जिसने ये सत्य घटना न पढ़ी वो बेचारा
---------++++++-------------
अकबर अपनी सनक के लिए बहुत मशहूर था अपनी सनक
पूरी करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता था ।
एक बार अकबर ने सनक में बीरबल से प्रश्न किया -"बीरबल
मुझे ये तो पता है कि हमारे मुहम्मद साहब तुम्हारे भगवान से
बहुत बड़े हैं पर कितने बड़े हैं ये नहीं पता !
अब तुम्हीं बताओ कि मुझे कैसे पता चले"?
बीरबल :- आप छ: महीने तक निरामिष रहकर रोज रात
को छ: घंटे छाती तक गंगा में खड़े रहकर
ब्रह्माजी की उपासना करें !
अकबर की तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्माजी प्रकट हुए और
बोले - कहो भक्त कैसे याद किया ???
अकबर ने हाथ जोडकर कहा - "भगवन मुझे ये तो पता है
कि हमारे मुहम्मद साहब हिन्दुओं के भगवान से बहुत बड़े हैं पर
कितने बड़े हैं ये नहीं पता !
आप बताने का कष्ट करेंगे !!!
ब्रह्माजी बोले - "भटूरे खाएगा ?"
अकबर चकराया और बोला - नही !!
ब्रह्माजी अंतर्ध्यान हो गये !
अकबर परेशानहाल बीरबल के पास पहुंचा और
सारी घटना बताई !
बीरबल ने अकबर को विष्णुजी की आराधना का उपाय
बताया - "महाराज आप छ:महीना निरामिष रहकर रोज
रात 6 घंटे एक पैर पर खड़े होकर विष्णुजी की उपासना करें
विष्णुजी आपके प्रश्न का उत्तर दे सकते हैं ।"
अकबर ने पूरी निष्ठा से 6 महीने
उपासना की विष्णुजी प्रकट हुए !
अकबर ने छूटते ही प्रश्न दाग दिया -
"भगवन मुझे ये तो पता है कि हमारे मुहम्मद साहब हिन्दुओं के
भगवान से बहुत बड़े हैं पर कितने बड़े हैं ये नहीं पता !
आप बताने का कष्ट करेंगे !!!
विष्णुजी ने कहा - वत्स भटूरे खाओगे ?
अकबर बोला - "भगवन आपको पता नहीं मेरा बवासीर
का इलाज चल रहा है मैं परहेज पर हूँ !"
विष्णुजी अंतर्ध्यान हो गए !
परेशानहाल अकबर फिर बीरबल के पास पहुंचा और
सारी घटना बताई !
बीरबल ने अकबर को शंकरजी की आराधना का उपाय
बताया - "महाराज आप छ:महीना निरामिष रहकर
श्रद्धापूर्वक रोज रात 6 घंटे पीपल के पेड़ पर उल्टे लटककर
शंकरजी की उपासना "ॐ नम: शिवाय" मन्त्र से करें भोलेनाथ
आपके प्रश्न का उत्तर दे सकते हैं ।"
अकबर ने पूरी श्रद्धा के साथ भोलेनाथ की उपासना की !
महादेव प्रकट हुए और बोले - बोल भक्त क्या मांगता है ?
अकबर ने फिर वही पुराना राग अलापा -
"भगवन मुझे ये तो पता है कि हमारे मुहम्मद साहब हिन्दुओं के
देवी-देवताओं और भगवान से बहुत बड़े हैं पर कितने बड़े हैं ये
नहीं पता !
आप बताने का कष्ट करेंगे !!!
भोलेनाथ ने मंद मुस्कुराहट से कहा - "भटूरे खाएगा?"
अकबर ने कहा -"हां भगवन खा लूँगा छ: महीने फिर बुक होने
से बेहतर है!"
महादेव ने दो ताली बजाकर कहा -
"ओये मुहम्मद इसके लिए बगैर तले भटूरे लेके आ !
बवासीर है इस नामुराद को !"
इस घटना से अकबर को मुहम्मद साहब की औकात
का पता चल गया !
और उसने इस्लाम छोड़कर "दीन ऐ इलाही" नाम से एक धर्म
चलाया जो बुरी तरह फ्लाप हुआ ।
परिचय- हमारा भारत देश आज हर तरह की आधुनिक सुख-सुविधाओं से संपन्न हो चुका है। आज हम विश्व में काफी ऊपर गिने जाते हैं। भारत ने अपने यहां राकेट से लेकर कंप्यूटर तक बनाने में महारत हासिल की है लेकिन एक चीज जो सदियों पहले भी थी और आज भी है, वंश को चलाने के लिए पुत्र की जरूरत। आज भी बहुत से लोगों का मानना यही है कि अगर हमारा पुत्र नहीं होगा तो हमारे वंश का नाम मिट जाएगा। इसी चाह में लोग अपने घर में कई बच्चे पैदा कर लेते हैं। बहुत से लोगों का मानना यह है कि 3 बच्चों के बाद मां की कोख बदल जाती है यानि की उनके घर में अगर 3 लड़कियां होती है तो वह चौथे बच्चे की प्रतीक्षा करते हैं की वह तो लड़का ही होगा। लेकिन यहां पर भी अगर लड़की हो जाती है तो वह बिल्कुल परेशान हो जाते हैं। लेकिन इनके अलावा कुछ लोग ऐसे भी है जो लड़की को माता लक्ष्मी का रूप मानते हैं और चाहते हैं कि उनके घर में एक लड़की जरूर हो। यहां पर कुछ उपाय बताए जा रहे हैं जिनको अपनाकर जिनको लड़के की चाह है वह लडका प्राप्त कर सकते हैं और जिनको लडकी की चाह है वह लडकी प्राप्त कर सकते हैं- सबसे पहली बात अगर पुत्र प्राप्त करना है तो इसके लिए पुरु...
टिप्पणियाँ