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दौलत की भूख ऐसी की कमाने निकल गए । दौलत मिली तो हाथ से रिश्ते निकल गए ।

एक कंजूस व्यक्ति ने जीवन भर कंजूसी करके पांच करोड💶💷 रूपये एकत्रित कर लिये।
     इस एकत्रित धनकी बदौलत वह एक साल तक बिना कोई काम किए चैन की बंशी बजाने के स्वप्न देखने लगा।
     इसके पहले कि वह उस धन को निवेश करने का इरादा कर पाता, यमदूत ने उसके दरवाज़े🚪😈पर दस्तक दे दी।
    उस व्यक्ति ने यमदूत से कुछ समय देने की प्रार्थना की परंतु यमदूत टस से मस नहीं हुआ।
     उसने याचना की - "मुझे तीन दिन की ज़िंदगी दे दो, मैं तुम्हें अपना आधा धन दे दूँगा।" पर यमदूत ने उसकी बात पर कोई ध्यान नहीं दिया।
     उस व्यक्ति ने फिर प्रार्थना की "मैं आपसे एकदिन की ज़िंदगी की भीख मांगता हूं। इसके बदले तुम
मेरी वर्षों की मेहनत से जोड़ा गया पूरा धन ले लो।" पर यमदूत😈फिर भी अडिग रहा।
    अपनी तमाम अनुनय-विनय के बाद उसे यमदूत से सिर्फ इतनी मोहलत मिली कि वह एक संदेश लिख सके।
    उस व्यक्ति ने अपने संदेश में लिखा📄 -"जिस किसी को भी यह संदेश📃 मिले,उससे मैं सिर्फ इतना कहूँगा कि वह जीवन भर सिर्फ संपत्ति जोड़ने की फिराक में न रहे। ज़िंदगी का एक - एक पल पूरी तरह से जियो। मेरे पांच करोड रूपये भी मेरे लिए एक घंटे का समय⏰नहीं खरीद सके।
" इसलिए दोस्तों वर्तमान में जियो,भविष्य की सोच सोच कर अपने वर्तमान को ख़राब मत करो🔵
काम करो ऐसा के पहचान बन जाए;
हर कदम ऐसा चलो कि निशान बन जाए;
यहाँ ज़िंदगी तो सभी काट लेते हैं;
ज़िंदगी जियो ऐसी कि मिसाल बन जां

_"खुशीयां बटोरते बटोरते उमर गुजर गई ,
पर खुश ना हो सके,

_एक दिन एहसास हुआ ,
खुश तो वो लोग थे जो खुशीयां बांट रहे थे."

दौलत की भूख ऐसी की कमाने निकल गए ।
दौलत मिली तो हाथ से रिश्ते निकल गए ।
बच्चों के साथ रहने की फुर्सत ना मिल सकी ।
और जब फुर्सत मिली तो बच्चे खुद ही दौलत कमाने निकल गए ।।।।।।।
अपने ग्रुप के लिए कहता हूँ
हम फूल तो नहीं पर महकना जानते है,
बिना रोये गम भुलाना जानते है..
लोग खुश होते है हमसे...
      ........क्योकि.......
हम बिना मिले ही रिश्ते निभाना जानते है 
 

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