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Knowledge


चिंतन का महत्त्व
गतांक से आगे

पाप क्राईम को ही नहीं कहते। पाप उन्हें भी कहते हैं, जो कि जीवन को अस्त-व्यस्त बनाकर रखें, चोरी, डकैती, हत्या वगैरह ये तो बुरे कर्म हैं ही, लेकिन ये भी कम बुरा कर्म नहीं है किआप आलस्य और प्रमाद में ही समय काट डालें। आप अपने स्वभाव को गुस्सेबाज बनाकर रखें, ईर्ष्या किया करें, चिंतन और मनन को अस्त-व्यस्त बनाकर रखें। ये भी कोई ढंग है। ये क्या है, ये भी गलतियाँ हैं। व्यक्तिगत जीवन में आपको गुण, कर्म, स्वभाव संबंधी गलतियाँ क्या हुईं और क्राईम, अपराध, जुल्म करने के संबंध में क्या भूलें हुईं, इन दोनों के बारे में एक बार विचार किया कीजिए। ये विचार करना बहुत जरूरी है। इससे, यह मालूम होता है कि हमारी गलतियाँ कहाँ हैं और हम कितना चूकते रहे हैं और चूक रहे हैं। इन चूकों को सुधारने वाला अगला कदम आता है-आत्म परिष्कार।
आत्म निरीक्षण के बाद में आत्म परिष्कार का दूसरा नम्बर आता है। सुधार कैसे करें। सुधार में क्या बात करनी होती है। सुधार में रोकथाम करनी पड़ती है। मसलन, आप शराब पीते हैं तो आप बन्द कीजिए। नहीं साहब, हम शराब नहीं पीयेंगे। आप बीड़ी पीते हैं, सिगरेट पीते हैं, अपना कलेजा जलाते हैं, तो विचार कीजिए। अब हम कलेजा नहीं जलायेंगे। आत्म परिशोधन इसी का नाम है। जो गलतियाँ हुई हैं, उसके विरुद्ध आप बगावत खड़ी कर दें, रोकथाम के लिये आमादा हो जायें, संकल्प बल का ऐसा इस्तेमाल करें किजो भूल होती रही हैं, अब हमसे न हों। इसकी स्कीम बनायें।
गलतियाँ न होने देने का तरीका क्या है? क्या हम करेंगे? अपने आप में जो कच्चाइयाँ आयेंगी, जब आपको कच्चाइयाँ यह मजबूर करेंगी कि जो करते रहे हैं, वही ढर्रा चलते रहना चाहिए। अपने साथ में पक्षपात और रियायत करने का जब आपका मन उठे, तब आप उस मन के विरोधी हो जाइये, मन को निग्रहित कीजिये, मन को तोड़िये। मन से लड़ाई कीजिए। आत्म परिष्कार इसी का नाम है। आत्म निरीक्षण और आत्म परिष्कार अथवा परिशोधन इन दो कार्यों को मिला देने से चिंतन की प्रक्रिया पूरी हो जाती है। यही कहना था आज आपसे।
॥ ॐ शान्ति॥

परम पूज्य गुरुदेव पं श्रीराम शर्मा आचार्य की अमृतवाणी
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171 people like this.

Ashok Agarwal Agarwal
tks
Like · Reply · 44 minutes ago
Yash Tiwari
naryan narayan ram bachaye aise karmo se
Like · Reply · 7 hours ago
Sushila Sharma
JAI guru feb
Like · Reply · 7 hours ago
Beni Bhai
ओमशान्ति...
Like · Reply · 10 hours ago
Om Yadav
Om Shanti
Like · Reply · Yesterday at 1:19pm
Sharwan Ram Jat
Om
Like · Reply · Yesterday at 12:42pm
Subhash Aacharya
v nic
Like · Reply · 6 hours ago
Subhash Aacharya
bahut sundar
Like · Reply · 6 hours ago
Saleh Uddin
https://m.facebook.com/profile.php?id=1419116331680240
Like · Reply · Yesterday at 12:28pm

टिप्पणियाँ

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