सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

घरेलू नुस्खे

स्वस्थ दिल के लिए घरेलू उपचार...!

भागदौड़ भरी जिंदगी और बेपरवाह जीवनशैली हमारे दिल को तेजी से बीमार बना रही है। दिल के मरीजों की इस तादाद में युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बीमार दिल अपने साथ कई बीमारियां लेकर आता है। जरा सा काम करने के बाद सांस फूलना, सीढियां चढते वक्त दम भरना और अक्सर छोटे-छोटे काम में पसीना आना बीमार होते दिल की ओर इशारा करते हैं। लेकिन, दिल को दुरुस्त रखने के लिए हमें कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं। इसके लिए कई घरेलू उपाय ही अपनाए जा सकते हैं। आइए जानते हैं उन्हीं उपायों के बारे में-

शहद दिल को मजबूत बनाता है। कमजोर दिल वाले एक चम्मच शहद का सेवन रोज करें तो उन्हें फायदा होगा। आप लोग भी शहद का एक चम्मच रोज ले सकते हैं, इससे वे दिल की बीमारियों से बचे रहेंगे।
छोटी इलायची और पीपरामूल का चूर्ण घी के साथ सेवन करने से दिल मजबूत और स्वस्थ रहता है।
दिल को मजबूत बनाने के लिए गुड को देसी घी में मिलाकर खाने से भी फायदा होता है।
लौकी उबालकर उसमें धनिया, जीरा व हल्दी का चूर्ण तथा हरा धनिया डालकर कुछ देर पकाकर खाइए। इससे दिल को शक्ति मिलती है।
अलसी के पत्ते और सूखे धनिए का क्वाथ बनाकर पीने से ह्रदय की दुर्बलता मिट जाती है।
गाजर के रस को शहद में मिलाकर पीने से निम्न ब्लड प्रेशर की समस्या नहीं होती है और दिल मजबूत होता है।
हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से निजात पाने के लिए सिर्फ गाजर का रस पीना चाहिए। इससे रक्तचाप संतुलित हो जाता है।
सर्पगंधा को कूटकर रख लीजिए। इस पाउडर को सुबह-शाम 2-2 ग्राम खाने से बढ़ा हुआ रक्तचाप सामान्य हो जाता है।
प्रतिदिन लहसुन की कच्ची कली छीलकर खाने से कुछ दिनों में ही रक्तचाप सामान्य हो जाता है और दिल मजबूत होता है।
अनार के रस को मिश्री में मिलाकर हर रोज सुबह-शाम पीने से दिल मजबूत होता है।
खाने में अलसी का प्रयोग करने से दिल मजबूत होता है। अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होता है जो दिल को बीमारियों से बचाता है।
सेब का जूस और आंवले का मुरब्बा खाने से दिल मजबूत होता है और दिल अच्छे से काम करता है।
बादाम खाने से दिल स्वास्थ रहता है। बादाम में विटामिन और फाइबर होता है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

हमारे जीवन में यह जानकारी रखना बहुत जरूरी है

परिचय- हमारा भारत देश आज हर तरह की आधुनिक सुख-सुविधाओं से संपन्न हो चुका है। आज हम विश्व में काफी ऊपर गिने जाते हैं। भारत ने अपने यहां राकेट से लेकर कंप्यूटर तक बनाने में महारत हासिल की है लेकिन एक चीज जो सदियों पहले भी थी और आज भी है, वंश को चलाने के लिए पुत्र की जरूरत। आज भी बहुत से लोगों का मानना यही है कि अगर हमारा पुत्र नहीं होगा तो हमारे वंश का नाम मिट जाएगा। इसी चाह में लोग अपने घर में कई बच्चे पैदा कर लेते हैं। बहुत से लोगों का मानना यह है कि 3 बच्चों के बाद मां की कोख बदल जाती है यानि की उनके घर में अगर 3 लड़कियां होती है तो वह चौथे बच्चे की प्रतीक्षा करते हैं की वह तो लड़का ही होगा। लेकिन यहां पर भी अगर लड़की हो जाती है तो वह बिल्कुल परेशान हो जाते हैं। लेकिन इनके अलावा कुछ लोग ऐसे भी है जो लड़की को माता लक्ष्मी का रूप मानते हैं और चाहते हैं कि उनके घर में एक लड़की जरूर हो। यहां पर कुछ उपाय बताए जा रहे हैं जिनको अपनाकर जिनको लड़के की चाह है वह लडका प्राप्त कर सकते हैं और जिनको लडकी की चाह है वह लडकी प्राप्त कर सकते हैं- सबसे पहली बात अगर पुत्र प्राप्त करना है तो इसके लिए पुरु...

