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कैंसर की जानकारी ही इस रोग का बचाव है। 


कैंसर सबसे खतरनाक बीमारी है। यह शरीर की कोशिकाओं में तेजी से फैलने वाला रोग है। कैंसर के शुरूआती चरण में ही इसका उपचार संभव है। यदि य‍ह दूसरे चरण में पहुंच जाता है तो इसका उपचार मुश्किल होता है। क्षतिग्रस्‍त कोशिकाओं के ऊतकों तक फैलने पर कैंसर जानलेवा भी साबित हो सकता है।

कैंसर की जानकारी ही इस रोग का बचाव है। इस लेख के जरिए हम आपको बता रहे हैं कैंसर के खतरे को कम करने वाले कुछ उपाय। इन उपयों के जरिए आप उम्र बढ़ने पर भी बीमारियों रहित जीवन जी सकते हैं।


तम्‍बाकू के इस्‍तेमाल से बचें

तम्‍बाकू का सेवन करने वालों को कैंसर का खतरा ज्‍यादा होता है। धूम्रपान करने वालों को कई प्रकार के कैंसर जैसे फेफड़ों में कैंसर, ब्‍लैडर कैंसर, गर्भाश्‍य कैंसर और किडनी कैंसर आदि होने की आशंका रहती है। यदि आप गुटखे का सेवन करते हैं तो मुंह में और पाचक ग्रंथि में कैंसर हो सकता है। यदि आप स्‍मोकिंग नहीं भी करते, लेकिन धूम्रपान करने वालों के संपर्क में रहते हैं तो आपके फेफड़ों में कैंसर होने की आशंका बनी रहती है। इसलिए तम्‍बाकू के सेवन से बचना चाहिए। यदि आप गुटखा या सिगरेट नहीं छोड़ पा रहे हैं तो इसके लिए चिकित्‍सक से संपर्क कर सकते हैं।



पौष्टिक भोजन का सेवन करें

भोजन में पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए। किराना स्‍टोर पर घरेलू सामान खरीदने जाएं तो चीजों का सोच समझकर चुनाव करें। वहीं चीजें खरीदकर लाएं जो आपके शरीर के लिए जरूरी पौष्टिक तत्‍वों को पूरा करती हों। फल और हरी सब्जियों को भोजन में शामिल करें। गेहूं और बीन्‍स का सेवन भी कैंसर के खतरे को कम करता है। जिन चीजों में फैट कम हो, उनका सेवन करें। ज्‍यादा फैट वाले पदार्थों में कैलोरी की मात्रा ज्‍यादा होती है। कैलोरी के ज्‍यादा सेवन से आपका वजन बढ़ सकता है। मोटापे से भी कैंसर का खतरा बना रहता है।



शारीरिक रूप से सक्रिय रहें

शारीरिक रूप से सक्रिय रहने पर आपका वजन नियंत्रित रहता है। वजन कम होने से ब्रेस्‍ट कैंसर, प्रोस्‍टेट कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, मलाशय कैंसर और किडनी कैंसर होने का खतरा भी कम रहता है। सप्‍ताह में कम से कम 150 मिनट यानी ढाई घंटे शारीरिक व्‍यायाम करने की कोशिश करें। यदि आप स्‍वस्‍थ रहना चाहते हैं तो प्रतिदिन 30 मिनट व्‍यायाम करने की आदत अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें।


सूरज की किरणों से बचाव करें

स्किन कैंसर आम कैंसर है। सूरज की यूवी किरणों के असर से स्किन कैंसर होने का खतरा बना रहता है। सुबह 10 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक बाहर निकलने से परहेज करें। इस दौरान सूरज की किरणों का सबसे ज्‍यादा असर होता है। बाहर होने पर कोशिश करें कि छाया वाले स्‍थान पर खड़ें हो, साथ ही ऐसे में सनग्‍लास और टोपी का इस्‍तेमाल करें। ढीले कपड़ें पहनें, ताकि आपकी त्‍वचा ज्‍यादा से ज्‍यादा कवर हो सकें। तेज धूप में गहरे रंग वाले कपड़ें न पहनें।



अल्‍कोहल का सेवन कम करें

अल्‍कोहल के ज्‍यादा सेवन से भी कैंसर का खतरा होता है। यदि आप कैंसर की आशंका से बचना चाहते हैं तो अल्‍कोहल का सेवन कम करें। यदि आप लंबे समय तक ज्‍यादा मात्रा में अल्‍कोहल लेते हैं तो आपको ब्रेस्‍ट कैंसर, गुदा कैंसर, फेफड़ों का कैंसर और लिवर कैंसर हो सकता है।


इनफेक्‍शन से बचाव

कुछ चीजों के गलत प्रयोग से आपको इनफेक्‍शन होने का खतरा रहता है। इनफेक्‍शन बढ़ने से कैंसर होने का आशंका रहती है। उदाहरण के लिए सुरक्षित सेक्‍स करें। आप ज्‍यादा लोगों से शारीरिक संबंध न बनाएं और सेक्‍स करते समय कंडोम का इस्‍तेमाल करें। यदि आप ज्‍यादा लोगों से शारीरिक संबंध बनाते हैं तो आपके एचआईवी पॉजिटिव होने का खतरा बना रहता है। एचआईवी पॉजिटिव लोगों में गुदा कैंसर, योनी कैंसर और गले के कैंसर की शिकायत ज्‍यादा होती है। इसके साथ ही एक बार इस्‍तेमाल की गई सीरिंज को दोबारा यूज न करें।




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