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पहली बार म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले निवेशकों को अधूरी जानकारी होती है और ज्यादातर वे निवेश की परिस्थितियों में आने वाली अनिश्चितताओं से प्रभावित हो जाते हैं। लेकिन म्यूचुअल फंड निवेश में बाजार के समय से भी अधिक महत्वपूर्ण बातें हैं जो ध्यान रखनी चाहिये। सबसे पहले ध्यान रखे एक महत्वाकांक्षी यूनिट धारक को सबसे पहले ये तय करना चाहिये कि वो किस तरह के पोर्टफोलियो (निवेश सूची) का निर्माण करना चाहता है। दूसरे शब्दों में उसे अपनी सम्पत्ति के सही विनियोजन का फैसला करना चाहिये।ये ऐसेट एलोकेशन (asset allocat


पहली बार म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले निवेशकों को अधूरी जानकारी होती है और ज्यादातर वे निवेश की परिस्थितियों में आने वाली अनिश्चितताओं से प्रभावित हो जाते हैं। लेकिन म्यूचुअल फंड निवेश में बाजार के समय से भी अधिक महत्वपूर्ण बातें हैं जो ध्यान रखनी चाहिये।

सबसे पहले ध्यान रखे

एक महत्वाकांक्षी यूनिट धारक को सबसे पहले ये तय करना चाहिये कि वो किस तरह के पोर्टफोलियो (निवेश सूची) का निर्माण करना चाहता है। दूसरे शब्दों में उसे अपनी सम्पत्ति के सही विनियोजन का फैसला करना चाहिये।ये ऐसेट एलोकेशन (asset allocation) कहलाता है। ऐसेट एलोकेशन वो तरीका है जो ये निर्धारित करता है कि आप अपने पैसे को विभिन्न निवेशों में कैसे लगायें जिसमें सम्पत्ति के सभी वर्गों का उचित मिश्रण हो।

ऐसेट एलोकेशन के लोकप्रिय नियम कहते हैं कि निवेशक की जो भी उम्र हो,उसे अपने पोर्टफोलियो में अपनी उम्र जितना धन प्रतिशत रखना चाहिये। उदाहरण के लिये- यदि निवेशक की उम्र 25 साल है तो उसे अपने निवेश का 25% ऋण (debt instrument) में और शेष इक्विटी में लगाना चाहिये।

हालांकि वास्तविकता में, प्रत्येक व्यक्ति की विभिन्न परिस्थितियों और वित्तीय हालत के अनुसार अलग अलग निवेश आवंटन की जरूरत हो सकती है। ऐसेट एलोकेशन को समझने के लिये आपको विभिन्न कारको की भी जानकारी होनी चाहिये जैसे-आयु, व्यवसाय, आप पर निर्भर परिवार के सदस्यों की संख्या आदि। सामान्यतः जितने अधिक आप युवा हैं उतने ही जोखिम भरे निवेश आप रख सकते हैं जिनसे आपको बेहतर रिटर्न मिले।

सही फंड कैसे चुनें

सही फंड चुनने के लिये ध्यान रखें— कि सही फंड चुनने की कुंजी उनके निवेश सिद्धांत और रिटर्न देने की स्थिरता पर निर्भर करती है। आप सही फंड चुनें जो आपकी जरुरतों के लिये उपयुक्त हो, ये सुनिश्चित करने के लिये निम्न बातों पर विचार करें:

•    अपने आर्थिक लक्ष्यों को निर्धारित करें।

•    क्या आप अपनी सेवानिवृत्ति के लिये निवेश कर रहे हैं ?य़ा अपने बच्चे की शिक्षा के लिय ?, या फिर वर्तमान आमदनी के लिये ?

•    अपनी समय सीमा पर विचार करें। क्या आपको तीन महिने के समय में पैसा चाहिये या फिर तीन साल में  ? , जितना विस्तृत आपका समय होगा उतना ज्यादा जोखिम आप निवेश में उठाने के काबिल होंगे।

•    आप जोखिम उठाने के बारे में क्या सोचते हैं  ? क्या आप उच्च रिटर्न की संभावना के लिये शेयर बाजार के उतार चढाव को बर्दाश्त करने की स्थिति में हैं? आपको अपने स्वंय की जोखिम उठाने की क्षमता के बारे में अवश्य पता होना चाहिये,यह सही निवेश योजना को चुनने के लिये एक गाइड हो सकता है। याद रखें,संभावित रिटर्न की चिन्ता किये बिना यदि आप किसी विशेष परिसंपत्ति वर्ग के साथ सहज नही हैं तो आपको अन्य निवेश विकल्पों पर विचार करना चाहिये।