घरेलू नुस्खे

खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए चंद आयुर्वेदिक नुस्खे....! काम आज दाम्पत्य जीवन की औपचारिकता भर रह गया है, इन्ही कारणों से यौन संबंधों को लेकर असंतुष्ट युगलों की संख्या में निरंतर इजाफा हो रहा है, ऐसी स्थिति में आयुर्वेद एवं आयुर्वेदिक औषधियां मददगार हो सकती है.... असगंध, विधारा, शतावर, सफ़ेद मूसली, तालमखाना के बीज, कौंच बीज प्रत्येक 50-50 ग्राम की मात्रा में लेकर दरदरा कर कपडे से छान लें तथा 350 ग्राम मिश्री मिला लें, इस नुस्खे को 5-10 ग्राम की मात्रा में सुबह शाम ठन्डे दूध से लें, लगातार एक माह तक लेने से यौन सामर्थ्य में वृद्धि अवश्य होगी। -दालचीनी, अकरकरा, मुनक्का और श्वेतगुंजा को एक साथ पीसकर इन्द्रिय पर लेप करें तथा सम्भोग के समय कपडे से पोछ डालें, यह योग इन्द्रियों में रक्त के संचरण को बढाता है। शुद्ध शिलाजीत 500 मिलीग्राम की मात्रा में ठन्डे दूध में घोलकर सुबह शाम पीने से भी लाभ मिलता है। -शीघ्रपतन की शिकायत हो तो धाय के फूल, मुलेठी, नागकेशर, बबूलफली इनको बराबर मात्रा में लेकर, इसमें आधी मात्रा में मिश्री मिलाकर, इस योग को 5-5 ग्राम की मात्रा में सेवन लगातार एक माह तक कर...

GOOD STORY

किसी गांव में एक गरीब ब्राहमण रहता था| वह लोगों  के घरों में पूजा पाठ कर के अपनी i.  yy चलाता था| एक दिन एक राजा ने इस ब्राहमण को पूजा के लिए बुलवाया| ब्राहमण ख़ुशी ख़ुशी राजा के यहाँ चला गया | पूजा पाठ करके जब ब्राहमण अपने घर को आने लगा तो राजा ने ब्राहमण से पूछा इश्वर कहाँ रहता है, किधर देखता है और क्या करता है? ब्राहमण कुछ सोचने लग गया और फिर राजा से कहा, महाराज मुझे कुछ समय चाहिए इस सवाल का उत्तर देने के लिए| राजा ने कहा ठीक है, एक महीने का समय दिया| एक महीने बाद आकर इस सवाल का उत्तर दे जाना | ब्राहमण इसका उत्तर सोचता रहा और घर की ओर चलता रहा परन्तु उसके कुछ समझ नहीं आरहा था| समय बीतने के साथ साथ ब्राहमण की चिंता भी बढ़ने लगी और ब्राहमण उदास रहने लगा| .ब्रह्मण का एक बेटा था जो काफी होशियार था उसने अपने पिता से उदासी का कारण पूछा | ब्राहमण ने बेटे को बताया कि राजा ने उस से एक सवाल का जवाब माँगा है कि इश्वर कहाँ रहता है;किधर देखता है,ओर क्या करता है ? मुझे कुछ सूझ नहीं रहा है| बेटे ने कहा पिताजी आप मुझे राजा के पास ले चलना उनके सवालों का जवाब मै दूंगा| ठीक एक महीने बाद ब्राह...