आज फिर देश के गद्दारो को शहीदो की याद आई है
सब ने मिलकर कमीनेपन की हर रीत निभाई है
खुद मनाते है दीवाली हर रोज
क्या इतने दिनों में किसी ने शहीदो के घर की रौशनी जलाई है
सान्या मिर्ज़ा का रोना सब को दीखता है
क्या इस नपुंसक मीडिया ने कभी शहीद के घर की हालत दिखाई है
अरे लानत है ऐसे अवसर वादी नेताओ पर और दोगले मीडिया पर
ये वही नीच लोग है जिन्होंने वक़्त आने पर अपनी माँ बहिन दाव पर लगाई है
आज फिर देश के गद्दारो को शहीदो की याद आई है
जो मर मिटा हमारे भविष्य के लिए
उसके बच्चों के जीवन में सिर्फ अँधेरे और काई है
कुर्बान किये जिस माँ ने अपने सपूत इस देश पे
इन गद्दारो ने उसी माँ की कुटिया जलाई है
आज फिर देश के गद्दारो को शहीदो की याद आई है
आज ये सब जायेंगे और कुछ फूल चढ़ा के आएंगे
२ मिनट के नाटक के लिए शहीदो की प्रतिमाये सजाई है
दिल में कहने को बहुत कुछ है
आज फिर शहीदो के घरवालो के हालत पे आँख मेरी भर आई है
आज फिर देश के गद्दारो को शहीदो की याद आई है
सब ने मिलकर कमीनेपन की हर रीत निभाई है
परिचय- हमारा भारत देश आज हर तरह की आधुनिक सुख-सुविधाओं से संपन्न हो चुका है। आज हम विश्व में काफी ऊपर गिने जाते हैं। भारत ने अपने यहां राकेट से लेकर कंप्यूटर तक बनाने में महारत हासिल की है लेकिन एक चीज जो सदियों पहले भी थी और आज भी है, वंश को चलाने के लिए पुत्र की जरूरत। आज भी बहुत से लोगों का मानना यही है कि अगर हमारा पुत्र नहीं होगा तो हमारे वंश का नाम मिट जाएगा। इसी चाह में लोग अपने घर में कई बच्चे पैदा कर लेते हैं। बहुत से लोगों का मानना यह है कि 3 बच्चों के बाद मां की कोख बदल जाती है यानि की उनके घर में अगर 3 लड़कियां होती है तो वह चौथे बच्चे की प्रतीक्षा करते हैं की वह तो लड़का ही होगा। लेकिन यहां पर भी अगर लड़की हो जाती है तो वह बिल्कुल परेशान हो जाते हैं। लेकिन इनके अलावा कुछ लोग ऐसे भी है जो लड़की को माता लक्ष्मी का रूप मानते हैं और चाहते हैं कि उनके घर में एक लड़की जरूर हो। यहां पर कुछ उपाय बताए जा रहे हैं जिनको अपनाकर जिनको लड़के की चाह है वह लडका प्राप्त कर सकते हैं और जिनको लडकी की चाह है वह लडकी प्राप्त कर सकते हैं- सबसे पहली बात अगर पुत्र प्राप्त करना है तो इसके लिए पुरु...
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