•    ध्यान रखें-इन सभी कारकों का सीधा प्रभाव उन फंड पर पङता है जिन्हें आप चुनते हैं और जो रिटर्न आप प्राप्त करने की उम्मीद रखते हैं।

फंड कैन्डी

•    विविध इक्विटी फंड
•    इंडैक्स फंड
•    अवसर फंड
•    मिड कैप फंड
•    इक्विटी लिंक्ड बचत योजनायें
•    सेक्टर फंड जैसे ऑटो, हंल्थ केयर,एफएमसीजी,बैंकिंग,आई.टी इत्यादि
•    संतुलित फंड उनके लिये जो इक्विटी निवेश में 100% जोखिम नही उठाना चाहते


(अगर सही ढंग से चुने जायें तो ये अन्य संपत्ति वर्गों की तुलना में बेहतर रिटर्न दे सकते हैं).


अगर आप जोखिम उठाने की हिम्मत के साथ एक लंबी अवधि के निवेशक हैं और मुद्रास्फीति को हराने के लिये रिटर्न की तलाश में हैं तो इक्विटी फंड सर्वोच्च चुनाव है। म्यूचुअल फंड विभिन्न प्रकार की इक्विटी और इक्विटी आधारित योजनाओं  (देखें फंड कैन्डी) को पेश करता है। शुरूआत में विविध फंड के साथ निवेश करना उचित होगा और धीरे धीरे आप ऋण जोखिम के क्षेत्र और विशेष फंड में भी हाथ आजमा सकते हैं।

नजर रखें

सिर्फ आवेदन फॉर्म भर देना और चेक लिखना ही काफी नही है। आपके निवेश कैसा प्रदर्शन कर रहे हैं , इस पर नजर रखना भी उतना ही जरूरी है। एक योग्य और पेशेवर निवेश सलाहकार जो आपको सही निर्णय लेने और आपके निवेशों के प्रदर्शन के मापने दोनों में सहायता कर सकता है। साथ ही आपको ये भी जानना चाहिये कि आप खुद की छोटी सी मदद निम्न स्त्रोतों के द्वारा कैसे कर सकते हैं।

फैक्ट शीट और न्यूजलैटर

म्यूचुअल फंड मासिक और त्रैमासिक फैक्ट शीट और न्यूजलैटर प्रकाशित करते हैं जिनमें पोर्टफोलियो की जानकारी ,फंड मैनेजर द्वारा प्रबंधित योजनाओं और उनके प्रदर्शन आंकङों की रिपोर्ट प्रकाशित होती है।

वेबसाइट

म्यूचुअल फंड की वेबसाइट प्रदर्शन आंकङे , दैनिक NAV (नेट ऐसेट वैल्यू) , फंड फैक्ट शीट , त्रैमासिक न्यूजलैटर और प्रेस क्लिपिंग इत्यादि उपलब्ध कराती है। इसके अलावा भारत में म्यूचुअल फंड एसोसियेशन( AMFI ) की वेबसाइट भी है जिसमें दैनिक और ऐतिहासिक NAV और अन्य योजनाओं के बारे में सूचना होती हैं।

समाचार पत्र

समाचार पत्र के पृष्ठों में म्यूचुअल फंड योजनाओं की बिक्री , NAV और रिडेम्पशन मूल्य की जानकारी होती है। इसके अलावा अन्य आर्थिक विश्लेषण और रिपोर्ट भी होती हैं।

याद रखें

आपके लिये सही सूचना की जानकारी रखना बहुत महत्वपूर्ण है। इसे पाने के लिये आपको बस थोङा सा समय सूचना को समझने और विश्लेषण करने में खर्च करना होगा। जो आपके निवेश की सफलता की संभावना को बढाने के लिये जरूरी है। जितना समय आप धन कमाने में लगाते हैं अगर उसका एक प्रतिशत भी इस पर खर्च करें तो ये अच्छी शुरूआत होगी। इन सबसे ज्यादा एक पेशेवर सलाहकार की मदद सही फंड चुनने के लिये लें जिसमें SIP(सिस्टेमैटिक इन्वेस्ट प्लान),STP(सिस्टेमैटिक ट्रांसफर प्लान), और एकमुश्त निवेश का सही मिश्रण हो।  


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