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बिना लक्षण के अथेरोस्‍लेरोसिस


दिल बहुत नाजुक है, अगर स्‍वस्‍थ आदतों को न अपनाया जाये तो यह आसानी से बीमार पड़ सकता है। शरीर के अन्‍य बीमारियों की तरह दिल से संबंधित कुछ बीमारियां अचानक से आती हैं, इनको लेकर आप सजग नहीं होते और कभी-कभी ये जानलेवा भी हो सकती हैं।


सबकुछ सही चल रहा है और आपकी दिनचर्या अस्‍वस्‍थ है इसका मतलब भी यह नहीं कि आपका दिल स्‍वस्‍थ है। दिल का दौरा पड़ना, दिल की धमनियों का मोटा हो जाना, दिल की धड़कन बंद हो जाना, अथेरोस्‍लेरोसिस जैसी दिल की बीमारियां छुपी होती हैं और अचानक से सामने आती हैं। इस लेख में दिल से जुड़ी तीन प्रमुख बीमारियों को उजागर करने के तरीकों के बारे में जानिये।





दिल का दौरा पड़ना


दिल का दौरा अचानक से आता है और इस दौरे के बीच में खुद को बचाने के लिए आपके पास केवल 10 सेकेंड होते हैं, अगर इस बीच आप चूक गये तो गंभीर समस्‍या हो सकती है। ज्‍यादातर दिल के दौरे के लिए खानपान की गलत आदतें और गलत जीवनशैली जिम्मेदार है। अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में जंकफूड को एक अहम हिस्‍सा बना लिया है जो दिल के दौरे की संभावना को बढ़ाने में मदद करता है। खाने में वसा, नमक, अंडे और मांस का प्रयोग जो लोग अधिक करते हैं उन्‍हें सामान्‍य लोगों की तुलना में दिल का दौरा पड़ने की संभावना अधिक होती है। लेकिन दिल का दौरा पड़ने से पहले दिल में सामान्‍य दर्द शुरू होता है और यह दर्द धीरे-धीरे विकराल हो जाता है, इस स्थिति को बिलकुल भी नजरअंदाज न करें और चिकित्‍सक से संपर्क करें।



बिना लक्षण के अथेरोस्‍लेरोसिस


यह भी दिल की एक गंभीर समस्‍या है जिसके लक्षण बिलकुल भी दिखाई नहीं देते हैं। हमारी उम्र बढ़ने के साथ, शरीर के विभिन्न हिस्सों की रक वाहिकाओं में, जिनमें कोरोनरी आर्टरीज भी शामिल हैं, उनमें कोलेस्ट्रॉल जम जाता है एवं रक्त के बहाव में धीरे-धीरे बाधा उत्पन्न कर देता है। इस धीरे-धीरे संकरे होने की प्रक्रिया को अथेरोस्लेरोसिस कहते हैं। अगर रक्‍त संचार में बाधा के कारण बेचैनी और अन्रिदा की शिकायत हो तो चिकित्‍सक से संपर्क कीजिए और अपनी समस्‍या के बारे में बतायें।




दिल का कमजोर होना


आपको बिना बताये आपका दिल कमजोर हो जाता है। निम्‍न रक्‍तचाप के कारण दिल सबसे अधिक कमजोर होता है। इसके अलावा धमनियों का संकरा होना, रक्‍त संचार ठीक से न होना भी दिल को कमजोर बनाता है। जरा सा भी परिश्रम करने पर सांस फूलने लगे, पसीना आ जाए, सीढ़ियां चढ़ते समय दम भर जाए तो समझो आपका दिल कमजोर है। इस स्थिति को बिलकुल भी नजरअंदाज न करें और चिकित्‍सक से संपर्क कीजिए।


अगर आपके घर में पहले भी किसी को यह समस्‍या हो गई है तो यह आपको भी हो सकती है, इसके अलावा दिल को स्‍वस्‍थ रखने के लिए समय-समय पर इलेक्ट्रोकार्डिओग्राम, ईसीजी, आदि करवाते रहें। समस्‍या होने पर चिक्त्सिक से सलाह अवश्‍य लें।



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