान् का काम है???

भगवान् बिना मायाजाल के पूजे जाते हैं। निष्काम भावना से भगवान् की पूजा होती है।

साईं चरित्र में अध्याय २३ है वहां एक बकरे को काटने के लिए शामा के द्वारा एक हिन्दू के घर से चाकू मंगाया जाता है। जब उस हिन्दू को पता चलता है कि उसका चाकू बकरा काटने के लिए ले जाया गया है तो वह अपना चाक़ू वापस मंगा लेती है।

क्या उस शाकाहारी हिन्दू से चाक़ू मांगकर बकरा काटना सही था??? उसको पहले ही बताना चाहिए था न कि बकरा काटना है।

जब चाकू के लिए शामा किसी और के पास जाता है काफी समय न आने के बाद काका साहेब की बारी आती है।

काका साहेब साईं के कहने पर बकरा काटने के लिए धर्म सही गलत सब कुछ ठुकरा देता है कहता है कि मेरे लिए आपकी ही आज्ञा सबकुछ है।

ये मांस खाने वाला एक शाकाहारी हिन्दू के घर से बकरा काटने के लिए चाक़ू मंगाकर काटने वाला, मांस खाने वाला, दूसरों को मांस खिलाने वाला उनके अन्धविश्वास के साथ उनके धर्म के साथ खिलवाड़ करने वाला साईं भगवान् हो सकता है क्या????

काका साहेब ने भी केवल साईं के कहने पर अपने धर्म की बातें ठुकरा दीं थीं और बकरा काटने लगा था जबकि वे जीव हत्या करना नहीं जानते थे न ही। यही बात अब साईं भक्तों में भी दिखाई देती है कि वे साईं के खिलाफ नहीं जा सकते चाहे सनातन धर्म की अवहेलना क्यों न करनी पड़े।

जब आप सनातनी ही नहीं हैं तो सनातन देव के नाम क्यों लेते हैं?

साईं नमः शिवाय कहते हैं इसका अर्थ भी समझते हैं कि इसका अर्थ क्या कर दिया है आप लोगों ने???

जानबूझ कर पापकर्म कर रहे हो यह जानते हुए भी कि ॐ नमः शिवाय मंत्र होता है।

ॐ नमः शिवाय = शिव ॐ का जाप करते हैं। शिव अपनी साधना में केवल ॐ का ही जाप करते हैं।
साईं नमः शिवाय = शिव साईं का जाप करते हैं। क्या साईं का नाम इतना बड़ा हो गया कि शिव ॐ का जाप छोड़कर साईं का जाप करें?????

राम का नाम साईं के नाम में क्यों लगाते हो????????? क्या साईं को यह अधिकार था??? या साईं के समय में राम ने कहा था??? क्या साईं ने कभी राम का जाप किया था???

ॐ श्री साईं लक्ष्मी नारायणाय नमः
:- ॐ जो लक्ष्मी नारायण के स्वरुप हैं उन श्री साईं बाबा को नमस्कार

ये किसने कह दिया कि वो लक्ष्मी नारायण के अवतार हैं???

ॐ श्री साईं कृष्णमशिवमारूतयादिरूपाय नमः
:- ॐ जो श्री कृष्ण, राम, शिव, मारुति आदि देवताओं के स्वरुप हैं उन श्री साईं बाबा को नमस्कार

साईं के कौन से ऐसे काम थे कि अवतार घोषित कर दिया?????

जब जब विष्णु अवतार हुआ है तब तक मानवजाति को उन्होंने राक्षस,दैत्य आदि बुरी शक्तियों से मुक्त कराया।

साईं के समय यहाँ अंग्रेजों का राज था। कई कई लोगों को मौत के घाट उतार दिया जिन अंग्रेजों ने उनसे क्यों देश को आजाद नहीं कराया???
जलियांवाला बाग़ आदि कई जगह अंग्रेजों ने कत्लेआम किया था क्यों साईं ने देश को इनसे मुक्त नहीं कराया?????

ऐसे ही साईं के 108 नामावली का जिक्र है। जिनमे साईं को भगवान् बताने का भरपूर प्रयास किया गया है। जबकि वो किसके स्वरुप थे ये अभी तक साईं को खुद नहीं पता। क्योंकि साईं का ही अगला जन्म सत्य साईं के नाम से भी प्रसिद्द हुआ है।

साईं दिन रात अल्लाह अल्लाह करते थे तो साईं के नाम में अल्लाह क्यों नहीं लगाया????

साईं का कहना था कि "सबका मालिक एक अल्लाह मालिक" । तो फिर क्यों पूरी बात कही नहीं जाती है???

क्यों लोगों को भ्रम में रखा जाता है???? क्यों "सबका मालिक एक" ही कहा जाता है????

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